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पड़ाव स्थल की बदहाली पर हरैया के महंत नाराज, अनशन पर बैठे
Amarujala Bureau
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:08 PM IST
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नैमिष
- फोटो : अमर उजाला
84 कोसी परिक्रमा के पड़ाव स्थलों की दुर्दशा व बदहाली को लेकर हरैया आश्रम केे महंत शिवरामदास का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जरिगवां पड़ाव पर विरोध जताते हुए पंडाल में आसन लगाया और अनशन पर बैठ गए। प्रशासनिक अमला उन्हें मनाने में जुटा रहा लेकिन किसी की एक न चली।
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महंत ने कहा कि परिक्रमा के पड़ाव स्थल बदहाल होते जा रहे हैं। जरिगवां का तीर्थ गायब हो गया है, उसने सूखे तालाब का रूप ले लिया है। पेयजल व्यवस्था के तहत कहने को तो प्रशासन ने टैंकर लगाए हैं, लेकिन कोई यह देखने वाला नहीं है कि टैंकर में पानी है भी या नहीं।
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पड़ाव पर खाली टैंकर भेजे जा रहे हैं। साफ-सफाई नहीं हो रही है। बिजली की व्यवस्था भी नहीं की गई है। अधिकांश पड़ाव अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं। इस बार भी बराह कूप के दर्शन नहीं हो सकेे। अब आने वाला कोल्हुआ बरेठी पड़ाव भी बदहाल पड़ा है।
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बद्रीनाथ, केदारनाथ, चित्रकूट जैसे पूज्यनीय स्थल अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। लक्ष्मण टीला खनन की भेंट चढ़ गया है। इसी तरह से तमाम आरोप लगाते हुए महंत ने विरोध जताया।
उधर, महंत के अनशन पर बैठने की सूचना मिलते ही तहसीलदार महेंद्र सिंह जरिगवां पहुंचे और उन्होंने महंत को मनाने का प्रयास किया, लेकिन मह्रंत का विरोध जारी था। महंत शिवराम दास काफी मान-मनौव्वल के बाद भी पंडाल से बाहर नहीं निकले। उनके साथ अन्य संत भी अनशन पर बैठ गए हैं।