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Sitapur News: बिल सुधार के लिए मीटर रीडर मांग रहा 20 हजार, बेच दी भैंस...
Fri, 18 Jul 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:18 AM IST
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शिविर में समस्या बताते उपभोक्ता।
केस 1
14 महीने का बिल 81,800 रुपये
बसेती के अनवर खां विद्युत वितरण खंड प्रथम के परिसर में आयोजित शिविर में बिल सही करवाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 14 महीने का बिल 81,800 रुपये आ गया है।मीटर रीडर बिल सही कराने के लिए 20 हजार रुपये मांग रहा है। बिल में जमा करने के लिए अपनी एक भैंस बेच दी है, बिल में सुधार हो जाए तो कुछ राहत मिल जाए।
केस 2
स्मार्ट मीटर दे रहा तगड़ा झटका
सरायभाट के प्रदीप कुमार ने बताया कि पिता के नाम से बिजली कनेक्शन है। हर माह 1000 रुपये के करीब बिल आता था। एक माह पहले स्मार्ट मीटर लगा और एक माह का बिल 10 हजार रुपये आ गया है। स्मार्ट मीटर बहुत तेज व गलत रीडिंग दे रहा है। उन्होंने मीटर की जांच व बिल में सुधार की मांग की।
केस 3
चार महीने से नहीं आ रहा मीटर रीडर
शहर के लालकुर्ती निवासी रसीद अहमद शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि चार महीने से मीटर रीडर नहीं आ रहा है। हर माह पांच हजार का बिल आता है। बिजली बहुत कम खर्च कर रहे हैं, लेकिन बिल कई गुना ज्यादा आ रहा है।
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केस 4
10 साल से स्थायी कनेक्शन के लिए दौड़ रहे
नेरी के रामनरेश शिकायत करते-करते थक गए हैं। रामनरेश ने बताया कि अस्थायी कनेक्शन को स्थायी कराकर नया मीटर लगवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई बार अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद घर पर मीटर नहीं लग सका है। शिविर की जानकारी होने पर बहुत उम्मीद से यहां पर आए हैं।
केस 5-
1842 रुपये था बिल, मीटर बदलते ही हुआ 42 हजार
बिसवां के थवईटोला निवासी अतीक ने बताया कि उनका जनवरी व फरवरी माह का बिल 1842 रुपये था। मार्च व अप्रैल माह का बिल नहीं दिया गया। कुछ दिन बाद मीटर बदला गया। इसके बाद जून माह में मोबाइल पर 42 हजार रुपये जमा करने का मेसेज आया। तबसे लगातार दौड़ रहे हैं। शिविर में राहत की उम्मीद लेकर आए हैं।
सीतापुर। बिजली विभाग की तरफ से तीन दिवसीय मेगा शिविर के पहले दिन बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ताओं की भीड़ उमड़ी। बिजली बिल में गड़बड़ी व स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतें सबसे अधिक रहीं। विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय के परिसर में आयोजित शिविर में उपभोक्ताओं ने अपना दर्द बयां किया। कोई 10 साल से कनेक्शन को स्थायी करवाने के लिए दौड़ रहा है तो कोई स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार से परेशान नजर आया।
जिस घर का बिल पहले दो हजार आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद वहां पांच हजार रुपये बिल आ रहा है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि अवर अभियंता शिकायत नहीं सुनते हैं। एक बिल सही करवाने के लिए उपखंड कार्यालयों पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। बिजली गुल होने पर कंट्रोल रूम व कर्मचारियों का फोन नहीं उठता है। अवर अभियंता, लाइनमैन व मीटर रीडर धनउगाही करते हैं। शिविर में मौजूद अफसरों ने शिकायतें पंजीकृत कर एक सप्ताह में निस्तारण का भरोसा दिया। इसी तरह विद्युत वितरण खंड महमूदाबाद व बिसवां में भी शिकायतें आईं।
डाउन रहा सर्वर
मेगा शिविर में सर्वर काफी परेशान करता रहा। उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करवाने में 10-20 मिनट तक लगे। कर्मचारी बार-बार रीफ्रेश करते रहे। इससे उपभोक्ताओं को काफी इंतजार करना पड़ा।
खानापूर्ति रहा शिविर, नहीं पहुंचे अधिकारी
विद्युत वितरण खंड महमूदाबाद के परिसर में शिविर लगाया गया। इस शिविर में अधिशासी अभियंता से लेकर एसडीओ व जेई कोई भी मौजूद नहीं था। दोपहर एक बजे केवल दो शिकायतकर्ता थे और तीन कर्मचारी बैठे मिले। जब अफसरों के न होने की बात पूछी गई तो पता कि वे कहीं दूसरी जगह पर आयोजित शिविर में गए हुए हैं।
