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Sitapur News: संपत्तियों के पारिवारिक हस्तांतरण का बढ़ रहा प्रचलन
Thu, 08 Jan 2026 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:05 AM IST
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सीतापुर। प्रदेश सरकार ने पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यवसायिक और औद्योगिक संपत्तियों का हस्तांतरण भी सिर्फ पांच हजार रुपये में करने का निर्णय लिया है। ऐसे में निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत होने वाले दान पत्रों के आंकड़ों में खासा इजाफा होने की उम्मीद है। पूर्व में यह व्यवस्था आवासीय व कृषि संपत्तियों पर ही लागू थी। जिले की सात तहसीलों में इस व्यवस्था के तहत अब तक 2780 दान पत्रों का पंजीकरण हो चुका है। इससे लाभार्थियों को 31.56 करोड़ रुपये की स्टांप छूट मिली है।
अब परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान पत्र पर स्टांप शुल्क में उपलब्ध छूट का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। ऐसे में सभी निबंधक कार्यालयों में दान पत्रों का पंजीकरण बढ़ेगा। वर्ष 2022 से पूर्व तक परिवार के रिश्ते में प्रापर्टी दान करने पर पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टांप शुल्क देना पड़ता था। इसके बाद स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के अनुसार अचल संपत्ति को परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित करने पर स्टांप शुल्क में छूट देने का प्रावधान किया गया था। यह छूट सिर्फ कृषि व आवासीय संपत्तियों पर लागू थी। अब नये फैसले से दान पत्रों के पंजीकरण की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। (संवाद)
दान पत्रों के पंजीकरण का बढ़ा ग्राफ
दान पत्रों में स्टांप छूट के प्रावधान से दान पत्रों के पंजीकरण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। निबंधन विभाग भी लोगों को इस व्यवस्था से होने वाले फायदों के प्रति जागरूक कर रहा है। बताया जा रहा है कि मात्र पांच हजार रुपये में पारिवारिक सदस्यों को संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी है। नई व्यवस्था से भी लोगों को राहत मिलेगी।
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- राजीव त्रिपाठी, उपनिबंधक सदर सीतापुर
दान पत्र पंजीकरण में बिसवां व सदर तहसील अव्वल
तहसील - दान पत्रों की संख्या- स्टांप छूट (रुपये में)
बिसवां- 497 2.60
सदर 477 16.93 करोड़
लहरपुर 415 2.60 करोड़
महमूदाबाद 410 2.57 करोड़
सिधौली 366 3.59 करोड़
मिश्रिख 316 1.58 करोड़
महोली 299 1. 66 करोड़
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अब परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान पत्र पर स्टांप शुल्क में उपलब्ध छूट का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। ऐसे में सभी निबंधक कार्यालयों में दान पत्रों का पंजीकरण बढ़ेगा। वर्ष 2022 से पूर्व तक परिवार के रिश्ते में प्रापर्टी दान करने पर पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टांप शुल्क देना पड़ता था। इसके बाद स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के अनुसार अचल संपत्ति को परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित करने पर स्टांप शुल्क में छूट देने का प्रावधान किया गया था। यह छूट सिर्फ कृषि व आवासीय संपत्तियों पर लागू थी। अब नये फैसले से दान पत्रों के पंजीकरण की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। (संवाद)
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दान पत्रों के पंजीकरण का बढ़ा ग्राफ
दान पत्रों में स्टांप छूट के प्रावधान से दान पत्रों के पंजीकरण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। निबंधन विभाग भी लोगों को इस व्यवस्था से होने वाले फायदों के प्रति जागरूक कर रहा है। बताया जा रहा है कि मात्र पांच हजार रुपये में पारिवारिक सदस्यों को संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी है। नई व्यवस्था से भी लोगों को राहत मिलेगी।
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- राजीव त्रिपाठी, उपनिबंधक सदर सीतापुर
दान पत्र पंजीकरण में बिसवां व सदर तहसील अव्वल
तहसील - दान पत्रों की संख्या- स्टांप छूट (रुपये में)
बिसवां- 497 2.60
सदर 477 16.93 करोड़
लहरपुर 415 2.60 करोड़
महमूदाबाद 410 2.57 करोड़
सिधौली 366 3.59 करोड़
मिश्रिख 316 1.58 करोड़
महोली 299 1. 66 करोड़