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40 वेंटीलेटर वाला होगा कोविड अस्पताल
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जिला अस्पाल के मेडिकल बी वार्ड भर्ती मरीज। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच संक्रमण से निपटने के लिए जिला अस्पताल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेते हुए जिम्मेदारों ने अभी से ही स्टाफ से लेकर संसाधनों को बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले समय में स्टाफ और संसाधन का संकट न खड़ा हो। वेंटीलेटर की संख्या के साथ बेड भी बढ़ाए जाएंगे। जिला अस्पताल के सीएमएस ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इस बार जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल 40 वेंटीलेटरों वाला होगा।
संक्रमण की दूसरी लहर में अस्पतालों में वेंटीलेटर से लेकर बेडों की किल्लत की तस्वीरों को सभी ने देखा है। हर ओर भयावह मंजर था। लोग वेंटीलेटर के लिए तरस रहे थे। एक-एक बेड के लिए मारामारी थी। कोविड अस्पताल घोषित होने के बाद भी बेडों की संख्या कम पड़ जा रही थी। ऐसे में कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे और जिले में हाल ही मिल चुके कोरोना के सात मामलों ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिम्मेदारों को लगने लगा है कि संक्रमण तेजी से फैला तो दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा खड़ा हो सकता है। इसी वजह से जिला अस्पताल ने तैयारियों और सुविधाओं का दायरा अभी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। वेंटीलेटर से लेकर बेड और स्टाफ को बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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इस बार जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल 40 वेंटीलेटरों वाला होगा। आईसीयू में भी बेड बढ़ाए जाएंगे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केडी पांडेय ने प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया है। प्रस्ताव में इस बार 40 वेंटीलेटरों, 30 से 40 बेड और अन्य सभी जरूरी उपकरणों की मांग की गई है। इसके साथ ही स्टाफ बढ़ाने की भी डिमांड की गई है। अस्पताल प्रशासन को अब संसाधनों और स्टाफ के मिलने का इंतजार है।
स्टॉफ की कमी ने बढ़ाई चिंता
लंबे समय से जिला अस्पताल में तैनात रहे सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल अभी हाल ही में रिटायर हुए हैं। इसके बाद जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केडी पांडेय को सीएमएस की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच स्टाफ की कमी से उनकी चिंता बढ़ गई है।
इसलिए सीएमएस ने सीएमओ से भी स्टाफ देने की मांग की है। शासन को भी पत्र लिखा है। सीएमएस डॉ. केडी पांडेय बताते हैं कि अभी तक जिला अस्पताल में एनएचएम के तहत 20 लोगों की ड्यूटी थी, इसमें अधिकतर नर्स थी और बाकी अन्य स्वास्थ्य कर्मी थे, लेकिन इन लोगों का सेलेक्शन रेगुलर में हो गया है। इसके बाद 7 से 8 स्वास्थ्य कर्मी यहां से जा चुके हैं। उन्होंने अपनी ज्वाइनिंग तैनाती स्थल पर करा ली है। अब 12 लोग और बचे हैं। आदेश आते ही यह भी यहां से चले जाएंगे, ऐसे में दुश्वारियां बढ़ सकती हैं।
नया स्टाफ बढ़ने पर अनुभव की कमी आ सकती आड़े
कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच स्टाफ बढ़ाने की भेजी गई डिमांड पर स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या तो बढ़ाई जा सकती है, लेकिन यह सभी नए हो सकते हैं। ऐसे में कोविड के समय वेंटीलेटर से लेकर आईसीयू की सुविधाएं देने में इन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने अनुभव की कमी आड़े आ सकती हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भी भुगतना पड़ सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस भी इस बात को स्वीकार रहे हैं।
मेडिकल ए, बी और पेईंग वार्ड फुल
जिला अस्पताल में बेड की समस्या अभी से ही गहराने लगी है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल के मेडिकल ए, बी और पेईंग वार्ड मरीजों से फुल हो चुके थे। एक भी बेड खाली नहीं था। ऐसे में अन्य मरीजों के लिए भर्ती होने की जगह नहीं है। मजबूरी में उन्हें फर्श पर लेटना पड़ रहा है।
