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आरक्षित जमीनों पर बन रही अवैध कॉलोनियां
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गोला रोड पर की जाती कार्मिशियल व आवासीय प्लांटिंग। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला मुख्यालय के चारों ओर जमीनों को महायोजना 2021 में विभिन्न कार्यों के लिए आरक्षित किया गया है। इन जमीनों पर अवैध ढंग से कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। बिल्डर प्लॉटिंग कर रहे है। इसका शहर में तेजी से प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। बिना ले आउट प्लॉन स्वीकृत कराये व मूलभूत सुविधाएं दिए बिना ही बड़े क्षेत्रफल में मकान बन रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर संजीदा नहीं हैं। यह खेल काफी समय से चल रहा है।
शहर से लखनऊ, शाहजहांपुर, लखीमपुर, हरदोई, बहराइच, बाराबंकी सहित अन्य स्थानों को जाने वाले मार्गों पर तेज गति से खेती योग्य जमीनों को खरीदकर उन पर प्लॉटिंग करने के साथ ही कॉलोनी विकसित की जा रही हैं। अधिकांश स्थानों पर सड़क, पेयजल, बिजली, पानी निकासी, पार्किंग आदि की व्यवस्था ही नहीं है।
इन जमीनों को महायोजना में शामिल किया जा चुका है। जिला प्रशासन की तरफ से इनका लेआउट भी पास नहीं कराया गया है। फिर भी लोग बेधड़क प्लाटिंग कर रहे है। ऐसी स्थिति में यहां रहने वाले लोगों का जब मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो वह भविष्य में विभिन्न माध्यमों से विरोध जताएंगे।
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श्यामनाथ मंदिर से गोला तक जाने वाले राज्य मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के आगे दोनों ओर अवैध ढंग से दुकानें व मकान बन रहे हैं। कुछ दुकान और मकान मुख्य डॉमर रोड के किनारे काफी ऊंचाई पर बनाए गए हैं। पीतपुर जाने वाले मार्ग से पहले लोक निर्माण विभाग की पानी निकासी की पुलिया को क्षतिग्रस्त करके कॉलोनी तक पाटकर रास्ता बनाया जा रहा है। इससे कुछ दूरी पहले तालाब की भूमि में कामर्शियल फ्लैट बन रहा है।
कृषि कार्य की जमीन बने रहे आवासीय फ्लैट
अंधाधुंध हो रहे शहरीकरण से लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया होने के उद्देश्य से महायोजना 2021 बनाई गई थी। इसमें विभिन्न जमीनों को लघु उद्योगों, पार्क ग्रीन बेल्ट के लिए, कृषि कार्य के लिए, दफ्तर आदि के लिए आरक्षित किया गया था। जिससे यहां पर मकान और कालोनी न बन सकें।
इसके विपरीत मिलिट्री फार्म के निकट हाईवे से रामकोट, मछरहेटा आदि स्थानों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर पड़ने वाले गांव कनवाखेड़ा में महायोजना में कृषि कार्य के लिए (ए-1) आरक्षित भूमि पर आवासीय फ्लैट बनाकर 22 से 33 लाख रुपये में बिक्री किए जा रहे हैं। यहां कार्य तेज गति से चल रहा है। नैपालापुर से कसरैला जाने वाले मार्ग पर लघु उद्योगो के लिए (एम-1)आरक्षित भूमि पर एसएमडी कॉलोनी बनी है। लखनऊ सीतापुर बाईपास पर जमैयतपुर में पार्क ग्रीन बेल्ट (पी-1) के लिए सुरक्षित जमीन पर कामर्शियल भवन बन रहे हैं। कई अन्य स्थानों पर सुरक्षित जमीनों पर मकान बन रहे हैं।
आम की बाग में बन रहे भवन
सीतापुर-गोला रोड पर बालाजी मंदिर के आगे बाई ओर आम की बाग है। यह क्षेत्र पंचायत रसूलपुर में पड़ता है। सड़क के किनारे बाग मेेेें प्लॉटिंग की जा रही है। कुछ मकान बन रहे हैं। कई लोगों ने नींव भरवाई है। वह शीघ्र ही मकान बनाएंगे। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
