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मरीजों को नहीं मिल रही एंबुलेंस, खुद कर रहे इंतजाम
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सीतापुर। 102 व 108 एंबुलेंस सेवा जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद पटरी पर नहीं आ सकी है। दिन-प्रतिदिन हालात खराब होते जा रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल व महिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण इलाके तक के लोग एंबुलेंस का दो से तीन घंटे तक इंतजार करते रहे।
फिर भी उनको एंबुलेंस नहीं मिल सकी। हादसे में घायल दंपती एंबुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा। जब एंबुलेंस नहीं आई तो आसपास के लोगों ने बाइक से ही जिला पहुंचाकर इलाज शुरू कराया।
जिले में 102 व 108 नंबर की 97 एंबुलेंस चल रही हैं। एंबुलेंस कर्मी लंबित मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। इस पर जिला प्रशासन ने सभी हड़ताली कर्मचारियों से चाभी व सीयूजी नंबर जमा कराते हुए निजी ड्राइवरों से एंबुलेंस सेवा शुरू करा दी है। स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत सफल संचालन की बात कह रहा है लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है।
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शुक्रवार को सिटी स्टेशन के पास भगवानपुर गांव के रुकसार की अचानक तबियत खराब हो गई। इस पर उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया। कंट्रोल रूम से एंबुलेंस कुछ देर बाद आने की बात कही गई लेकिन काफी इंतजार के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो रुकसार ऑटो से ही जिला अस्पताल गए।
वहीं संदना इलाके के रालामऊ निवासी रामकुमार अपनी पत्नी वीना के साथ सीतापुर आ रहे थे। रामकोट इलाके में उनका एक्सीडेंट हो गया। इससे दोनों लोग घायल हो गए, पत्नी को कुछ गंभीर चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को फोन किया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।
इस पर बाइक से ही किसी तरह जिला अस्पताल ले जाए गए। ऐसे ही हालात अन्य मरीजों के साथ भी दिखाई दिए। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के लोग एंबुलेंस को फोन करते रहे लेकिन उनको एंबुलेंस नहीं मिल सकी।
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जिले में एंबुलेंस चल रही हैं। धीरे-धीरे पटरी पर सेवाएं लौट रही हैं। ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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फिर भी उनको एंबुलेंस नहीं मिल सकी। हादसे में घायल दंपती एंबुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा। जब एंबुलेंस नहीं आई तो आसपास के लोगों ने बाइक से ही जिला पहुंचाकर इलाज शुरू कराया।
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जिले में 102 व 108 नंबर की 97 एंबुलेंस चल रही हैं। एंबुलेंस कर्मी लंबित मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। इस पर जिला प्रशासन ने सभी हड़ताली कर्मचारियों से चाभी व सीयूजी नंबर जमा कराते हुए निजी ड्राइवरों से एंबुलेंस सेवा शुरू करा दी है। स्वास्थ्य विभाग शत-प्रतिशत सफल संचालन की बात कह रहा है लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है।
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शुक्रवार को सिटी स्टेशन के पास भगवानपुर गांव के रुकसार की अचानक तबियत खराब हो गई। इस पर उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया। कंट्रोल रूम से एंबुलेंस कुछ देर बाद आने की बात कही गई लेकिन काफी इंतजार के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो रुकसार ऑटो से ही जिला अस्पताल गए।
वहीं संदना इलाके के रालामऊ निवासी रामकुमार अपनी पत्नी वीना के साथ सीतापुर आ रहे थे। रामकोट इलाके में उनका एक्सीडेंट हो गया। इससे दोनों लोग घायल हो गए, पत्नी को कुछ गंभीर चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को फोन किया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।
इस पर बाइक से ही किसी तरह जिला अस्पताल ले जाए गए। ऐसे ही हालात अन्य मरीजों के साथ भी दिखाई दिए। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के लोग एंबुलेंस को फोन करते रहे लेकिन उनको एंबुलेंस नहीं मिल सकी।
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जिले में एंबुलेंस चल रही हैं। धीरे-धीरे पटरी पर सेवाएं लौट रही हैं। ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।