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एक दिन में एक हजार लोगों का होगा कोविड टेस्ट
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सीतापुर। लोगों को अब जिले में जल्द ही कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में डीएसएलटू लैब बनकर तैयार हो गई है। मशीनें लगा दी गईं हैं। इससे उम्मीद है कि दो सप्ताह के अंदर लैब शुरू हो जाएगी। इससे एक तो जिलेवासियों को लाभ मिलेगा। आस पड़ोस के जनपद के लोग भी लाभान्वित हो सकेंगे। यह लैब एक दिन में एक हजार सैंपल की जांच करेगी।
कोरोना की जांच तीन तरह से की जाती है। यह तीनों सुविधाएं जिले में हैं। जिला अस्पताल में टू-नेट मशीन से कुछ ही घंटों में जांच हो जाती है। इसके अलावा एंटीजन किट के माध्यम से भी जांच होती है। कोरोना की सबसे प्रमाणिक जांच आरटीपीसीआर की मानी जाती है। इस जांच की सुविधा लखनऊ में है। इससे जिले में रोजाना मरीजों के सैंपल लिए जाते है। फिर उसको लखनऊ भेजा जाता है।
वहां से जांच रिपोर्ट आने पर दो से तीन दिन गुजर जाते हैं। इससे मरीजों को अपनी जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब मरीजों को यह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह जिले में ही कोरोना जांच की सुविधा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में डीएसएलटू लैब बनकर तैयार हो गई है। यहां पर जांच की नई मशीनें भी आ गई हैं। इनको लगा दिया गया है।
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उम्मीद है कि यह लैब दो सप्ताह के अंदर शुरू हो जाएगी। इस लैब की क्षमता 24 घंटे में एक हजार मरीजों की जांच करने की होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोरोना की 24 घंटे के अंदर जांच मिल जाएगी। सीतापुर के साथ ही लखीमपुर, हरदोई, शाहजहांपुर के जनपदों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
एक हजार रोजाना हो रही है जांच
जिले में इस समय रोजाना एक हजार से अधिक जांचें हो रही हैं। इन जांचों की रिपोर्ट ऑनलाइन आने में दो से तीन दिन बीत जाते हैं। इससे सबसे अधिक नुकसान मरीजों को उठाना पड़ता है। अगर किसी मरीज को ऑपरेशन कराना है तो उसको आरटीपीसीआर जांच मांगी जाती है। गैर प्रदेशों में आवागमन करने पर भी लोगों को जांच की जरूरत पड़ती है। इससे वह रिपोर्ट का इंतजार करते रहते है। अब यह समस्या दूर होने वाली है।
जल्द शुरू होगी लैब
लैब बनकर तैयार हो गई है। कुछ कमियां बची है। उनको भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। दो सप्ताह में लैब काम करना शुरू कर देगी।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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कोरोना की जांच तीन तरह से की जाती है। यह तीनों सुविधाएं जिले में हैं। जिला अस्पताल में टू-नेट मशीन से कुछ ही घंटों में जांच हो जाती है। इसके अलावा एंटीजन किट के माध्यम से भी जांच होती है। कोरोना की सबसे प्रमाणिक जांच आरटीपीसीआर की मानी जाती है। इस जांच की सुविधा लखनऊ में है। इससे जिले में रोजाना मरीजों के सैंपल लिए जाते है। फिर उसको लखनऊ भेजा जाता है।
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वहां से जांच रिपोर्ट आने पर दो से तीन दिन गुजर जाते हैं। इससे मरीजों को अपनी जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब मरीजों को यह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह जिले में ही कोरोना जांच की सुविधा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में डीएसएलटू लैब बनकर तैयार हो गई है। यहां पर जांच की नई मशीनें भी आ गई हैं। इनको लगा दिया गया है।
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उम्मीद है कि यह लैब दो सप्ताह के अंदर शुरू हो जाएगी। इस लैब की क्षमता 24 घंटे में एक हजार मरीजों की जांच करने की होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोरोना की 24 घंटे के अंदर जांच मिल जाएगी। सीतापुर के साथ ही लखीमपुर, हरदोई, शाहजहांपुर के जनपदों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
एक हजार रोजाना हो रही है जांच
जिले में इस समय रोजाना एक हजार से अधिक जांचें हो रही हैं। इन जांचों की रिपोर्ट ऑनलाइन आने में दो से तीन दिन बीत जाते हैं। इससे सबसे अधिक नुकसान मरीजों को उठाना पड़ता है। अगर किसी मरीज को ऑपरेशन कराना है तो उसको आरटीपीसीआर जांच मांगी जाती है। गैर प्रदेशों में आवागमन करने पर भी लोगों को जांच की जरूरत पड़ती है। इससे वह रिपोर्ट का इंतजार करते रहते है। अब यह समस्या दूर होने वाली है।
जल्द शुरू होगी लैब
लैब बनकर तैयार हो गई है। कुछ कमियां बची है। उनको भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। दो सप्ताह में लैब काम करना शुरू कर देगी।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल