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Sitapur News: पकड़ा गया बकरी का शिकार करने पिंजरे में घुसा तेंदुआ
Sun, 16 Nov 2025 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:20 AM IST
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सीतापुर। महोली इलाके में एक माह से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ ही गया। शुक्रवार देर रात करीब दो बजे तेंदुआ जैसे ही वन विभाग की तरफ से लगाए गए पिंजरे में बंधी बकरी का शिकार करने में घुसा, उसी में फंस कर रह गया। शनिवार सुबह तेंदुए की दहाड़ सुनकर ग्रामीण व वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर पिंजरे में बंद तेंदुए को देखा। उसे इलसिया स्थित वन चेतना पार्क में वन्यजीव चिकित्सक की देखरेख में रखा गया है।
महोली वन रेंज में विगत एक माह से तेंदुआ चहलकदमी कर रहा था। कभी वह बीच सड़क पर आकर खड़ा हो जाता था, तो कभी खेत में किसानों के सामने गरजता था। कई बार उसका सामना क्षेत्रीय ग्रामीणों से होने से लोगों में दहशत व्याप्त थी। बांसी, ढिगरा, नौगवां, रामनगर, चकरेरा, मुसब्बरपुर, चडरा समेत 20 से ज्यादा गांवों में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई थी।
एक सप्ताह पूर्व मुसब्बरपुर के किसान धर्मेंद्र अपने भाई नरेंद्र के साथ गन्ने की पत्ती लेने खेत गए थे। अंधेरा होने पर जब वे ट्रैक्टर से लौट रहे थे, तो जंगल से गुजरते समय तेंदुआ उनके सामने आ गया। इसके बाद वन विभाग ने गांव के बाहर पिंजरा लगाया था। एक सप्ताह तक तेंदुआ वन विभाग को चकमा देता रहा। शुक्रवार की रात करीब दो बजे पिंजरे में मौजूद बकरी की आवाज सुनकर तेंदुआ उसका शिकार करने के चक्कर में पिंजरे में फंस गया।
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तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना फैलते ही क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तेंदुए की एक झलक पाने को लोग बेताब नजर आ रहे थे। उसके पकड़े जाने से क्षेत्र के नागरिकों ने सुकून की सांस ली है। महोली रेंजर केएन भार्गव ने बताया कि पिंजरा समेत तेंदुए को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर इलसिया के वन चेतना पार्क भेजा गया है।
तेंदुआ कर चुका है हिरन का शिकार
तेंदुआ दो दिन पहले हिरन के बच्चे का शिकार भी कर चुका है। विगत बृहस्पतिवार की शाम चडरा निवासी संदीप यादव अपने खेत गया था। इस बीच रामविलास त्रिवेदी के खेत में एक हिरन का शव पड़ा मिला था। उसके आसपास तेंदुए के पग चिह्न भी मिले थे।
मिर्जापुर की कैमूर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी भेजा
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पिंजरे में कैद नर तेंदुए की प्राथमिक चिकित्सकीय जांच पशु चिकित्सक ने की है। तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है। वन्यजीव चिकित्सक की देखरेख में उसे रखा गया है। बताया कि इसका वजन करीब 60 किलोग्राम है। चार वर्ष के तेंदुए को चिकित्सकीय जांच में फिट पाने पर शनिवार देर शाम मिर्जापुर की कैमूर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी भेजा गया है।
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महोली वन रेंज में विगत एक माह से तेंदुआ चहलकदमी कर रहा था। कभी वह बीच सड़क पर आकर खड़ा हो जाता था, तो कभी खेत में किसानों के सामने गरजता था। कई बार उसका सामना क्षेत्रीय ग्रामीणों से होने से लोगों में दहशत व्याप्त थी। बांसी, ढिगरा, नौगवां, रामनगर, चकरेरा, मुसब्बरपुर, चडरा समेत 20 से ज्यादा गांवों में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई थी।
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एक सप्ताह पूर्व मुसब्बरपुर के किसान धर्मेंद्र अपने भाई नरेंद्र के साथ गन्ने की पत्ती लेने खेत गए थे। अंधेरा होने पर जब वे ट्रैक्टर से लौट रहे थे, तो जंगल से गुजरते समय तेंदुआ उनके सामने आ गया। इसके बाद वन विभाग ने गांव के बाहर पिंजरा लगाया था। एक सप्ताह तक तेंदुआ वन विभाग को चकमा देता रहा। शुक्रवार की रात करीब दो बजे पिंजरे में मौजूद बकरी की आवाज सुनकर तेंदुआ उसका शिकार करने के चक्कर में पिंजरे में फंस गया।
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तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना फैलते ही क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तेंदुए की एक झलक पाने को लोग बेताब नजर आ रहे थे। उसके पकड़े जाने से क्षेत्र के नागरिकों ने सुकून की सांस ली है। महोली रेंजर केएन भार्गव ने बताया कि पिंजरा समेत तेंदुए को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर इलसिया के वन चेतना पार्क भेजा गया है।
तेंदुआ कर चुका है हिरन का शिकार
तेंदुआ दो दिन पहले हिरन के बच्चे का शिकार भी कर चुका है। विगत बृहस्पतिवार की शाम चडरा निवासी संदीप यादव अपने खेत गया था। इस बीच रामविलास त्रिवेदी के खेत में एक हिरन का शव पड़ा मिला था। उसके आसपास तेंदुए के पग चिह्न भी मिले थे।
मिर्जापुर की कैमूर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी भेजा
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पिंजरे में कैद नर तेंदुए की प्राथमिक चिकित्सकीय जांच पशु चिकित्सक ने की है। तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है। वन्यजीव चिकित्सक की देखरेख में उसे रखा गया है। बताया कि इसका वजन करीब 60 किलोग्राम है। चार वर्ष के तेंदुए को चिकित्सकीय जांच में फिट पाने पर शनिवार देर शाम मिर्जापुर की कैमूर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी भेजा गया है।