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गैर इरादतन हत्या में चार को दस वर्ष कैद
अमर उजाला
Updated Mon, 30 Jan 2017 11:46 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में चार दोषियों को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शकील उर रहमान अंसारी ने की।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक तालगांव के ग्राम माधव सिंह का पुरवा में 3 जुलाई 2013 को गांव का श्रीराम घर का पानी निकालने के लिए पाइप डाल रहा था। तभी उसके पड़ोसी राजेश, रंजीत, सूबेदार व कमलेश भड़क गए।
चारों ने श्रीराम व उसकी पत्नी को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। घायल श्रीराम को परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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श्रीराम की मौत के बाद पुलिस ने एनसीआर को गैर इरादतन हत्या के मामले में तरमीम कर दिया। इस मामले कि विवेचना करते हुए पुलिस ने चारों दोषियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
सत्र न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी ने मामले की सुनवाई करते हुए चारों को घटना का दोषी पाया और दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। वहीं दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। धारा-504 व 323 के तहत छह-छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक तालगांव के ग्राम माधव सिंह का पुरवा में 3 जुलाई 2013 को गांव का श्रीराम घर का पानी निकालने के लिए पाइप डाल रहा था। तभी उसके पड़ोसी राजेश, रंजीत, सूबेदार व कमलेश भड़क गए।
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चारों ने श्रीराम व उसकी पत्नी को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। घायल श्रीराम को परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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श्रीराम की मौत के बाद पुलिस ने एनसीआर को गैर इरादतन हत्या के मामले में तरमीम कर दिया। इस मामले कि विवेचना करते हुए पुलिस ने चारों दोषियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
सत्र न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी ने मामले की सुनवाई करते हुए चारों को घटना का दोषी पाया और दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। वहीं दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। धारा-504 व 323 के तहत छह-छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।