फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Projects pending in waiting for budget

बजट के इंतजार में अटकीं परियोजनाएं

Wed, 15 May 2019 11:47 PM IST
आलोक alok न्यूज डेस्क, सीतापुर
न्यूज डेस्क, सीतापुर Published by: आलोक alok Updated Wed, 15 May 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
अधूरा पड़ा है आचार्य नरेन्द्र देव पार्क
विज्ञापन

जिले के इलसिया पार्क के पड़ोस में आचार्य नरेन्द्र देव पार्क करीब ढाई बरस पहले बनना शुरू हुआ था। यह 92 हेक्टेअर भू-भाग पर बन रहा है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पहली किश्त के रूप में चार करोड़ मिलने से काम शुरू हुआ था। इसके बाद धनराशि न मिलने से यह काम रुका है। धीरे-धीरे काफी समय बीत चुका है। इसकी सुधि लेना वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन


बीच में ही रुक गया दो राजकीय महिला महाविद्यालय का काम
पुराने शहर में दस करोड़ 21 लाख 42 हजार की लागत से राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण के लिए 2015 में बजट स्वीकृत हुआ थ्ाा। तीन करोड़ 50 लाख रुपए अवमुक्त किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस धनराशि से फरवरी 2016 में कार्य प्रारंभ हुआ। शेष धनराशि न मिलने से कार्य अधूरा है। तहसील मिश्रिख क्षेत्र में राज्य सेक्टर योजना से राजकीय महिला महाविद्यालय निर्माण के लिए तीन नवम्बर 2015 को आठ करोड़ 43 लाख 74 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। इसके सापेक्ष तीन करोड़ रुपए अवमुक्त किए गए।अवशेष धन न मिलने काम अधूरा है।

चार लेन का बनना है रेलवे ओवरब्रिज, रफ्तार सुस्त 
सीतापुर-लखीमपुर राजमार्ग पर ब्राडगेज रेलवे समपार संख्या 73ए पर चार लेन का रेल ओवरब्रिज बनना है। इसके लिए सेतु निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पुल पर 4649.83 लाख रुपये खर्च होने है। पहली किश्त के रुप में 182.83 लाख रुपये अवमुक्त किए जा चुके है।

इससे पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। अब बजट के अभाव में इसकी रफ्तार मंद पड़ गई है। जबकि यह अगर जल्द शुरू हो जाए तो शहरवासियों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। 


जिले में विकास कार्य का पहिया तो घूमा, लेकिन यह रफ्तार नहीं भर सका। कारण, जिले में कई महत्वपूर्ण योजनाएं बजट के अभाव में ठप पड़ी है। चाहे ओवरब्रिज की बात हो डिग्री कॉलेज व शानदार पार्क की। सब अनदेखी के कारण आधे अधूरे निर्माण कार्य रुके पड़े है।

इससे जिलेवासियों को लाभ मिलना तो दूर इन्हें और भी समस्याएं उठानी पड़ रही हैं। इसकी तस्दीक ऊपर दिए गए केस कर रहे है। जिले के लोगों को ओवरब्रिज, कॉलेज व पार्क की सुविधा मिले। इसके लिए योजनाएं बनाई गई।

इन योजनाओं के तहत शासन ने विकास कार्यों को मंजूरी देते हुए पहली किश्त का बजट भी दे दिया। लेकिन एक किश्त मिलने के बाद दोबारा किश्त ही नहीं मिली। इसकी वजह से काम शुरू होने के बाद यह बंद कर दिए गए।

इन कामों को बंद हुए धीरे-धीरे महीनों गुजर गए। अब यह दोबारा कब शुरू होंगे, इसका जवाब जिम्मेदारों के पास भी नहीं है। इससे अब इनका लाभ मिलना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है।


पुराने सीतापुर में डिग्री कॉलेज न होने से छात्राएं एडमिशन के समय भटकती रहती है। वही पार्क न होने से बच्चों को दिक्कत होती है। ओवरब्रिज अधूरा होने से जाम की समस्या नासूर बन गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed