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बुखार से आठ की मौत, एक हजार बीमार
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औरंगाबाद/थानगांव/लहरपुर। जिले में संक्रामक रोग तेजी से फैल रहा है। दो दिन में बुखार से नौ लोगों की मौत हो गई। गोंदलामऊ में चार, मिश्रिख में एक, लहरपुर में तीन व रेउसा विकासखंड में एक मौत हुई है। करीब 45 गांवों में एक हजार से अधिक लोग बुखार से बीमार है। गोंदलामऊ में सीएचसी की टीम ने 23 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि की है।
गोंदलामऊ विकासखंड के गोपालपुर पश्चिमी निवासिनी गुड्डी (55) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। गांव में जब सीएचसी की टीम ने जांच की थी। जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। मिर्जापुर निवासी आशाराम (58) कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। इनका इलाज प्राइवेट तौर पर चल रहा था।
शुक्रवार को घर पर ही तबीयत बिगड़ने पर मौत हो गई। कुनेरा निवासी मोगरे (65) सात दिन से बुखार से बहुत ही परेशान थे। सीएचसी की टीम से दवा लेकर इलाज चला रहे थे। शुक्रवार रात में इनकी मौत हो गई। मिश्रिख विकासखंड के रन्नूपुर निवासी मयंक(24) पांच दिन से बुखार से परेशान थे।
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पहले सीतापुर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज कराया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। रेउसा विकासखंड के सुजातपुर के मोहित (एक वर्ष) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शनिवार को मोहित की मौत हो गई।
लहरपुर विकासखंड के ग्राम मतुआ निवासी नीरज(18) दो दिन से बुखार से पीड़ित थे। सीतापुर शहर के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। शनिवार को इनकी मौत हो गई। लहरपुर कस्बे के मोहल्ला छावनी निवासी मोहम्मद जैद (5) व उमरा (डेढ़ साल) कई दिनों से बुखार से परेशान थे।
इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इससे लहरपुर कस्बे में हड़कंप मच गया। एसडीएम रामदरस राम व सीएचसी की टीम ने मोहल्ले का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मोहल्लें में गंदगी मिली। वहीं यहां पर 12 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित मिले। इनको दवाएं वितरित की गई। तीनों विकासखंड के करीब 45 गांवों में एक हजार से अधिक लोग बुखार से परेशान है।
जांच में 23 को मलेरिया
संक्रामक रोग से सबसे प्रभावित गोंदलामऊ विकासखंड है। सीएचसी गोंदलामऊ की टीम दहेलरा पहुंची। यहां पर 26 मरीजों के ब्लॅड सैंपल लिए। जिसमें पांच मरीजों के मलेरिया की पुष्टि हुई। कोरौना में 108 मरीज देखे। जिसमें 12 के मलेरिया निकली।
सीएचसी पर 20 मरीजों में तीन के मलेरिया निकली। इसके अलावा टीम ने लोधौरा, कोरौना, दहेलरा में 47 मरीजों को देखा। जिसमे तीन के मलेरिया निकली।
प्रभावित गांवों में फैली है गंदगी
गोंदलामऊ विकासखंड के गोपालपुर पश्चिमी में एक मौत हो गई। गांव में गंदगी का हाल यह है गांव के बीच में एक तालाब है। वह गंदगी से पटा पड़ा हुआ है। जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है। यहां पर नौ इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए है। इनमे पांच में पीला पानी आ रहा है।
इसी प्रकार कुनेरा, औरंगाबाद, मिर्जापुर, दहेलरा में गंदगी फैली हुई है। सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया मलेरिया मच्छर के काटने से होती है। गांवों में गंदगी अधिक होने से मच्छर पनपते है। वह रोगों का कारण बन रहे है। शिकायत मिलने पर तत्काल टीमें भेजकर मरीजों को दवाएं दिलवाई जा रही है।
स्वास्थ्य महकमा कर रहा है इंकार