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14 महीने का बिल 81,800 रुपये
बसेती के अनवर खां विद्युत वितरण खंड प्रथम के परिसर में आयोजित शिविर में बिल सही करवाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 14 महीने का बिल 81,800 रुपये आ गया है।मीटर रीडर बिल सही कराने के लिए 20 हजार रुपये मांग रहा है। बिल में जमा करने के लिए अपनी एक भैंस बेच दी है, बिल में सुधार हो जाए तो कुछ राहत मिल जाए।
केस 2
स्मार्ट मीटर दे रहा तगड़ा झटका
सरायभाट के प्रदीप कुमार ने बताया कि पिता के नाम से बिजली कनेक्शन है। हर माह 1000 रुपये के करीब बिल आता था। एक माह पहले स्मार्ट मीटर लगा और एक माह का बिल 10 हजार रुपये आ गया है। स्मार्ट मीटर बहुत तेज व गलत रीडिंग दे रहा है। उन्होंने मीटर की जांच व बिल में सुधार की मांग की।
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केस 3
चार महीने से नहीं आ रहा मीटर रीडर
शहर के लालकुर्ती निवासी रसीद अहमद शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि चार महीने से मीटर रीडर नहीं आ रहा है। हर माह पांच हजार का बिल आता है। बिजली बहुत कम खर्च कर रहे हैं, लेकिन बिल कई गुना ज्यादा आ रहा है।
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केस 4
10 साल से स्थायी कनेक्शन के लिए दौड़ रहे
नेरी के रामनरेश शिकायत करते-करते थक गए हैं। रामनरेश ने बताया कि अस्थायी कनेक्शन को स्थायी कराकर नया मीटर लगवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई बार अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद घर पर मीटर नहीं लग सका है। शिविर की जानकारी होने पर बहुत उम्मीद से यहां पर आए हैं।
केस 5-
1842 रुपये था बिल, मीटर बदलते ही हुआ 42 हजार
बिसवां के थवईटोला निवासी अतीक ने बताया कि उनका जनवरी व फरवरी माह का बिल 1842 रुपये था। मार्च व अप्रैल माह का बिल नहीं दिया गया। कुछ दिन बाद मीटर बदला गया। इसके बाद जून माह में मोबाइल पर 42 हजार रुपये जमा करने का मेसेज आया। तबसे लगातार दौड़ रहे हैं। शिविर में राहत की उम्मीद लेकर आए हैं।
सीतापुर। बिजली विभाग की तरफ से तीन दिवसीय मेगा शिविर के पहले दिन बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ताओं की भीड़ उमड़ी। बिजली बिल में गड़बड़ी व स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतें सबसे अधिक रहीं। विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय के परिसर में आयोजित शिविर में उपभोक्ताओं ने अपना दर्द बयां किया। कोई 10 साल से कनेक्शन को स्थायी करवाने के लिए दौड़ रहा है तो कोई स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार से परेशान नजर आया।
जिस घर का बिल पहले दो हजार आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद वहां पांच हजार रुपये बिल आ रहा है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि अवर अभियंता शिकायत नहीं सुनते हैं। एक बिल सही करवाने के लिए उपखंड कार्यालयों पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। बिजली गुल होने पर कंट्रोल रूम व कर्मचारियों का फोन नहीं उठता है। अवर अभियंता, लाइनमैन व मीटर रीडर धनउगाही करते हैं। शिविर में मौजूद अफसरों ने शिकायतें पंजीकृत कर एक सप्ताह में निस्तारण का भरोसा दिया। इसी तरह विद्युत वितरण खंड महमूदाबाद व बिसवां में भी शिकायतें आईं।
डाउन रहा सर्वर
मेगा शिविर में सर्वर काफी परेशान करता रहा। उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करवाने में 10-20 मिनट तक लगे। कर्मचारी बार-बार रीफ्रेश करते रहे। इससे उपभोक्ताओं को काफी इंतजार करना पड़ा।
खानापूर्ति रहा शिविर, नहीं पहुंचे अधिकारी
विद्युत वितरण खंड महमूदाबाद के परिसर में शिविर लगाया गया। इस शिविर में अधिशासी अभियंता से लेकर एसडीओ व जेई कोई भी मौजूद नहीं था। दोपहर एक बजे केवल दो शिकायतकर्ता थे और तीन कर्मचारी बैठे मिले। जब अफसरों के न होने की बात पूछी गई तो पता कि वे कहीं दूसरी जगह पर आयोजित शिविर में गए हुए हैं।