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मिलावटखोर को 30 वर्ष बाद एक साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Tue, 22 Sep 2015 11:10 PM IST
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रहलाद सिंह द्वितीय ने एक मिलावट खोर दूधिए को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। करीब 30 साल बाद आए फैसले में दूधिए को दोषी करार दिया जा सका।
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मामला 1985 का है। तत्कालीन खाद्य सुरक्षाधिकारी आरके तिवारी ने दूध में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान टीम ने 16 जून को रामकोट इलाके में शाहजहांपुर रोड पर पेट्रोल पंप के पास अंगदपुर निवासी अल्ताफ से दूध का नमूना भरा था।
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बाद में इस नमूने को जांच के लिए वाराणसी की जनविश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। करीब दो माह बाद आई रिपोर्ट में दूध अधोमानक साबित हुआ। दूध में 33 फीसदी वसा की कम मात्रा मिली।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां वाद दायर किया गया था। मामले में करीब 30 साल तक पैरवी चलती रही। मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रहलाद सिंह द्वितीय ने दूध में मिलावट के लिए दूधिए को दोषी करार दिया। इस प्रकरण में दूधिए को एक वर्ष की सजा व दो हजार का जुर्माना लगाया है।