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Sitapur News: डूबने से एक किशोर और चार बालकों की मौत

Tue, 04 Jun 2024 03:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 04 Jun 2024 03:34 AM IST
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One teenager and four children died due to drowning
-कमलापुर (सीतापुर)। अलग थाना क्षेत्रों में नदी में डूबने से एक किशोर और चार बालकों की डूबने से मौत हो गई।
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कमलापुर थाना क्षेत्र में नदी नहाने गए दो भाइयों समेत तीन बालकों की डूबकर मौत हो गई। सोमवार को यह हादसा हुआ। मृतकों में तीसरा बालक सगे भाइयों का चचेरा मामा था। उनके साथ दो और बालक नहाने के लिए गए थे, जो बच गए। मृतक भाई अपनी ननिहाल में आए थे। जहां यह हादसा हुआ। घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम का माहौल पसरा हुआ है।
क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी रामशरन के यहां महोली के गुझिया निवासी उनके नाती उमंग वाजपेयी उर्फ कान्हा (11) और अनिकेत उर्फ मोहन (10) करीब चार दिन पहले आए थे। सोमवार को वे अपने चचेरे मामा विवेक शुक्ला (12) के साथ गांव से सरायन नदी में नहाने के लिए गए थे। उनके साथ परिवार के ही दो अन्य बालक रवि और प्रशांत थे। महादेवा घाट पर जब वे नहा रहे थे, तभी अचानक विवेक का पांव फिसल गया। वह डूबने लगा तो उसको बचाने के प्रयास में कान्हा और मोहन भी उसी तरफ चले गए। तीनों को डूबता देखकर रवि और प्रशांत गांव की तरफ भागकर आए और लोगों को मामले की जानकारी दी। ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे और उन्हें निकालने के लिए नदी में छलांग लगा दी। गांव के राजेंद्र ने बड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला। परिजन तीनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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एसओ केबी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


बेसुध हुई मां, अब जीने का फायदा नहींहादसे में जान गंवाने वाले भाइयों की मां रूपा जिला अस्पताल में दहाड़े मारकर रो रही थी। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनकी गोद नहीं उजड़ेगी। जैसे ही चिकित्सकों ने उनके दूसरे बेटे को भी मृत घोषित कर दिया। वैसे ही वह अपना सिर पीटकर रोने लगी। बेसुध होकर वह कहने लगी कि उनके बेटे आज तक कभी नदी नहीं नहाने गए थे। आज न जाने कौन सी मनहूस घड़ी थी, जब वे घर से निकलकर गए थे। अपने कलेजे के टुकड़ों के शवों को देखकर वह बार-बार यही कही रही थी कि मेरा तो संसार ही उजड़ गया। अब मैं भी कहीं मर जाऊं तो अच्छा है। ऐसे जीने से अब क्या ही फायदा जब उसके कलेजे के टुकड़े ही चले गए।
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घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं महोली के गुझिया में भी जब परिजनों को यह सूचना तो वे भी गम में डूब गए। दोनों ही मृतक बालक क्षेत्र के एमकेपी स्कूल में पढ़ाई करते थे। गर्मियों की छुट्टी होने के चलते वे अपनी ननिहाल गए थे।
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