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फर्जीवाड़ा : सीलिंग की 66 बीघा जमीन पर आवंटित कर दिया सट्टा
Mon, 09 Dec 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 09 Dec 2024 12:13 AM IST
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सीतापुर/गोंदलामऊ। जिले में फर्जी सट्टा बनवाकर गन्ना माफिया लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं। फर्जीवाड़ा ऐसा कि सीलिंग की 66 बीघा जमीन पर सट्टा बन गया। पर्ची भी जारी की जा रही है। अब तक आठ पर्चियों पर गन्ने की आपूर्ति रामगढ़ चीनी मिल को पहुंचाई जा चुकी है। सीलिंग की जमीन पर सट्टा आंवटन के इस फर्जीवाड़े की जिम्मेदारों को भनक तक नहीं लग सकी है। इसके अलावा एक गाटा संख्या पर दो किसानों का सट्टा आवंटन कर दिया गया, जबकि कुछ किसानों के सट्टा में रकबा वास्तविक जमीन से कई गुना ज्यादा दर्ज है।
रामगढ़ समिति क्षेत्र के बनियामऊ निवासी चित्रांगद पुत्र चित्रकेतु के नाम 66 बीघा जमीन दिखाकर सट्टा आवंटित कर दिया गया। कृषक कोड 1101/5003 दर्शाया गया है। जिस गाटा संख्या 1057 के 5.2770 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सट्टा आवंटन किया गया, वह सीलिंग की जमीन है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भूमि श्रेणी चार में दर्ज है। श्रेणी चार की जमीन का पट्टा भी नहीं किया जा सकता है। यहां गन्ना माफिया ने जिम्मेदारों से सांठगांठ कर सीलिंग की जमीन पर सट्टा आवंटित करा लिया है। पेराई सत्र शुरू होने के बाद इस सट्टे पर पर्ची भी जारी की जा रही है।
अब तक आठ पर्चियों पर रामगढ़ मिल को गन्ने की आपूर्ति की जा चुकी है। अब सर्वे की प्रक्रिया पर भी एक नजर डाल लेते हैं। सर्वे में पूरी टीम गांव पहुंचकर मौके पर रकबा देखने और संबंधित किसान के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद ही रिपोर्ट लगाती है। किसान से शपथ पत्र भी लिया जाता है। इसके बाद सट्टा आवंटन होता है। यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके बाद भी सीलिंग की जमीन पर सट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है।
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बाक्स
सट्टे पर वास्तविक रकबा से अधिक जमीन दर्ज
सिकंदरपुर के रहने वाले प्रमोद पुत्र लाल बिहारी के पास डेढ़ बीघा जमीन है। इनका कृषक कोड 9004/1003 है। सर्वे में गड़बड़ी के चलते प्रमोद के सट्टा में 32 बीघा गन्ना रकबा दर्शाया गया है। सट्टा भी आवंटित कर दिया गया है।
बाक्स
समान गाटा संख्या पर दो किसानों के नाम सट्टा
बनियामऊ के अजय कुमार का कृषक कोड 1101/85 है। गाटा संख्या 1274, 1320 बी, 520 व 561 पर इनके नाम 29 बीघा गन्ना रकबा दर्शाकर सट्टा आवंटन कर दिया गया। इसी तरह मनोज कुमार के नाम से भी गाटा संख्या 1274, 1320 बी, 520 व 561 पर 29 बीघा गन्ना दर्शाकर सट्टा आवंटन कर दिया गया। मनोज का कृषक कोड 1101/86 है। इन्हें पर्चियां भी जारी होने लगी हैं।
जांच कर होगी कार्रवाई
सर्वे में किसान से खतौनी मांगी जाती है। खतौनी में जिसका नाम व जितनी जमीन होती है, सट्टा में उतना ब्यौरा दर्शाया जाता है। सीलिंग की भूमि पर सट्टा आवंटन बड़ी चूक है। मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी। अन्य सट्टा में जो भी खामियां होंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा।
- रत्नेश्वर त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
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रामगढ़ समिति क्षेत्र के बनियामऊ निवासी चित्रांगद पुत्र चित्रकेतु के नाम 66 बीघा जमीन दिखाकर सट्टा आवंटित कर दिया गया। कृषक कोड 1101/5003 दर्शाया गया है। जिस गाटा संख्या 1057 के 5.2770 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सट्टा आवंटन किया गया, वह सीलिंग की जमीन है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भूमि श्रेणी चार में दर्ज है। श्रेणी चार की जमीन का पट्टा भी नहीं किया जा सकता है। यहां गन्ना माफिया ने जिम्मेदारों से सांठगांठ कर सीलिंग की जमीन पर सट्टा आवंटित करा लिया है। पेराई सत्र शुरू होने के बाद इस सट्टे पर पर्ची भी जारी की जा रही है।
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अब तक आठ पर्चियों पर रामगढ़ मिल को गन्ने की आपूर्ति की जा चुकी है। अब सर्वे की प्रक्रिया पर भी एक नजर डाल लेते हैं। सर्वे में पूरी टीम गांव पहुंचकर मौके पर रकबा देखने और संबंधित किसान के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद ही रिपोर्ट लगाती है। किसान से शपथ पत्र भी लिया जाता है। इसके बाद सट्टा आवंटन होता है। यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके बाद भी सीलिंग की जमीन पर सट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है।
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सट्टे पर वास्तविक रकबा से अधिक जमीन दर्ज
सिकंदरपुर के रहने वाले प्रमोद पुत्र लाल बिहारी के पास डेढ़ बीघा जमीन है। इनका कृषक कोड 9004/1003 है। सर्वे में गड़बड़ी के चलते प्रमोद के सट्टा में 32 बीघा गन्ना रकबा दर्शाया गया है। सट्टा भी आवंटित कर दिया गया है।
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समान गाटा संख्या पर दो किसानों के नाम सट्टा
बनियामऊ के अजय कुमार का कृषक कोड 1101/85 है। गाटा संख्या 1274, 1320 बी, 520 व 561 पर इनके नाम 29 बीघा गन्ना रकबा दर्शाकर सट्टा आवंटन कर दिया गया। इसी तरह मनोज कुमार के नाम से भी गाटा संख्या 1274, 1320 बी, 520 व 561 पर 29 बीघा गन्ना दर्शाकर सट्टा आवंटन कर दिया गया। मनोज का कृषक कोड 1101/86 है। इन्हें पर्चियां भी जारी होने लगी हैं।
जांच कर होगी कार्रवाई
सर्वे में किसान से खतौनी मांगी जाती है। खतौनी में जिसका नाम व जितनी जमीन होती है, सट्टा में उतना ब्यौरा दर्शाया जाता है। सीलिंग की भूमि पर सट्टा आवंटन बड़ी चूक है। मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी। अन्य सट्टा में जो भी खामियां होंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा।
- रत्नेश्वर त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी