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टिकट के लिए राहू और मंगल को बना रहे ताकतवर
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सीतापुर। जिले में चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। अब टिकट पाने के लिए जंग तेज हो गई है। ऐसे में दावेदार पार्टी के बड़े नेताओं, अलंबरदारों की चौखट पर टिकट के लिए अरदास लगा रहे हैं। लखनऊ-दिल्ली में डेरा भी डाले हैं। इन सबके बीच सबसे दिलचस्प है कि कई दावेदार ज्योतिषाचार्यों की मदद भी ले रहे हैं। सुबह से शाम तक कुंडली दिखाकर राजनीतिक योग, कारक ग्रह को मजबूत करने में लगे हुए हैं। हवन-पूजन कर टिकट मिलने की मनौती मांग रहे हैं।
23 फरवरी को जिले में विधानसभा चुनाव होना है। इसके लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं ने अब टिकट के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है। हालांकि, गणेश परिक्रमा पहले से ही जारी थी, लेकिन अब तैयारी और तेज हो चली है। राजनीतिक दलों की बात करें तो अभी तक कांग्रेस पार्टी ने सदर, बिसवां में अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। बसपा ने बिसवां प्रत्याशी का टिकट फाइनल कर दिया है। आप ने सदर, मिश्रिख और महोली में प्रत्याशी उतार दिए हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबले में नजर आ रही भाजपा और सपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।
चुनाव का समय करीब आते ही दावेदारों की टिकट मिलने और कटने को लेकर धड़कने भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में इन दिनों टिकट को लेकर मारामारी मची हुई है। दावेदार हर तरह के जतन कर रहे हैं। कैसे भी हो, किसी भी तरह से बस टिकट मिल जाए। ऐसे में दावेदार भाग्य जानने के लिए ज्योतिषाचार्यों के पास पहुंच रहे हैं। उनकी शरण में जाकर अपनी कुंडली खंगलवा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य भी कुंडली देखकर नेताओं को उपाय और तरीके बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों की माने तो राहू और मंगल राजनीतिक ग्रह हैं। ऐसे में दावेदार उपाय पूछकर इन ग्रहों को मजबूत करने के लिए हवन-पूजन तक कर रहे हैं।
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हवन-पूजन का ले रहे सहारा
भाजपा के एक नेता हैं। पूर्व में नगर पालिका का चुनाव भी लड़ चके हैं। वह महोली से अपनी दावेदारी ठोंक रहे हैं। हालांकि, अभी टिकट मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन वह कोशिश में पूरी लगे हैं। इसके लिए नेताओं से संपर्क मजबूत कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ में भी जुगाड़ लगा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही ज्योतिषाचार्य के पास पहुंचकर कुंडली दिखा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि राहू कमजोर है। इसके लिए उपाय करिये। हवन भी करवाया है।
हरगांव विधानसभा क्षेत्र की सीट से सपा के टिकट से चुनाव लड़ने के लिए एक नेता काफी बेकरार हैं। उनकी पार्टी हाईकमान से बातचीत भी चल रही है। दावा तो वह क्षेत्र में ही यही कर रहे हैं, लेकिन अभी टिकट फाइनल नहीं हुआ है। ऐसे में वह भाग्य का भी सहारा ले रहे हैं। इन्होंने भी ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली दिखवाई है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर है। उसके लिए उपाय करने बताए गए हैं।
‘कुंडली देख बताते हैं उपाय’
ज्योतिषाचार्य सदानंद द्विवेदी बताते हैं कि वैसे तो कुंडली के सभी ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन राजनीति के क्षेत्र में जाने वालों का राहू और मंगल ग्रह उच्च कोटि का होना चाहिए। ऐसे व्यक्ति ही राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। वह बताते हैं कि इन दिनों उनके पास 10 से 15 लोग ऐसे आ रहे हैं, जो अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वह टिकट के लिए प्रयासरत हैं। कुंडली दिखाकर पूछते हैं कि टिकट मिलेगा या नहीं। उनकी कुंडली देखने के बाद जिनके यह ग्रह कमजोर होते हैं, उन्हें मजबूत करने के लिए उपाय बताए जाते हैं।
किसी का जीत तो किसी का टिकट के लिए अनुष्ठान
