फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Plants withered before becoming a tree

पेड़ बनने से पहले ही सूख गये पौधे

Wed, 06 Jul 2022 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
Plants withered before becoming a tree
महमूदाबाद में लगाए गए पेड़ रहे सूख और सुरक्षा के लिए नहीं लगाया लोहे का जाल। -संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले भर में पौधरोपण की जो रस्म अदायगी की गई, वह अगले दिन ही दम तोड़ती नजर आई। अधिकतर पौधे देखरेख की अभाव में पेड़ बनने से पहले ही सूख गए। इनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखे। कागजी लिखा-पढ़ी में जो लक्ष्य दिया गया था उसका 50 प्रतिशत पौधरोपण भी जमीन पर नहीं दिखा।
विज्ञापन

जिले भर में बीते मंगलवार को वृहद स्तर पर पौधरोपण का अभियान चलाया गया। तहसील, नगर पालिका, वन विभाग, ब्लॉक आदि विभिन्न जगहों पर सरकारी अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने पौधरोपण में बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी लिया। लेकिन पौधे रोपने के अगले ही दिन उनकी हालत दयनीय दिखी। अधिकतर स्थानों पर सिंचाई के अभाव में पौधे सूख गए। कई स्थानों पर उनको पशु चट कर गए। उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखे।
विज्ञापन

कागजों में दवा, हकीकत रही जुदा
जिले भर में मंगलवार को 50.80 लाख पौधे लगाने का दावा किया जा रहा है। हकीकत में अधिकांश स्थानों पर पौधों का रोपण नहीं हो सका। जिन विभागों को लक्ष्य दिए गए थे उन्होंने कुछ पौधे रोपकर कोरम पूरा कर दिया। प्रधानों को पौधरोपण करने के लिए जो पौधे दिए गए थे वह उनके दरवाजे पर ही रखे दिखाई दिए। हरियाली फैलाने का सरकार का सपना अलगे दिन ही टूटता दिखाई दिया। जबकि पौधरोपण की क्या तैयारी है, इसे देखने के लिए अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने एक दिन पहले ही तैयारियों का जायजा लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानों के घर रखे दिखे पौधे
रामपुर मथुरा में बीडीओ के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत 18 हजार 480 पौधे पंचायती विभाग व एक लाख सात हजार 459 पौधे मनरेगा के तहत लगवाने का लक्ष्य मिला था। प्रधानों को भी रोपाई के लिए पौधे दिए गये थे। जिसमें अधिकांश पौधे अब भी प्रधानों के दरवाजों पर रखे हैं। जितने पौधे की रोपाई पूरी होने का दावा किया जा रहा है वास्तव में उतने पौधे जमीन पर नहीं दिखे। सार्वजनिक स्थलों पर रोप गए पौधों की सुरक्षा मानक शून्य होने से उन्हें जानवर चट कर गए।

कागजों पर सिमटा पौधरोपण
महमूदाबाद इलाके में पौधों को लगाने के बाद न उनकी सिंचाई की गई और न जानवरों से उनकी सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड दिखे। हरियाली का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य भी दम तोड़ता दिखा। संख्या के सापेक्ष यहां सिर्फ 20 से 30 प्रतिशत ही पौधे लगे पाए गए। कई दिनों से पौधरोपण की तैयारियां की जा रही थी लेकिन यह तैयारियां केवल कागजों पर ही दिखाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed