फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Prisons Minister could not win his own daughters from block

बेटियों को अपने ही ब्लॉक से न जिता सके कारागार मंत्री

Mon, 02 Nov 2015 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर Updated Mon, 02 Nov 2015 12:00 AM IST
विज्ञापन

गहमागहमी के बीच रविवार को शुरू हुई मतगणना में सभी की निगाहें वीआईपी उम्मीदवारों पर लगी रही। हर कोई दिग्गज व माननीयों के करीबियों का चुनाव नतीजा जानने को उत्सुक था।

विज्ञापन


रविवार 11 बजे से बीडीसी पदों के नतीजे आने शुरू हो गए। इस दौरान कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। सूबे के कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी ने अपनी दोनों बेटियों को बीडीसी का चुनाव जिताने में पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन नाकाम रहे।
विज्ञापन


सपा महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह के पति व बेटे को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ऐलिया सुरेंद्र विक्रम सिंह तथा पूर्व ब्लॉक प्रमुख मछरेहटा जानकी भार्गव को जनता ने नकार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश सरकार के कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी की बेटी पिंकी ब्लॉक मछरेहटा से वार्ड नंबर 49 से बीडीसी का चुनाव लड़ रही थीं। पिंकी को उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांती देवी ने 57 मतों से पराजित कर दिया।

जबकि राज्यमंत्री की दूसरी बेटी नीरमा राजवंशी वार्ड नंबर 28 से बीडीसी बनने का ख्वाब पालकर चुनाव मैदान में थीं। नीरमा को उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी आशीष भार्गव ने 150 मतों से करारी शिकस्त दी।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख मछरेहटा जानकी भार्गव वार्ड नंबर 35 से बीडीसी के उम्मीदवार थे। जानकी को उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्रवण कुमार ने 121 मतों से चुनाव हरा दिया है।

सपा महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह के पति शिव कुमार सिंह ब्लॉक एलिया के वार्ड नंबर 64 से बीडीसी बनने की चाहत में जनता के दरबार में थे। शिव कुमार सिंह को महज 81 मत ही मिले।

वह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। गीता सिंह के बेटे राहुल सिंह वार्ड नंबर 36 से चुनाव हार गए हैं। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनिल त्रिवेदी ने 17 मतों से राहुल को शिकस्त दी।


पूर्व ब्लॉक प्रमुख एलिया सुरेंद्र विक्रम सिंह वार्ड नंबर 12 से बीडीसी का चुनाव लड़ रहे थे। सुरेंद्र के निकटतम प्रतिद्वंद्वी अमरेन्द्र सिंह ने उन्हें 139 मतों से हरा दिया। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह की पत्नी मंजू सिंह वार्ड नंबर 81 से बीडीसी पद की उम्मीदवार थीं। मंजू को कविता सिंह ने 206 मतों के भारी अंतर से पराजित कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed