{"_id":"610d8b048ebc3eb9e138d460","slug":"plant-sitapur-news-lko590226642","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपल पाकड़ व बरगद है प्राण वायु : दारा सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपल पाकड़ व बरगद है प्राण वायु : दारा सिंह
विज्ञापन
फोटो-23 नैमिषारण्य में पौधरोपण करते मंत्री दारा सिंह चौहान। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिश्रिख (सीतापुर)। वन पर्यावरण एवं जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान शुक्रवार को नैमिषारण्य पहुंचे। इस दौरान मां ललिता देवी सहित तमाम मठ मंदिरों के दर्शन किए। हरिशंकरी का पौधा रोपित करके पेड़ पौधों का महत्व बतलाया। इस दौरान वन विभाग सहित अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
वन प्रभागीय निदेशक सीतापुर द्वारा हरिशंकरी वाटिका पौधा रोपड़ कार्यक्रम का आयोजन नैमिषारण्य में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान, विशिष्ट अतिथि मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल आरके सिंह ने पवित्र चक्रतीर्थ में मार्जन लेकर सिद्धि पीठ मां ललिता देवी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद सिद्धि काली पीठ व हनुमान गढ़ी में माथा टेका। आयोजित कार्यक्रम में नैमिषारण्य स्थित अरोग्य वाटिका में हरिशंकरी पौधे का रोपड़ किया। हरिशंकरी पौधे के महत्व पर बोलते हुए कहा पीपल पाकड़ बरगद के सम्मिलित पौधा रोपण को हरिशंकरी कहा जाता है। यह वृक्ष हमेशा हरेे भरे रहते है।
जीव जंतुओं को आश्रय व फ ल खाने को मिलते है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस वृक्ष की पूर्ण पत्तियां कभी नहीं गिरती है। सभी को शुद्ध आक्सीजन भी प्राप्त होती है। डीएफओ बृजमोहन शुक्ला ने कहा कि यह तीन वृक्ष ब्रह्मा विष्णु व शंकर जी का स्वरूप भी माना जाता है। स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण की दृष्टि से इस वृक्ष का एक अलग महत्व है। इस मौके पर पक्षी प्रेमी महेश शाहू, एसडीओ एके मिश्रा, रेंजर लईक अहमद, वन दरोगा एसएन शुक्ला, सुनील त्रिपाठी, विजय श्रीवास्तव, अक्षय पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
वन प्रभागीय निदेशक सीतापुर द्वारा हरिशंकरी वाटिका पौधा रोपड़ कार्यक्रम का आयोजन नैमिषारण्य में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान, विशिष्ट अतिथि मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल आरके सिंह ने पवित्र चक्रतीर्थ में मार्जन लेकर सिद्धि पीठ मां ललिता देवी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद सिद्धि काली पीठ व हनुमान गढ़ी में माथा टेका। आयोजित कार्यक्रम में नैमिषारण्य स्थित अरोग्य वाटिका में हरिशंकरी पौधे का रोपड़ किया। हरिशंकरी पौधे के महत्व पर बोलते हुए कहा पीपल पाकड़ बरगद के सम्मिलित पौधा रोपण को हरिशंकरी कहा जाता है। यह वृक्ष हमेशा हरेे भरे रहते है।
विज्ञापन
जीव जंतुओं को आश्रय व फ ल खाने को मिलते है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस वृक्ष की पूर्ण पत्तियां कभी नहीं गिरती है। सभी को शुद्ध आक्सीजन भी प्राप्त होती है। डीएफओ बृजमोहन शुक्ला ने कहा कि यह तीन वृक्ष ब्रह्मा विष्णु व शंकर जी का स्वरूप भी माना जाता है। स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण की दृष्टि से इस वृक्ष का एक अलग महत्व है। इस मौके पर पक्षी प्रेमी महेश शाहू, एसडीओ एके मिश्रा, रेंजर लईक अहमद, वन दरोगा एसएन शुक्ला, सुनील त्रिपाठी, विजय श्रीवास्तव, अक्षय पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन