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Sitapur News: मृतक के आय प्रमाणपत्र की जांच करने पहुंची राजस्व टीम
Tue, 20 Oct 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:11 AM IST
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संदना। दो साल पहले मृत व्यक्ति के नाम तहसील से बने 60 हजार रुपये सालाना आय प्रमाणपत्र मामले की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम शंकरपुर गांव पहुंची और मामले की जांच की। टीम ने मृतक के परिजनों से पूछताछ कर आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किए जाने की वजह जानी।
मामला संदना क्षेत्र की रामगढ़ ग्राम पंचायत के मजरा शंकरपुर निवासी कन्हई पुत्र दुनऊ से जुड़ा है। कन्हई की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई थी। उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को तहसील मिश्रिख से उनके नाम 60 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता के साथ उजागर करने के साथ ही प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसका संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू की है।
जांच के दौरान परिजनों ने राजस्व टीम को बताया कि उन्हें मृतक की पत्नी की पेंशन बनवानी थी। इसके लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी, लेकिन जानकारी के अभाव में उन्होंने मृतक के नाम से ही आवेदन कर दिया। हालांकि, आवेदन के बाद सत्यापन की प्रक्रिया में मृतक की स्थिति की पुष्टि क्यों नहीं हो सकी, यह अब भी सवालों के घेरे में है। सोमवार को तहसीलदार शर्तेंदु सिंह के नेतृत्व में कानूनगो सुशील त्रिपाठी, लेखपाल अमर पाल और क्षेत्रीय लेखपाल सुधीर यादव ने गांव पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की।
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इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि आवेदन से लेकर प्रमाणपत्र जारी होने तक किन स्तरों पर सत्यापन किया गया और कहां चूक हुई। तहसीलदार शर्तेंदु ने बताया कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर ही सत्यापन में लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
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मामला संदना क्षेत्र की रामगढ़ ग्राम पंचायत के मजरा शंकरपुर निवासी कन्हई पुत्र दुनऊ से जुड़ा है। कन्हई की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई थी। उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को तहसील मिश्रिख से उनके नाम 60 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता के साथ उजागर करने के साथ ही प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसका संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू की है।
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जांच के दौरान परिजनों ने राजस्व टीम को बताया कि उन्हें मृतक की पत्नी की पेंशन बनवानी थी। इसके लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी, लेकिन जानकारी के अभाव में उन्होंने मृतक के नाम से ही आवेदन कर दिया। हालांकि, आवेदन के बाद सत्यापन की प्रक्रिया में मृतक की स्थिति की पुष्टि क्यों नहीं हो सकी, यह अब भी सवालों के घेरे में है। सोमवार को तहसीलदार शर्तेंदु सिंह के नेतृत्व में कानूनगो सुशील त्रिपाठी, लेखपाल अमर पाल और क्षेत्रीय लेखपाल सुधीर यादव ने गांव पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की।
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इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि आवेदन से लेकर प्रमाणपत्र जारी होने तक किन स्तरों पर सत्यापन किया गया और कहां चूक हुई। तहसीलदार शर्तेंदु ने बताया कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर ही सत्यापन में लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।