पिछली बार 10 वेंटीलेटर की कोविड अस्पताल में व्यवस्था थी। इस बार 40 वेंटीलेटर, 30 से 40 बेड की सुविधा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टाफ की भी डिमांड की गई है। कोविड के समय प्रशिक्षित स्टाफ का होना बहुत जरूरी है। बाकी तैयारियां की जा रही है। मरीजों को बेेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
- डॉ. केडी पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल
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संक्रमण की दूसरी लहर में अस्पतालों में वेंटीलेटर से लेकर बेडों की किल्लत की तस्वीरों को सभी ने देखा है। हर ओर भयावह मंजर था। लोग वेंटीलेटर के लिए तरस रहे थे। एक-एक बेड के लिए मारामारी थी। कोविड अस्पताल घोषित होने के बाद भी बेडों की संख्या कम पड़ जा रही थी। ऐसे में कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे और जिले में हाल ही मिल चुके कोरोना के सात मामलों ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है।
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स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिम्मेदारों को लगने लगा है कि संक्रमण तेजी से फैला तो दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा खड़ा हो सकता है। इसी वजह से जिला अस्पताल ने तैयारियों और सुविधाओं का दायरा अभी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। वेंटीलेटर से लेकर बेड और स्टाफ को बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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इस बार जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल 40 वेंटीलेटरों वाला होगा। आईसीयू में भी बेड बढ़ाए जाएंगे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केडी पांडेय ने प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया है। प्रस्ताव में इस बार 40 वेंटीलेटरों, 30 से 40 बेड और अन्य सभी जरूरी उपकरणों की मांग की गई है। इसके साथ ही स्टाफ बढ़ाने की भी डिमांड की गई है। अस्पताल प्रशासन को अब संसाधनों और स्टाफ के मिलने का इंतजार है।
स्टॉफ की कमी ने बढ़ाई चिंता
लंबे समय से जिला अस्पताल में तैनात रहे सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल अभी हाल ही में रिटायर हुए हैं। इसके बाद जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केडी पांडेय को सीएमएस की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच स्टाफ की कमी से उनकी चिंता बढ़ गई है।
इसलिए सीएमएस ने सीएमओ से भी स्टाफ देने की मांग की है। शासन को भी पत्र लिखा है। सीएमएस डॉ. केडी पांडेय बताते हैं कि अभी तक जिला अस्पताल में एनएचएम के तहत 20 लोगों की ड्यूटी थी, इसमें अधिकतर नर्स थी और बाकी अन्य स्वास्थ्य कर्मी थे, लेकिन इन लोगों का सेलेक्शन रेगुलर में हो गया है। इसके बाद 7 से 8 स्वास्थ्य कर्मी यहां से जा चुके हैं। उन्होंने अपनी ज्वाइनिंग तैनाती स्थल पर करा ली है। अब 12 लोग और बचे हैं। आदेश आते ही यह भी यहां से चले जाएंगे, ऐसे में दुश्वारियां बढ़ सकती हैं।
नया स्टाफ बढ़ने पर अनुभव की कमी आ सकती आड़े
कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच स्टाफ बढ़ाने की भेजी गई डिमांड पर स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या तो बढ़ाई जा सकती है, लेकिन यह सभी नए हो सकते हैं। ऐसे में कोविड के समय वेंटीलेटर से लेकर आईसीयू की सुविधाएं देने में इन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने अनुभव की कमी आड़े आ सकती हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भी भुगतना पड़ सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस भी इस बात को स्वीकार रहे हैं।
मेडिकल ए, बी और पेईंग वार्ड फुल
जिला अस्पताल में बेड की समस्या अभी से ही गहराने लगी है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल के मेडिकल ए, बी और पेईंग वार्ड मरीजों से फुल हो चुके थे। एक भी बेड खाली नहीं था। ऐसे में अन्य मरीजों के लिए भर्ती होने की जगह नहीं है। मजबूरी में उन्हें फर्श पर लेटना पड़ रहा है।
पिछली बार 10 वेंटीलेटर की कोविड अस्पताल में व्यवस्था थी। इस बार 40 वेंटीलेटर, 30 से 40 बेड की सुविधा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टाफ की भी डिमांड की गई है। कोविड के समय प्रशिक्षित स्टाफ का होना बहुत जरूरी है। बाकी तैयारियां की जा रही है। मरीजों को बेेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
- डॉ. केडी पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल