{"_id":"635c22a59231255f06729e56","slug":"puja-hit-by-inflation-prices-of-materials-increased-by-20-percent-sitapur-news-lko654611974","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhath Puja: छठ पूजा पर महंगाई की मार, 20 फीसदी तक बढ़े पूजन सामग्री के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhath Puja: छठ पूजा पर महंगाई की मार, 20 फीसदी तक बढ़े पूजन सामग्री के दाम
Sat, 29 Oct 2022 04:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 04:13 PM IST
सार
इस बार छठ पर्व पर महंगाई की मार पड़ रही है। पूजन सामग्री के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। हालांकि, लोगों का कहना है कि महंगाई कितनी भी ज्यादा हो पूजा करना भी तो जरूरी है।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की नहाय खाय के साथ शुरुआत हो गई है। पहले दिन श्रद्धालुओं ने स्नान कर भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की। बाद में तालाब व सरायन नदी के तट पर वेदी भी बनाई गईं। हालांकि इस बार छठ पूजा पर महंगाई का असर दिखाई दिया। पूजन सामग्री के मूल्य में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
मान्यता है कि छठ पूजा करने से परिवार की समृद्धि बढ़ने के साथ कष्टों का निवारण होता है। नहाय खाय के दिन महिलाओं ने चावल, लौकी की सब्जी और चने की दाल प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। घर के सभी सदस्यों ने भी इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। छठ के दूसरे दिन शनिवार को महिलाएं दिन भर उपवास रखेंगी और शाम को खरना करती हैं। शाम को सूर्यास्त होने पर भगवान सूर्य की पूजा के बाद व्रती महिलाएं सिर्फ एक बार दूध और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसके बाद उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।
ये भी पढ़ें - मुख्यमंत्री योगी की छठ पर्व की तैयारियों को लेकर बैठक: दिए निर्देश- स्वच्छ व सुरक्षित छठ का संदेश दें
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - मरीज की चोटी पकड़कर बेड पर धक्का देने का मामला: अस्पताल के सीएमएस बोले- कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ
पूजन सामग्री पर महंगाई की मार के बाद भी लोग छठ पर्व को पूरी श्रद्धा व उल्लास के साथ मना रहे हैं। शहर की एक दुकान पर पूजन सामग्री खरीदने पहुंची शांति देवी ने बताया कि 10 वर्षों से वह यह व्रत कर रही हैं। सामग्री के दाम भले ही बढ़ गए हैं, लेकिन व्रत करना भी तो जरूरी है। अपने बजट के अनुसार सामग्री खरीदकर छठ पूजा करेंगे।
पूजन सामग्री में तुलनात्मक वृद्धि
सामग्री -- पिछले साल -- वर्तमान मूल्य
डलिया पूरा सेट -- 120 रुपये -- 150 रुपये
बांस की सुपली -- 60 रुपये -- 80 रुपये
सिंघाड़ा (प्रति किग्रा.) -- 30 रुपये -- 40 रुपये
सेब (प्रति किग्रा.) -- 80 रुपये -- 100 रुपये
शरीफा (प्रति किग्रा.) -- 80 रुपये -- 100 रुपये
केला (दर्जन में) -- 30 रुपये -- 40 रुपये
अमरूद (प्रति किग्रा.) -- 45 रुपये -- 60 रुपये
संतरा -- 80 रुपये -- 100 रुपये
सिंदूर पैकेट -- 10 रुपये -- 15 रुपये
नारियल -- 40 रुपये पीस -- 50 रुपये पीस
अन्नानास -- 50 रुपये पीस -- 60 रुपये पीस
तरबूज -- 30 रुपये पीस -- 40 रुपये पीस
विज्ञापन
मान्यता है कि छठ पूजा करने से परिवार की समृद्धि बढ़ने के साथ कष्टों का निवारण होता है। नहाय खाय के दिन महिलाओं ने चावल, लौकी की सब्जी और चने की दाल प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। घर के सभी सदस्यों ने भी इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। छठ के दूसरे दिन शनिवार को महिलाएं दिन भर उपवास रखेंगी और शाम को खरना करती हैं। शाम को सूर्यास्त होने पर भगवान सूर्य की पूजा के बाद व्रती महिलाएं सिर्फ एक बार दूध और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसके बाद उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - मुख्यमंत्री योगी की छठ पर्व की तैयारियों को लेकर बैठक: दिए निर्देश- स्वच्छ व सुरक्षित छठ का संदेश दें
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - मरीज की चोटी पकड़कर बेड पर धक्का देने का मामला: अस्पताल के सीएमएस बोले- कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ
पूजन सामग्री पर महंगाई की मार के बाद भी लोग छठ पर्व को पूरी श्रद्धा व उल्लास के साथ मना रहे हैं। शहर की एक दुकान पर पूजन सामग्री खरीदने पहुंची शांति देवी ने बताया कि 10 वर्षों से वह यह व्रत कर रही हैं। सामग्री के दाम भले ही बढ़ गए हैं, लेकिन व्रत करना भी तो जरूरी है। अपने बजट के अनुसार सामग्री खरीदकर छठ पूजा करेंगे।
पूजन सामग्री में तुलनात्मक वृद्धि
सामग्री -- पिछले साल -- वर्तमान मूल्य
डलिया पूरा सेट -- 120 रुपये -- 150 रुपये
बांस की सुपली -- 60 रुपये -- 80 रुपये
सिंघाड़ा (प्रति किग्रा.) -- 30 रुपये -- 40 रुपये
सेब (प्रति किग्रा.) -- 80 रुपये -- 100 रुपये
शरीफा (प्रति किग्रा.) -- 80 रुपये -- 100 रुपये
केला (दर्जन में) -- 30 रुपये -- 40 रुपये
अमरूद (प्रति किग्रा.) -- 45 रुपये -- 60 रुपये
संतरा -- 80 रुपये -- 100 रुपये
सिंदूर पैकेट -- 10 रुपये -- 15 रुपये
नारियल -- 40 रुपये पीस -- 50 रुपये पीस
अन्नानास -- 50 रुपये पीस -- 60 रुपये पीस
तरबूज -- 30 रुपये पीस -- 40 रुपये पीस