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नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:33 PM IST
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नवजात
- फोटो : amar ujala
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नवजात बच्ची को कोई लहरपुर-बिसवां मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियों में ही फेंक गया। दुधमुंही के रोने की आवाज सुन उधर से गुजर रहेे दंपती ने देखा तो बच्ची ठंड में ठिठुर रही थी।
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एक साल में लपेटकर उसे झाड़ियों में छोड़ दिया गया था। दंपती ने झट से उसे गले लगा लिया। आसपास बच्ची के बारे में पता किया लेकिन कामयाबी नहीं मिलने पर दोनों उसे घर ले आए।
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लहरपुर-बिसवां मार्ग पर लश्करपुर के निकट कोई सड़क किनारे झाड़ियों में एक नवजात को छोड़ गया। गुरुवार शाम ईरापुर निवासी राम सागर अपनी पत्नी संगीता देवी के साथ उधर से गुजर रहे थे। इसी बीच झाड़ियों से उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
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दोनों करीब पहुंचे तो कपड़े में लिपटी नवजात पड़ी थी। दंपती ने आसपास के लोगों से बच्चे के परिचितों के बारे में पूछा लेकिन कोई कुछ बात नहीं सका। बच्ची भूख से बिलख रही थी। इस पर संगीता ने झट से अपनी ममता का आंचल उसे दे दिया।
उसे सीने से लगाकर पुचकारा। बच्ची ने भी रोना बंद कर दिया था। शायद मां की गोद का अहसास पाकर बच्ची भी फिक्रमंद हो गई थी। दंपती उसे लेकर घर चले गए। राम सागर ने बताया कि उसके तीन संतान पहले से हैं, लेकिन वह बालिका का रोना बर्दाश्त नहीं कर सका। जिसकी वजह से उसे अपना लिया। हालांकि इस संबंध में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है। बालिका किसकी है। इसका पता नहीं चल सका है।