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Sitapur News: कार चालक ने भुगतान किया तो फ्रीज हो गया पेट्रोल पंप का खाता
Fri, 17 Apr 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:55 PM IST
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महमूदाबाद स्थित श्री सांई बाबा पेट्रोल पंप। स्रोत: सोशल मीडिया
महमूदाबाद (सीतापुर)। इलाके में स्थित पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा के पेट्रोल पंप पर सात अप्रैल को एक कार चालक ने भुगतान किया तो पंप का बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया। 15 अप्रैल को जब वही चालक दोबारा पेट्रोल पंप पर आया तो कर्मियों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। इस पर मौका पाते ही चालक कार छोड़कर भाग गया। एसपी से शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
कस्बे में मोतीपुर मार्ग पर साईं फिलिंग स्टेशन पर सात अप्रैल को एक कार आई थी। चालक ने कार में 566 रुपये की सीएनजी डलवाई। उसने यूपीआई के जरिए पंप के बैंक खाते में भुगतान किया। इसके बाद से पंप का अकाउंट फ्रीज हो गया। कर्मचारियों ने जांच करके कार चालक की पहचान कर ली। 15 अप्रैल को फिर से वही कार चालक पंप पर सीएनजी लेने पहुंचा। पंपकर्मियों ने उससे सात अप्रैल वाली घटना बताई। इस पर चालक पंप पर ही कार छोड़कर भाग निकला।
पूर्व मंत्री ने एसपी से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मैनेजर रामसागर की तहरीर पर मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मैनेजर के अनुसार खाते में 3.45 लाख रुपये जमा हैं। मैनेजर ने बताया कि कार चालक खुरवल गांव का रहने वाला है। सीओ वेदप्रकाश ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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लखनऊ के पते पर दर्ज है कार
पुलिस सूत्रों के अनुसार कार का नंबर यूपी 32 आरक्यू 8253 है। यह लखनऊ के काकोरी निवासी निशांत के नाम पर दर्ज है। कार में पेट्रोल के साथ सीएनजी भी पास है। कार का रंग सफेद है। सीओ का कहना है कि कार मालिक की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर टीम भी कर रही जांच
साइबर एक्सपर्ट अजय की मानें तो ऐसे मामलों में यह संभव है कि जिस खाते से भुगतान किया गया है, उस खाते में किसी ऐसी जगह से रकम आई हो जो कि ठगी की हो। हालांकि बिजनेस खातों को फ्रीज नहीं किया जाता है। फिर भी किन परिस्थितियाें में खाते को फ्रीज किया गया, यह जांच का विषय है। जहां से खाता बंद किया गया है, वहां से पता लगाकर खाते को चालू कराया जा सकता है।
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कस्बे में मोतीपुर मार्ग पर साईं फिलिंग स्टेशन पर सात अप्रैल को एक कार आई थी। चालक ने कार में 566 रुपये की सीएनजी डलवाई। उसने यूपीआई के जरिए पंप के बैंक खाते में भुगतान किया। इसके बाद से पंप का अकाउंट फ्रीज हो गया। कर्मचारियों ने जांच करके कार चालक की पहचान कर ली। 15 अप्रैल को फिर से वही कार चालक पंप पर सीएनजी लेने पहुंचा। पंपकर्मियों ने उससे सात अप्रैल वाली घटना बताई। इस पर चालक पंप पर ही कार छोड़कर भाग निकला।
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पूर्व मंत्री ने एसपी से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मैनेजर रामसागर की तहरीर पर मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मैनेजर के अनुसार खाते में 3.45 लाख रुपये जमा हैं। मैनेजर ने बताया कि कार चालक खुरवल गांव का रहने वाला है। सीओ वेदप्रकाश ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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लखनऊ के पते पर दर्ज है कार
पुलिस सूत्रों के अनुसार कार का नंबर यूपी 32 आरक्यू 8253 है। यह लखनऊ के काकोरी निवासी निशांत के नाम पर दर्ज है। कार में पेट्रोल के साथ सीएनजी भी पास है। कार का रंग सफेद है। सीओ का कहना है कि कार मालिक की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर टीम भी कर रही जांच
साइबर एक्सपर्ट अजय की मानें तो ऐसे मामलों में यह संभव है कि जिस खाते से भुगतान किया गया है, उस खाते में किसी ऐसी जगह से रकम आई हो जो कि ठगी की हो। हालांकि बिजनेस खातों को फ्रीज नहीं किया जाता है। फिर भी किन परिस्थितियाें में खाते को फ्रीज किया गया, यह जांच का विषय है। जहां से खाता बंद किया गया है, वहां से पता लगाकर खाते को चालू कराया जा सकता है।