गोंदलामऊ सीएचसी प्रभारी डॉ. धीरज मिश्रा का कहना है कि तीनो मौतें बुखार से नहीं, अन्य कारणों से हुई है। रेउसा सीएचसी प्रभारी डॉ. अनंत मिश्रा का कहना है कि मोहित पहले से कुपोषित था। इससे उसकी मौत हुई है। लहरपुर सीएचसी के चिकित्सक डॉ. जामिद अली ने बताया मोहल्ले के बच्चों को बुखार आ रहा है। दवाएं दी गई है। मौत का कारण पता नहीं चल सका है।
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गोंदलामऊ विकासखंड के गोपालपुर पश्चिमी निवासिनी गुड्डी (55) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। गांव में जब सीएचसी की टीम ने जांच की थी। जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। मिर्जापुर निवासी आशाराम (58) कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। इनका इलाज प्राइवेट तौर पर चल रहा था।
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शुक्रवार को घर पर ही तबीयत बिगड़ने पर मौत हो गई। कुनेरा निवासी मोगरे (65) सात दिन से बुखार से बहुत ही परेशान थे। सीएचसी की टीम से दवा लेकर इलाज चला रहे थे। शुक्रवार रात में इनकी मौत हो गई। मिश्रिख विकासखंड के रन्नूपुर निवासी मयंक(24) पांच दिन से बुखार से परेशान थे।
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पहले सीतापुर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज कराया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। रेउसा विकासखंड के सुजातपुर के मोहित (एक वर्ष) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शनिवार को मोहित की मौत हो गई।
लहरपुर विकासखंड के ग्राम मतुआ निवासी नीरज(18) दो दिन से बुखार से पीड़ित थे। सीतापुर शहर के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। शनिवार को इनकी मौत हो गई। लहरपुर कस्बे के मोहल्ला छावनी निवासी मोहम्मद जैद (5) व उमरा (डेढ़ साल) कई दिनों से बुखार से परेशान थे।
इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इससे लहरपुर कस्बे में हड़कंप मच गया। एसडीएम रामदरस राम व सीएचसी की टीम ने मोहल्ले का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मोहल्लें में गंदगी मिली। वहीं यहां पर 12 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित मिले। इनको दवाएं वितरित की गई। तीनों विकासखंड के करीब 45 गांवों में एक हजार से अधिक लोग बुखार से परेशान है।
जांच में 23 को मलेरिया
संक्रामक रोग से सबसे प्रभावित गोंदलामऊ विकासखंड है। सीएचसी गोंदलामऊ की टीम दहेलरा पहुंची। यहां पर 26 मरीजों के ब्लॅड सैंपल लिए। जिसमें पांच मरीजों के मलेरिया की पुष्टि हुई। कोरौना में 108 मरीज देखे। जिसमें 12 के मलेरिया निकली।
सीएचसी पर 20 मरीजों में तीन के मलेरिया निकली। इसके अलावा टीम ने लोधौरा, कोरौना, दहेलरा में 47 मरीजों को देखा। जिसमे तीन के मलेरिया निकली।
प्रभावित गांवों में फैली है गंदगी
गोंदलामऊ विकासखंड के गोपालपुर पश्चिमी में एक मौत हो गई। गांव में गंदगी का हाल यह है गांव के बीच में एक तालाब है। वह गंदगी से पटा पड़ा हुआ है। जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है। यहां पर नौ इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए है। इनमे पांच में पीला पानी आ रहा है।
इसी प्रकार कुनेरा, औरंगाबाद, मिर्जापुर, दहेलरा में गंदगी फैली हुई है। सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया मलेरिया मच्छर के काटने से होती है। गांवों में गंदगी अधिक होने से मच्छर पनपते है। वह रोगों का कारण बन रहे है। शिकायत मिलने पर तत्काल टीमें भेजकर मरीजों को दवाएं दिलवाई जा रही है।
स्वास्थ्य महकमा कर रहा है इंकार
गोंदलामऊ सीएचसी प्रभारी डॉ. धीरज मिश्रा का कहना है कि तीनो मौतें बुखार से नहीं, अन्य कारणों से हुई है। रेउसा सीएचसी प्रभारी डॉ. अनंत मिश्रा का कहना है कि मोहित पहले से कुपोषित था। इससे उसकी मौत हुई है। लहरपुर सीएचसी के चिकित्सक डॉ. जामिद अली ने बताया मोहल्ले के बच्चों को बुखार आ रहा है। दवाएं दी गई है। मौत का कारण पता नहीं चल सका है।