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ओमिक्रॉन की आहट फिर भी लापरवाही जारी
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लालबाग की मुख्य बाजार में बिना मॉस्क के जाते लोग। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के नए वायरस ओमिक्रॉन के मामलों ने जिले वासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सीतापुर से दिल्ली के लिए रोजाना करीब दो हजार मुसाफिर आते-जाते हैं। पर रोडवेज से लेकर रेलवे व अन्य जगहों पर इन मुसाफिरों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। कहने को कोविड हेल्प डेस्क है, लेकिन इन जगहों पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। बसों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। इससे जिले में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले के मद्देनजर वहां की सरकार ने नए वर्ष व क्रिसमस की पार्टियों पर पाबंदी लगा दी है। जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। चिकित्सकों ने फरवरी में तीसरी लहर की आशंका जताई है। ऐसे में जिलेवासियों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। उसके बाद सबसे बड़ा कारण यह है कि सीतापुर जिले से रोजाना करीब दो हजार मुसाफिर दिल्ली आते-जाते हैं।
कोई कारोबार के लिए दिल्ली जाता है तो कोई अपने अन्य काम से दिल्ली से आया जाया करता है। दिल्ली से आने जाने वालों की ट्रेसिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई पुख्ता व्यवस्था भी नहीं है। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को रोडवेज बस स्टॉप की रियलटी देखी तो यहां पर मुसाफिर बिना कोविड प्रोटोकॉल के बसों में सफर करते हुए मिले। मास्क भी नहीं लगाए थे।
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इसी तरह रेलवे स्टेशन पर भी खामियां नजर आई। इन जगहों पर एहतियात के तौर पर कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई है। लेकिन यह सिर्फ दिखावे के लिए है। आने-जाने वालों की जांच नहीं हो रही है। इससे जिले में भी संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
जिला अस्पताल में भी बढ़ रहा खतरा
कोरोना को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल आने वाले मरीज व उनके तीमारदार नए वायरस को लेकर गंभीर नहीं हैं। गुरुवार को अस्पताल में पर्चा काउंटर व दवा काउंटर पर मरीज लाइन में दिखे। वह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे थे। मास्क भी नहीं लगाए थे। इसी तरह लालबाग बाजार में भी लोग बेझिझक होकर खरीदारी कर रहे थे।
12 बसें रोजाना आती-जाती हैं दिल्ली
सीतापुर डिपो से रोजाना 12 बसें दिल्ली के लिए जाती हैं। इतनी ही बसें वहां से वापस आती हैं। ये बसें सिधौली, महमूदाबाद, रामपुर मथुरा से होते हुए भी जाती है। इससे दिल्ली जाने वाले तमाम लोग सीतापुर न आकर सीधे अपने घर चले जाते हैं। इससे गांवों में भी संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
बरती जा रही है सतर्कता
कोविड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रोडवेज पर एक टीम लगी हुई है। आने-जाने वालों की जांच हो रही है। लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके अपने आप को सुरक्षित रख सकते है।
- डॉ. पीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
दिल्ली से सफर करने वाले मुसाफिर जब रोडवेज पर आते है तो थर्मल स्कैनिंग की जाती है। कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई है। बराबर नजर रखी जा रही है।
-राकेश कुमार, एआरएम
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दिल्ली में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले के मद्देनजर वहां की सरकार ने नए वर्ष व क्रिसमस की पार्टियों पर पाबंदी लगा दी है। जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। चिकित्सकों ने फरवरी में तीसरी लहर की आशंका जताई है। ऐसे में जिलेवासियों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। उसके बाद सबसे बड़ा कारण यह है कि सीतापुर जिले से रोजाना करीब दो हजार मुसाफिर दिल्ली आते-जाते हैं।
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कोई कारोबार के लिए दिल्ली जाता है तो कोई अपने अन्य काम से दिल्ली से आया जाया करता है। दिल्ली से आने जाने वालों की ट्रेसिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई पुख्ता व्यवस्था भी नहीं है। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को रोडवेज बस स्टॉप की रियलटी देखी तो यहां पर मुसाफिर बिना कोविड प्रोटोकॉल के बसों में सफर करते हुए मिले। मास्क भी नहीं लगाए थे।
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इसी तरह रेलवे स्टेशन पर भी खामियां नजर आई। इन जगहों पर एहतियात के तौर पर कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई है। लेकिन यह सिर्फ दिखावे के लिए है। आने-जाने वालों की जांच नहीं हो रही है। इससे जिले में भी संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
जिला अस्पताल में भी बढ़ रहा खतरा
कोरोना को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल आने वाले मरीज व उनके तीमारदार नए वायरस को लेकर गंभीर नहीं हैं। गुरुवार को अस्पताल में पर्चा काउंटर व दवा काउंटर पर मरीज लाइन में दिखे। वह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे थे। मास्क भी नहीं लगाए थे। इसी तरह लालबाग बाजार में भी लोग बेझिझक होकर खरीदारी कर रहे थे।
12 बसें रोजाना आती-जाती हैं दिल्ली
सीतापुर डिपो से रोजाना 12 बसें दिल्ली के लिए जाती हैं। इतनी ही बसें वहां से वापस आती हैं। ये बसें सिधौली, महमूदाबाद, रामपुर मथुरा से होते हुए भी जाती है। इससे दिल्ली जाने वाले तमाम लोग सीतापुर न आकर सीधे अपने घर चले जाते हैं। इससे गांवों में भी संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
बरती जा रही है सतर्कता
कोविड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रोडवेज पर एक टीम लगी हुई है। आने-जाने वालों की जांच हो रही है। लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके अपने आप को सुरक्षित रख सकते है।
- डॉ. पीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
दिल्ली से सफर करने वाले मुसाफिर जब रोडवेज पर आते है तो थर्मल स्कैनिंग की जाती है। कोविड हेल्प डेस्क बनी हुई है। बराबर नजर रखी जा रही है।
-राकेश कुमार, एआरएम