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Sitapur News: बारिश में भीगा गल्लामंडी में रखा सैकड़ों क्विंटल धान
Tue, 07 Oct 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:54 PM IST
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बारिश में भीग गईं धान की बोरियां।
सीतापुर। जिले में मंगलवार सुबह हुई बारिश से नवीन गल्लामंडी में खुले में रखा कई क्विंटल धान भीग गया। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश में कर्मचारियों को धान के ऊपर तिरपाल तक ढकने का मौका नहीं मिल पाया।
इस वजह से किसानों व आढ़तियों का सैकड़ों क्विंटल धान खराब होने का खतरा बढ़ गया। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में धान रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से यह समस्या हर बार आती है। नवीन गल्लामंडी में धान भीगने से किसानों में मायूसी छाई है।
हरगांव के सुखविंदर और कामता प्रसाद बारिश से भीगे हुए धान को एकत्र कर सुरक्षित स्थान पर रख रहे थे। उन्होंने बताया कि धान बेचने के लिए सुबह ही नवीन गल्लामंडी आ गए थे, लेकिन क्रय केंद्र पर किसी जिम्मेदार के मौजूद न होने से तौल नहीं हो पाई। इसी बीच अचानक बारिश होने से सारा धान भीग गया। किसी तरह धान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। धान भीगने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा।
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किसानों का कहना है कि नवीन गल्लामंडी में पर्याप्त टिनशेड की व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ता है। उधर, मंडी परिसर में अधिकतर आढ़तियों का भी सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया। बारिश बंद होने के बाद धूप निकलने पर किसानों ने धान को तिरपाल पर फैलाकर सुखाया।
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इस वजह से किसानों व आढ़तियों का सैकड़ों क्विंटल धान खराब होने का खतरा बढ़ गया। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में धान रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से यह समस्या हर बार आती है। नवीन गल्लामंडी में धान भीगने से किसानों में मायूसी छाई है।
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हरगांव के सुखविंदर और कामता प्रसाद बारिश से भीगे हुए धान को एकत्र कर सुरक्षित स्थान पर रख रहे थे। उन्होंने बताया कि धान बेचने के लिए सुबह ही नवीन गल्लामंडी आ गए थे, लेकिन क्रय केंद्र पर किसी जिम्मेदार के मौजूद न होने से तौल नहीं हो पाई। इसी बीच अचानक बारिश होने से सारा धान भीग गया। किसी तरह धान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। धान भीगने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा।
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किसानों का कहना है कि नवीन गल्लामंडी में पर्याप्त टिनशेड की व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ता है। उधर, मंडी परिसर में अधिकतर आढ़तियों का भी सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया। बारिश बंद होने के बाद धूप निकलने पर किसानों ने धान को तिरपाल पर फैलाकर सुखाया।