महायोजना 2021 में सुरक्षित जमीनों पर बन रहे आवासीय भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। ये सभी कार्य रुकवाए जाएंगे। एसएमडी कॉलोनी के कुछ लोगों को नोटिस जारी किया गया है। यहां के नक्शे स्वीकृत नहीं किए गए हैं।
- पूजा मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट/ नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र
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शहर से लखनऊ, शाहजहांपुर, लखीमपुर, हरदोई, बहराइच, बाराबंकी सहित अन्य स्थानों को जाने वाले मार्गों पर तेज गति से खेती योग्य जमीनों को खरीदकर उन पर प्लॉटिंग करने के साथ ही कॉलोनी विकसित की जा रही हैं। अधिकांश स्थानों पर सड़क, पेयजल, बिजली, पानी निकासी, पार्किंग आदि की व्यवस्था ही नहीं है।
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इन जमीनों को महायोजना में शामिल किया जा चुका है। जिला प्रशासन की तरफ से इनका लेआउट भी पास नहीं कराया गया है। फिर भी लोग बेधड़क प्लाटिंग कर रहे है। ऐसी स्थिति में यहां रहने वाले लोगों का जब मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो वह भविष्य में विभिन्न माध्यमों से विरोध जताएंगे।
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श्यामनाथ मंदिर से गोला तक जाने वाले राज्य मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के आगे दोनों ओर अवैध ढंग से दुकानें व मकान बन रहे हैं। कुछ दुकान और मकान मुख्य डॉमर रोड के किनारे काफी ऊंचाई पर बनाए गए हैं। पीतपुर जाने वाले मार्ग से पहले लोक निर्माण विभाग की पानी निकासी की पुलिया को क्षतिग्रस्त करके कॉलोनी तक पाटकर रास्ता बनाया जा रहा है। इससे कुछ दूरी पहले तालाब की भूमि में कामर्शियल फ्लैट बन रहा है।
कृषि कार्य की जमीन बने रहे आवासीय फ्लैट
अंधाधुंध हो रहे शहरीकरण से लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया होने के उद्देश्य से महायोजना 2021 बनाई गई थी। इसमें विभिन्न जमीनों को लघु उद्योगों, पार्क ग्रीन बेल्ट के लिए, कृषि कार्य के लिए, दफ्तर आदि के लिए आरक्षित किया गया था। जिससे यहां पर मकान और कालोनी न बन सकें।
इसके विपरीत मिलिट्री फार्म के निकट हाईवे से रामकोट, मछरहेटा आदि स्थानों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर पड़ने वाले गांव कनवाखेड़ा में महायोजना में कृषि कार्य के लिए (ए-1) आरक्षित भूमि पर आवासीय फ्लैट बनाकर 22 से 33 लाख रुपये में बिक्री किए जा रहे हैं। यहां कार्य तेज गति से चल रहा है। नैपालापुर से कसरैला जाने वाले मार्ग पर लघु उद्योगो के लिए (एम-1)आरक्षित भूमि पर एसएमडी कॉलोनी बनी है। लखनऊ सीतापुर बाईपास पर जमैयतपुर में पार्क ग्रीन बेल्ट (पी-1) के लिए सुरक्षित जमीन पर कामर्शियल भवन बन रहे हैं। कई अन्य स्थानों पर सुरक्षित जमीनों पर मकान बन रहे हैं।
आम की बाग में बन रहे भवन
सीतापुर-गोला रोड पर बालाजी मंदिर के आगे बाई ओर आम की बाग है। यह क्षेत्र पंचायत रसूलपुर में पड़ता है। सड़क के किनारे बाग मेेेें प्लॉटिंग की जा रही है। कुछ मकान बन रहे हैं। कई लोगों ने नींव भरवाई है। वह शीघ्र ही मकान बनाएंगे। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
महायोजना 2021 में सुरक्षित जमीनों पर बन रहे आवासीय भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। ये सभी कार्य रुकवाए जाएंगे। एसएमडी कॉलोनी के कुछ लोगों को नोटिस जारी किया गया है। यहां के नक्शे स्वीकृत नहीं किए गए हैं।
- पूजा मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट/ नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र