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फर्श पर हो रहा मरीजों का इलाज
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:26 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। यहां चारों तरफ अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। मरीजों को फर्श पर लेटकर इलाज कराना पड़ रहा है। वार्डों में आवारा कुत्ते टहल रहे हैं। इससे मरीज हर समय भयभीत रहते है। वहीं, जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को भर्ती करने के बाद डॉक्टर तुरंत ही अन्य वार्डो में शिफ्ट कर देते हैं। जबकि वार्डों में यह नहीं देखा जा रहा है कि वहां पर मरीज के लिए बेड हैं या नहीं। मरीज जब वार्ड में पहुंचता है, तब उसे अव्यवस्थाओं से सामना करना पड़ा है। वार्डों में बेड भरे पड़े हैं।
ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए फर्श पर बिस्तर लगाना पड़ रहा है। मेडिकल- ए वार्ड में रेउसा के ताहपुर निवासी रामू व शहर के हाता कप्तान निवासी अनीता देवी का फर्श पर इलाज चल रहा था। रामू बुखार से पीड़ित है, जबकि अनीता देवी डायरिया से ग्रसित है।
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‘मरीजों को नहीं कर रहे वापस’
सीएमएस डॉ. नलिनीकांत त्रिपाठी का कहना है कि जो मरीज अस्पताल पहुंच रहा है, उसे वापस नहीं किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण सभी को बेड नहीं दिया जा सकता है। फर्श पर बिस्तर लगाकर उनका इलाज किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को भर्ती करने के बाद डॉक्टर तुरंत ही अन्य वार्डो में शिफ्ट कर देते हैं। जबकि वार्डों में यह नहीं देखा जा रहा है कि वहां पर मरीज के लिए बेड हैं या नहीं। मरीज जब वार्ड में पहुंचता है, तब उसे अव्यवस्थाओं से सामना करना पड़ा है। वार्डों में बेड भरे पड़े हैं।
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ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए फर्श पर बिस्तर लगाना पड़ रहा है। मेडिकल- ए वार्ड में रेउसा के ताहपुर निवासी रामू व शहर के हाता कप्तान निवासी अनीता देवी का फर्श पर इलाज चल रहा था। रामू बुखार से पीड़ित है, जबकि अनीता देवी डायरिया से ग्रसित है।
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‘मरीजों को नहीं कर रहे वापस’
सीएमएस डॉ. नलिनीकांत त्रिपाठी का कहना है कि जो मरीज अस्पताल पहुंच रहा है, उसे वापस नहीं किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण सभी को बेड नहीं दिया जा सकता है। फर्श पर बिस्तर लगाकर उनका इलाज किया जा रहा है।