{"_id":"67c5fc223626603fb70722cc","slug":"minor-track-cut-two-houses-filled-with-water-sitapur-news-c-102-1-stp1002-127996-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: माइनर की पटरी कटी, दो घरों में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: माइनर की पटरी कटी, दो घरों में भरा पानी
Tue, 04 Mar 2025 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
लहरपुर क्षेत्र के ग्राम नेवादा में कटी नहर की पटरी। संवाद
लहरपुर (सीतापुर)। तहसील क्षेत्र लहरपुर से होकर बहने वाली लहरपुर माइनर की पटरी नेवादा के पास कट जाने से दो घरों में पानी भर गया। इससे परिवार को छत पर गुजर-बसर करना पड़ रहा है। माइनर के पास करीब 15 बीघा खेत में लगी फसल डूब गई। तालाब की मछलियां बहाव के साथ बह जाने से पालकों को नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नहर में बांध बनाकर फसल सींचे जाने के कारण पानी के दबाव से पटरी क्षतिग्रस्त हुई है।
नेवादा गांव के पास सोमवार सुबह माइनर की दाहिनी पटरी गांव की तरफ कट गई। उसका पानी पास में बने सुहेल व मुकीम के घरों में भर गया। इससे घर में रखी दैनिक उपयोग की सामग्री व फर्नीचर खराब हो गया। दोनों परिवार घर की छत पर गुजर-बसर कर रहे हैं।
माइनर का पानी खेतों में भरने से किसान मुजम्मिल, रफीक व गुड्डू की चार-चार बीघा गेहूं की फसल, नूर मोहम्मद की दो बीघा सरसों, अमीन की एक बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा तालाब में पाली गईं मछलियां पानी में बह जाने से मैलू को भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक पानी के बहाव से माइनर की पटरियों की मिट्टी धीरे-धीरे कटती रहती है। इससे पटरियां कमजोर होने से पानी का दबाव पड़ते ही कट जाती हैं। इसके अलावा सिल्ट की सफाई सही ढंग से न कराए जाने से पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है। इससे भी पटरी पर दबाव बढ़ता है, जिस जगह पटरी कमजोर होती है, वहां क्षतिग्रस्त हो जाती है। पहले भी इसी जगह कई बार माइनर की पटरी कट चुकी है।
बांध बनाए जाने से कटी पटरी
किसानों ने माइनर में बांध बनाकर सिंचाई के लिए पानी को रोक लिया। इससे पानी का दबाव पड़ने से पटरी कट गई। माइनर के पानी को बंद करा दिया गया है, जल्द ही पटरी की मरम्मत कराकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- शिव प्रताप यादव, अवर अभियंता, लहरपुर माइनर
विज्ञापन
नेवादा गांव के पास सोमवार सुबह माइनर की दाहिनी पटरी गांव की तरफ कट गई। उसका पानी पास में बने सुहेल व मुकीम के घरों में भर गया। इससे घर में रखी दैनिक उपयोग की सामग्री व फर्नीचर खराब हो गया। दोनों परिवार घर की छत पर गुजर-बसर कर रहे हैं।
विज्ञापन
माइनर का पानी खेतों में भरने से किसान मुजम्मिल, रफीक व गुड्डू की चार-चार बीघा गेहूं की फसल, नूर मोहम्मद की दो बीघा सरसों, अमीन की एक बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा तालाब में पाली गईं मछलियां पानी में बह जाने से मैलू को भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक पानी के बहाव से माइनर की पटरियों की मिट्टी धीरे-धीरे कटती रहती है। इससे पटरियां कमजोर होने से पानी का दबाव पड़ते ही कट जाती हैं। इसके अलावा सिल्ट की सफाई सही ढंग से न कराए जाने से पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है। इससे भी पटरी पर दबाव बढ़ता है, जिस जगह पटरी कमजोर होती है, वहां क्षतिग्रस्त हो जाती है। पहले भी इसी जगह कई बार माइनर की पटरी कट चुकी है।
बांध बनाए जाने से कटी पटरी
किसानों ने माइनर में बांध बनाकर सिंचाई के लिए पानी को रोक लिया। इससे पानी का दबाव पड़ने से पटरी कट गई। माइनर के पानी को बंद करा दिया गया है, जल्द ही पटरी की मरम्मत कराकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- शिव प्रताप यादव, अवर अभियंता, लहरपुर माइनर