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नदियां उफनाईं, रपटा पुल के ऊपर बह रहा पानी
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रामपुर मथुरा में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर ग्राम अखरी गांव को जाने वाले मुख्य मार्ग सहित कुछ घरो?
- फोटो : SITAPUR
रेउसा/रामपुर मथुरा। शारदा व सरयू नदी अब फिर उफनाने लगीं हैं। महमूदाबाद तहसील के अखरी गांव में रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। पुल पर पानी भरने से लोग सहमे हैं। आवागमन ठप हो गया है। जलस्तर बढ़ने से बिसवां तहसील के पासिनपुरवा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। गांव से महज तीन मीटर दूर नदी का पानी आ गया है। इससे भयभीत छह परिवार अपना पक्का मकान तोड़ पलायन कर गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा की एक दीवार ढह गई है। करीब 15 बीघा परती जमीन कटान में समा गई है। पांच लोगों के घर कटान में बह गए। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से जिले में बह रही शारदा व सरयू नदी उफनाने लगी है। मंगलवार को जलस्तर में काफी वृद्धि देखी गई। बिसवां तहसील के पासिनपुरवा में नदी का पानी काफी करीब पहुंच गया है।
गांव से महज तीन मीटर दूर नदी बह रही है। इसकी वजह से गांव के रामनरेश, राम प्रसाद, नंदकिशोर, मुकद्दम ने मंगलवार को अपना मकान तोड़ लिया। इन लोगों ने सुरक्षित स्थान पर डेरा डाल लिया है। सुनील व रामदुलारे की झोपड़ी कटान में कट गई। जबकि किशोरी, शुभकरन व रामदास के घर पर कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। इन लोगों के घर एकदम पानी के समीप आ गए है। इससे यह लोग भी पलायन करने की तैयारी कर रहे है।
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परमेश्वरपुरवा में भी पानी करीब पहुंच गया है। वहां के राकेश व मैकूलाल ने अपने मकान तोड़कर पलायन कर दिया है। इन दोनों गांव के मेढ़ीलाल, दुर्गा प्रसाद, मुकम, सुरेश, रामनरेश व नंदकिशोर की करीब 15 बीघा परती जमीन कटान में समा गई है। प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा की एक दीवार पानी में ढह गई है। अब स्कूल पूरी तरह से कटने की कगार पर पहुंच रहा है। फौजदारपुरवा के श्यामलाल, सुंदर व विश्वम्भर के घर कटान में समा गए। यह लोग पहले ही पलायन कर गए थे।
अखरी गांव के अस्तित्व पर संकट
महमूदाबाद तहसील में बहने वाली सरयू नदी में बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण अचानक जलस्तर में काफ ी वृद्धि होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई है। जलस्तर बढ़ने से कटान के मुहाने पर बसे गांव अखरी की मुश्किलें बढ़ गई है। यहां गांव के अंदर आने-जाने वाले मुख्य मार्ग पर बने रपटा पुल पर करीब दो से ढाई फिट ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित है।
इसमें रमेश बाबू व पवन का परिवार चारों तरफ से पानी से घिर गया है। वहीं, गांव के पड़ोस से हेतमापुर को जाने वाले मार्ग पर कटान तेज हो गई है। बाढ़ व सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए लगातार बांस बल्ली व झाड़ी लगाकर प्रयास कर रहे है। लेकिन तेज बहाव के सामने सारे प्रयास बेकार साबित हो रहे है। नदी लगातार अखरी गांव के अस्तित्व को मिटाने के लिए बढ़ रही है। अब गांव में मात्र 15 परिवार ही बचे हुए है। आधे गांव के लोग पहले ही विस्थापित होकर अपने सगे संबंधियों के यहां शरण ली है।
संपर्क मार्ग पर भरा पानी
मारूबेहड़ से बसंतापुर संपर्क मार्ग पर जलभराव हो गया है। रखरखाव व जलनिकासी का सही इंतजाम न होने से इस पर से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है। जबकि इस मार्ग से फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा, परमेश्वरपुरवा, लोधनीपुरवा, पासिनपुरवा आदि गांवों को रास्ता जाता है। जबकि यह सभी गांव अब कटान के मुहाने पर आ गए है। अगर इस मार्ग को सही नहीं किया गया तो इन गांवों के जाने का संपर्क मार्ग कट जाएगा। इससे बहुत दिक्कतें आएंगी।