कहते हैं मानो तो गंगा मां न मानो तो बहता पानी। जी हां, चुनावी बेला में कुछ ऐसा ही नजारा नैमिष में देखने को मिल रहा है। यहां पर कई नेताओं के अनुष्ठान चल रहे हैं। जिसे टिकट मिल गया है उसका जीत के लिए अनुष्ठान चल रहा है तो जिसे नहीं मिला है, उसका टिकट मिलने के लिए अनुष्ठान जारी है।
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23 फरवरी को जिले में विधानसभा चुनाव होना है। इसके लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं ने अब टिकट के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है। हालांकि, गणेश परिक्रमा पहले से ही जारी थी, लेकिन अब तैयारी और तेज हो चली है। राजनीतिक दलों की बात करें तो अभी तक कांग्रेस पार्टी ने सदर, बिसवां में अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। बसपा ने बिसवां प्रत्याशी का टिकट फाइनल कर दिया है। आप ने सदर, मिश्रिख और महोली में प्रत्याशी उतार दिए हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबले में नजर आ रही भाजपा और सपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।
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चुनाव का समय करीब आते ही दावेदारों की टिकट मिलने और कटने को लेकर धड़कने भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में इन दिनों टिकट को लेकर मारामारी मची हुई है। दावेदार हर तरह के जतन कर रहे हैं। कैसे भी हो, किसी भी तरह से बस टिकट मिल जाए। ऐसे में दावेदार भाग्य जानने के लिए ज्योतिषाचार्यों के पास पहुंच रहे हैं। उनकी शरण में जाकर अपनी कुंडली खंगलवा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य भी कुंडली देखकर नेताओं को उपाय और तरीके बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों की माने तो राहू और मंगल राजनीतिक ग्रह हैं। ऐसे में दावेदार उपाय पूछकर इन ग्रहों को मजबूत करने के लिए हवन-पूजन तक कर रहे हैं।
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हवन-पूजन का ले रहे सहारा
भाजपा के एक नेता हैं। पूर्व में नगर पालिका का चुनाव भी लड़ चके हैं। वह महोली से अपनी दावेदारी ठोंक रहे हैं। हालांकि, अभी टिकट मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन वह कोशिश में पूरी लगे हैं। इसके लिए नेताओं से संपर्क मजबूत कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ में भी जुगाड़ लगा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही ज्योतिषाचार्य के पास पहुंचकर कुंडली दिखा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि राहू कमजोर है। इसके लिए उपाय करिये। हवन भी करवाया है।
हरगांव विधानसभा क्षेत्र की सीट से सपा के टिकट से चुनाव लड़ने के लिए एक नेता काफी बेकरार हैं। उनकी पार्टी हाईकमान से बातचीत भी चल रही है। दावा तो वह क्षेत्र में ही यही कर रहे हैं, लेकिन अभी टिकट फाइनल नहीं हुआ है। ऐसे में वह भाग्य का भी सहारा ले रहे हैं। इन्होंने भी ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली दिखवाई है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर है। उसके लिए उपाय करने बताए गए हैं।
‘कुंडली देख बताते हैं उपाय’
ज्योतिषाचार्य सदानंद द्विवेदी बताते हैं कि वैसे तो कुंडली के सभी ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन राजनीति के क्षेत्र में जाने वालों का राहू और मंगल ग्रह उच्च कोटि का होना चाहिए। ऐसे व्यक्ति ही राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। वह बताते हैं कि इन दिनों उनके पास 10 से 15 लोग ऐसे आ रहे हैं, जो अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वह टिकट के लिए प्रयासरत हैं। कुंडली दिखाकर पूछते हैं कि टिकट मिलेगा या नहीं। उनकी कुंडली देखने के बाद जिनके यह ग्रह कमजोर होते हैं, उन्हें मजबूत करने के लिए उपाय बताए जाते हैं।
किसी का जीत तो किसी का टिकट के लिए अनुष्ठान
कहते हैं मानो तो गंगा मां न मानो तो बहता पानी। जी हां, चुनावी बेला में कुछ ऐसा ही नजारा नैमिष में देखने को मिल रहा है। यहां पर कई नेताओं के अनुष्ठान चल रहे हैं। जिसे टिकट मिल गया है उसका जीत के लिए अनुष्ठान चल रहा है तो जिसे नहीं मिला है, उसका टिकट मिलने के लिए अनुष्ठान जारी है।