फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Police admitted that the car belonged to Jayesh's family

Sitapur News: नहीं सुलझी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की गुत्थ

Tue, 07 Nov 2023 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 07 Nov 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
Police admitted that the car belonged to Jayesh's family
पुलिस ने माना जयेश के परिजनों की है कार
विज्ञापन

दूसरे दिन भी थाने पर खड़ी रही कार, निजी अंग पर चोट पहुंचाने की बात आई सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। महमूदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में खुलासा होने के बाद भी गुत्थी उलझी हुई नजर आ रही है। पुलिस ने माना है कि कार जयेश के परिजनों की ही है। लेकिन अब तक पुलिस यह बात नहीं स्पष्ट कर पाई है कि शत्रुघन पाल (38) की हत्या के लिए कितने रुपये की सुपारी दी गई थी। जब हॉकी से सिर पर वार किया गया तो मृतक के निजी अंग पर चोट कैसे आई। मामले में अब एसपी ने विशेष रूप से जांच किए जाने की बात कही है।
क्षेत्र के ख्वाबीपुर गांव में शुक्रवार को लखनऊ के चिनहट बड़ी देवरिया निवासी शत्रुघन पाल (38) की हत्या कर उसका शव फेंका गया था। वह प्राॅपर्टी डीलिंग का काम करता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर गंभीर चोटें आईं हैं। इसके साथ ही उसके निजी अंग पर भी चोट आने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन

रविवार को पुलिस ने तीन आरोपियों लखनऊ के गुडंबा मोहम्मदपुर खत्री कन्हैयानगर निवासी अजय सिंह, नितिन सिंह और चार ए सनराइज अपार्टमेंट सेक्टर 10 इंसाफ नगर निवासी जयेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का कहना था कि हत्या प्राॅपर्टी के विवाद में की गई। जिसकी सुपारी जयेश ने दी थी। पुलिस ने जयेश को कैमहरा मोड़ कोल्ड स्टोर से गिरफ्तार करने का दावा किया था। लेकिन सूत्रों की मानें तो जयेश खुद ही एक काले रंग की सफारी से चलकर महमूदाबाद कोतवाली आया था जो सोमवार को भी लावारिस हालत में वहीं पर खड़ी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर जेल भेजे जाने के बाद उसके परिजनों ने जेल जाकर उससे मुलाकात भी की। इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह ने बताया कि कार उनके ही परिजनों की है। जो वहां खड़ी है। कितने रुपये की सुपारी दी गई थी। यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। फिर भी दो-दो लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। निजी अंग को खींचे जाने की बात समाने आई है। वहीं एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


कहां गया बरकत अली
पुलिस ने बरकत अली नाम के एक युवक को हिरासत में लिया था। जिसका अभी तक कोई पता नहीं चला है। सूत्रों की मानें तो मामला तूल पकड़ता देख उसे छोड़ दिया गया है। मामले में सीओ महमूदाबाद और इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed