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Sitapur News: कागजों पर आदेश, नहीं लग सकी एक्सरे मशीन

Sat, 25 Nov 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 25 Nov 2023 12:10 AM IST
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Order on paper, X-ray machine could not be installed
महमूदाबाद(सीतापुर)। ...22 अप्रैल 2022 का दिन सीएचसी महमूदाबाद के लिए खास था। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक यहां मरीज बनकर पहुंचे थे। उन्हें एक्स-रे मशीन खराब मिली थी। उन्होंने सीएमओ व अधीक्षक को फटकार भी लगाई थी। तत्काल नई एक्स-रे मशीन लगवाने की बात कही थी। लेकिन डिप्टी सीएम का यह आदेश महज जुमला बनकर रह गया।
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डिप्टी सीएम के निरीक्षण किए हुए करीब डेढ़ साल बीत चुके हैं। उनके आदेश के बाद भी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ रहे हैं लेकिन एक्स-रे मशीन नहीं लग सकी है। रोजाना करीब 35 मरीज बिना जांच कराए ही लौट जाते हैं। उन्हें करीब 65 किलोमीटर दूर चलकर जिला अस्पताल आना पड़ता है। लंबा सफर व इलाज में देरी मरीजों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। अगर प्राइवेट में इलाज करवाते हैं तो मनमाने रेट से जेब कट रही है। इससे पहले एक्स-रे मशीन 1991 में आई थी। उस समय इसकी कीमत 1.86 लाख रुपये थी।
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कई जनप्रतिनिधि देख चुके हैं बदहाली
22 अप्रैल 2022 को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसके अलावा कमिश्नर, नोडल अधिकारी, आईजी, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सहित तमाम अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं। जिले के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी एक्सरे मशीन लगाने की बात कर चुके हैं। लेकिन फिर भी हालत जस की तस है।
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पांच साल बाद भी नहीं हो सकी दुरुस्त
अय्यूब अहमद डंपी बताते हैं कि वह कई बार जिले से लेकर लखनऊ में बैठे स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से एक्सरे मशीन ठीक करवाने के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन करीब पांच वर्षों से खराब पड़ी एक्सरे मशीन अभी तक ठीक नहीं हो सकी है।

बदहाल हैं सेवाएं
राजू अंसारी बताते हैं कि सरकार जहां प्रदेश में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। वहीं महमूदाबाद में स्वास्थ्य सेवाएं काफी दयनीय है। एक्सरे मशीन कई वर्षो से खराब पड़ी है। लोगों के सामने काफी दिक्कतें आती है। निजी सेंटरों में मनमाने दामों पर जांच करवाने को मजबूर हैं।

300 रुपये में होते हैं एक्सरे
किरन वाजपेयी बताती हैं कि महमूदाबाद सरकारी अस्पताल में एक्सरे मशीन खराब होने से मरीज परेशान होते हैं। निजी सेंटरों पर 250 से 300 सौ रुपये देने पड़ते हैं। इससे गरीबों को काफी परेशानी होती है।

लगा रहे हैं दौड़
सोनी विश्वकर्मा का कहना है कि एक्सरे मशीन खराब होने से निजी सेंटर मनमाने दाम ले रहे हैं। अगर नई मशीन लग जाए तो मरीजों को राहत मिलेगी। वरना जिला मुख्यालय दौड़कर जाना पड़ रहा है।


केवल चिट्ठी तक सीमित कवायद
22 अप्रैल 2022 को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने निरीक्षण कर मशीन नई लगवाने की बात कही थी। इससे पहले 15 दिसंबर 2017 व 16 मार्च 2020 को सीएचसी अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र लिखा। 19 अप्रैल 2020 को स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने सीएमओ को पत्र लिखकर मशीन कंडम करने के लिए पत्र भेजा। इसके बाद अधीक्षक ने 23 नवंबर 2020 को सीएमओ व 15 अप्रैल 2022 को उपजिलाधिकारी को चिट्ठी भेजी। यानि कागजों पर खूब दौड़ हुई। लेकिन नतीजा नहीं निकल सका।

भेजी जा चुकी है फाइल टेक्निशियन
एक्सरे मशीन की फाइल सीएमओ ऑफिस से प्रमुख सचिव को भेजी जा चुकी है। वहीं एक्सरे टेक्निशियन से गोल्डन कार्ड व टीकाकरण का कार्य लिया जा रहा है।
डॉ. आशीष वर्मा, सीएचसी अधीक्षक महमूदाबाद
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