पासिनपुरवा में पीड़ितों को त्रिपाल मुहैय्या करा दिए गए है। इसके अलावा उनकी मदद की जा रही है। बरसात का पानी नदियों में आने से जलस्तर बढ़ा है। लेकिन अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। सड़क बनवाने के लिए पीडब्लूडी को निर्देशित किया जा चुका है।
अभिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार बिसवां
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प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा की एक दीवार ढह गई है। करीब 15 बीघा परती जमीन कटान में समा गई है। पांच लोगों के घर कटान में बह गए। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से जिले में बह रही शारदा व सरयू नदी उफनाने लगी है। मंगलवार को जलस्तर में काफी वृद्धि देखी गई। बिसवां तहसील के पासिनपुरवा में नदी का पानी काफी करीब पहुंच गया है।
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गांव से महज तीन मीटर दूर नदी बह रही है। इसकी वजह से गांव के रामनरेश, राम प्रसाद, नंदकिशोर, मुकद्दम ने मंगलवार को अपना मकान तोड़ लिया। इन लोगों ने सुरक्षित स्थान पर डेरा डाल लिया है। सुनील व रामदुलारे की झोपड़ी कटान में कट गई। जबकि किशोरी, शुभकरन व रामदास के घर पर कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। इन लोगों के घर एकदम पानी के समीप आ गए है। इससे यह लोग भी पलायन करने की तैयारी कर रहे है।
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परमेश्वरपुरवा में भी पानी करीब पहुंच गया है। वहां के राकेश व मैकूलाल ने अपने मकान तोड़कर पलायन कर दिया है। इन दोनों गांव के मेढ़ीलाल, दुर्गा प्रसाद, मुकम, सुरेश, रामनरेश व नंदकिशोर की करीब 15 बीघा परती जमीन कटान में समा गई है। प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा की एक दीवार पानी में ढह गई है। अब स्कूल पूरी तरह से कटने की कगार पर पहुंच रहा है। फौजदारपुरवा के श्यामलाल, सुंदर व विश्वम्भर के घर कटान में समा गए। यह लोग पहले ही पलायन कर गए थे।
अखरी गांव के अस्तित्व पर संकट
महमूदाबाद तहसील में बहने वाली सरयू नदी में बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण अचानक जलस्तर में काफ ी वृद्धि होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई है। जलस्तर बढ़ने से कटान के मुहाने पर बसे गांव अखरी की मुश्किलें बढ़ गई है। यहां गांव के अंदर आने-जाने वाले मुख्य मार्ग पर बने रपटा पुल पर करीब दो से ढाई फिट ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित है।
इसमें रमेश बाबू व पवन का परिवार चारों तरफ से पानी से घिर गया है। वहीं, गांव के पड़ोस से हेतमापुर को जाने वाले मार्ग पर कटान तेज हो गई है। बाढ़ व सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए लगातार बांस बल्ली व झाड़ी लगाकर प्रयास कर रहे है। लेकिन तेज बहाव के सामने सारे प्रयास बेकार साबित हो रहे है। नदी लगातार अखरी गांव के अस्तित्व को मिटाने के लिए बढ़ रही है। अब गांव में मात्र 15 परिवार ही बचे हुए है। आधे गांव के लोग पहले ही विस्थापित होकर अपने सगे संबंधियों के यहां शरण ली है।
संपर्क मार्ग पर भरा पानी
मारूबेहड़ से बसंतापुर संपर्क मार्ग पर जलभराव हो गया है। रखरखाव व जलनिकासी का सही इंतजाम न होने से इस पर से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है। जबकि इस मार्ग से फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा, परमेश्वरपुरवा, लोधनीपुरवा, पासिनपुरवा आदि गांवों को रास्ता जाता है। जबकि यह सभी गांव अब कटान के मुहाने पर आ गए है। अगर इस मार्ग को सही नहीं किया गया तो इन गांवों के जाने का संपर्क मार्ग कट जाएगा। इससे बहुत दिक्कतें आएंगी।
पासिनपुरवा में पीड़ितों को त्रिपाल मुहैय्या करा दिए गए है। इसके अलावा उनकी मदद की जा रही है। बरसात का पानी नदियों में आने से जलस्तर बढ़ा है। लेकिन अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। सड़क बनवाने के लिए पीडब्लूडी को निर्देशित किया जा चुका है।
अभिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार बिसवां