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Sitapur News: प्रशिक्षुओं के सहारे ओपीडी, नियमित चिकित्सक नदारद
Sat, 15 Jul 2023 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 15 Jul 2023 12:17 AM IST
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सीतापुर। जिला अस्पताल में शुक्रवार को प्रशिक्षुओं के सहारे ओपीडी चलाई गई। नियमित चिकित्सक नदारद रहे। फिजीशियन से लेकर ईएनटी कक्ष में प्रशिक्षु ही मरीजों का इलाज करते नजर आये। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। ओपीडी में करीब 2500 मरीज पहुंचे।
जिला अस्पताल में इस समय चिकित्सकों का संकट बना हुआ है। अस्पताल में एक ही फिजीशियन अनुपम मिश्रा तैनात हैं। इन दिनों वह भी छुट्टी हैं। शुक्रवार को सबसे अधिक समस्या फिजीशियन को लेकर आई। यहां मरीजों की लंबी कतार नजर आई। कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक भी नदारद मिले। ओपीडी में करीब 2500 मरीज पहुंचे। भीड़ के बीच चिकित्सकों के नदारद रहने से मरीजों को परेशानी हुई। इसी तरह ईएनटी व पीडियाट्रिक में भी प्रशिक्षु इलाज करते हुए मिले।
जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल को 17 चिकित्सक मिले हैं। यह तीन माह तक जिला अस्पताल में ट्रेनिंग करेंगे। यह हिंद मेडिकल कॉलेज से आए हैं। इनमें चर्म रोग, जनरल मेडिसिन, ईएनटी, पीडियाट्रिक्स, टीबी चेस्ट के चिकित्सक शामिल हैं। शुक्रवार को ओपीडी पहुंचे मरीजों का इलाज इन प्रशिक्षुओं ने किया। रूटीन ओपीडी के लिए अस्पताल पहुंचे कई मरीज डॉक्टरों के कक्ष में प्रशिक्षुओं को देखकर लौट गए।
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भीड़ में परेशान दिखे मरीज
जिला अस्पताल में शुक्रवार को भीड़ इस कदर थी कि मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड कक्ष में सुबह आठ बजे नंबर लगने के तीन घंटे के बाद 11 बजे जांच हो पाई। रूबी ने बताया अल्ट्रासाउंड कराने में तीन घंटे लग गए। रोजाना चिकित्सक देर से आते हैं। अगर वह सुबह आठ बजे बैठ जाएं तो जांच तुरंत हो जाएगी। लेकिन लेटलतीफी के कारण मरीज परेशान होते हैं।
चल रहा है इलाज
डॉ. अनुपम मिश्रा अवकाश पर हैं। सीएमएस भी सरकारी काम से गए हुए हैं। ट्रेनिंग पर आए चिकित्सकों के सहारे ओपीडी में मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. पवन वर्मा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में इस समय चिकित्सकों का संकट बना हुआ है। अस्पताल में एक ही फिजीशियन अनुपम मिश्रा तैनात हैं। इन दिनों वह भी छुट्टी हैं। शुक्रवार को सबसे अधिक समस्या फिजीशियन को लेकर आई। यहां मरीजों की लंबी कतार नजर आई। कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक भी नदारद मिले। ओपीडी में करीब 2500 मरीज पहुंचे। भीड़ के बीच चिकित्सकों के नदारद रहने से मरीजों को परेशानी हुई। इसी तरह ईएनटी व पीडियाट्रिक में भी प्रशिक्षु इलाज करते हुए मिले।
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जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल को 17 चिकित्सक मिले हैं। यह तीन माह तक जिला अस्पताल में ट्रेनिंग करेंगे। यह हिंद मेडिकल कॉलेज से आए हैं। इनमें चर्म रोग, जनरल मेडिसिन, ईएनटी, पीडियाट्रिक्स, टीबी चेस्ट के चिकित्सक शामिल हैं। शुक्रवार को ओपीडी पहुंचे मरीजों का इलाज इन प्रशिक्षुओं ने किया। रूटीन ओपीडी के लिए अस्पताल पहुंचे कई मरीज डॉक्टरों के कक्ष में प्रशिक्षुओं को देखकर लौट गए।
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भीड़ में परेशान दिखे मरीज
जिला अस्पताल में शुक्रवार को भीड़ इस कदर थी कि मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड कक्ष में सुबह आठ बजे नंबर लगने के तीन घंटे के बाद 11 बजे जांच हो पाई। रूबी ने बताया अल्ट्रासाउंड कराने में तीन घंटे लग गए। रोजाना चिकित्सक देर से आते हैं। अगर वह सुबह आठ बजे बैठ जाएं तो जांच तुरंत हो जाएगी। लेकिन लेटलतीफी के कारण मरीज परेशान होते हैं।
चल रहा है इलाज
डॉ. अनुपम मिश्रा अवकाश पर हैं। सीएमएस भी सरकारी काम से गए हुए हैं। ट्रेनिंग पर आए चिकित्सकों के सहारे ओपीडी में मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. पवन वर्मा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल