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दवा व पानी डाल बचाई मछलियों की जान
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मिश्रिख दधीच कुण्ड में भरा गया पानी।
- फोटो : SITAPUR
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मिश्रिख (सीतापुर)। दधीचि कुंड में अचानक ऑक्सीजन की कमी से मछलियां की जान पर संकट बन गया। मछलियों के हरकत न करने पर कुंड में पानी की हलचल बंद हो गई। जब श्रद्धालु मछलियों को भोजन कराने आए तो वे पानी के ऊपर नहीं आईं। श्रद्धालुओं ने तत्काल इसकी जानकारी एसडीएम को दी।
एसडीएम ने ईओ को निर्देशित कर कुंड में पानी भरवाया। कुछ दवाएं भी डाली गईं। इसके कुछ देर बाद फिर से मछलियों की चहलकदमी शुरू हो गई। पिछली साल कुंड में ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों मछलियां मर गई थी। दधीचि कुंड का पौराणिक महत्व है। यहां पर सैकड़ों की तादाद में मछलियां है।
रोजाना देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन मछलियों को भोजन कराकर पुण्य कमाते हैं। बुधवार को जब समाजसेवी विकास मिश्रा, अजय शुक्ला सहित तमाम श्रद्धालु मछलियों को भोजन कराने पहुंचे तो मछलियां पानी से ऊपर नहीं आईं।
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रोजाना जैसे ही भोजन कुंड में भोजन डाला जाता है तो मछलियां ऊपर आ जाती थी। इससे श्रद्धालुओं को आशंका हुई। श्रद्धालुओं ने इसकी जानकारी एसडीएम को दी। एसडीएम ने ईओ को तत्काल फोन कर कुंड की व्यवस्था देखने का निर्देश दिया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पानी में ठहराव होने से आक्सीजन की कमी हो जाती है। जब पानी में हलचल बनी रहती है तो ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है।
इस पर तत्काल वहां पर लगे दोनों ट्यूबवेल चलाए गए। ऑक्सीजन के लिए कुछ दवाएं डलवाई गई। इसके बाद मछलियां फिर से कुंड में ऊपर तैरने लगी। ईओ आरपी सिंह का कहना है कि जानकारी मिलने पर तत्काल पानी भरवाकर दवाएं डलवा दी गई।
सुरक्षित हैं मछलियां
दधीचि कुंड में ऑक्सीजन की कमी की जानकारी मिली थी। ईओ को मौके पर भेजा गया था। पानी व दवा का छिड़काव करा दिया गया है। सभी मछलियां सुरक्षित हैं।
- राजीव पांडेय, एसडीएम
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एसडीएम ने ईओ को निर्देशित कर कुंड में पानी भरवाया। कुछ दवाएं भी डाली गईं। इसके कुछ देर बाद फिर से मछलियों की चहलकदमी शुरू हो गई। पिछली साल कुंड में ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों मछलियां मर गई थी। दधीचि कुंड का पौराणिक महत्व है। यहां पर सैकड़ों की तादाद में मछलियां है।
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रोजाना देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन मछलियों को भोजन कराकर पुण्य कमाते हैं। बुधवार को जब समाजसेवी विकास मिश्रा, अजय शुक्ला सहित तमाम श्रद्धालु मछलियों को भोजन कराने पहुंचे तो मछलियां पानी से ऊपर नहीं आईं।
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रोजाना जैसे ही भोजन कुंड में भोजन डाला जाता है तो मछलियां ऊपर आ जाती थी। इससे श्रद्धालुओं को आशंका हुई। श्रद्धालुओं ने इसकी जानकारी एसडीएम को दी। एसडीएम ने ईओ को तत्काल फोन कर कुंड की व्यवस्था देखने का निर्देश दिया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पानी में ठहराव होने से आक्सीजन की कमी हो जाती है। जब पानी में हलचल बनी रहती है तो ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है।
इस पर तत्काल वहां पर लगे दोनों ट्यूबवेल चलाए गए। ऑक्सीजन के लिए कुछ दवाएं डलवाई गई। इसके बाद मछलियां फिर से कुंड में ऊपर तैरने लगी। ईओ आरपी सिंह का कहना है कि जानकारी मिलने पर तत्काल पानी भरवाकर दवाएं डलवा दी गई।
सुरक्षित हैं मछलियां
दधीचि कुंड में ऑक्सीजन की कमी की जानकारी मिली थी। ईओ को मौके पर भेजा गया था। पानी व दवा का छिड़काव करा दिया गया है। सभी मछलियां सुरक्षित हैं।
- राजीव पांडेय, एसडीएम