{"_id":"697cdbcece8be13616062de9","slug":"fir-against-accused-secretary-and-head-in-rs-50-lakh-scam-sitapur-news-c-102-1-slko1037-149205-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: 50 लाख घोटाले में आरोपी सचिव व प्रधान पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: 50 लाख घोटाले में आरोपी सचिव व प्रधान पर एफआईआर
Fri, 30 Jan 2026 09:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 30 Jan 2026 09:56 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला में प्रकाशित गबन से जुड़ी खबर।
सीतापुर। गोंदलामऊ की हिंडौरा पंचायत में 50.13 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में डीएम डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रधान के वित्तीय अधिकारों सीज कर दिए गए हैं। डीएम की सख्ती के बाद दो वर्ष से लंबित पड़े इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने तेजी दिखाई है। अमर उजाला लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाता रहा है।
हिंडौरा निवासी छत्रपाल, कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी पर विकास कार्याें में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। तब कृष्ण कुमार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में रिट दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को गहनता से जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी और लघु सिंचाई अभियंता संदीप मौर्या ने जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा संयुक्त रूप से 93.56 लाख रुपये के भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए।
प्रधान को आरोप पत्र दिया गया। इसके बाद फिर कार्रवाई के नाम पर कागजों का आदान-प्रदान होता रहा। अमर उजाला लगातार इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा। डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने खबरों का संज्ञान लेते हुए दोषी प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिए। साथ ही डीएम ने बीडीओ गोंदलामऊ को प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। शुक्रवार को एडीओ पंचायत राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कब क्या हुआ
13 दिसंबर 2024- हिंडौरा के ग्रामीणों ने डीएम को शपथ पत्र देकर घोटाले की जांच की मांग की।
6 मार्च 2025 - हिंडीरा निवासी कृष्ण कुमार की रिट याचिका पर हाईकोर्ट ने डीएम को जांच के आदेश दिए।
3 सितंबर 2025- दो सदस्यीय कमेटी की जांच में 93.50 लाख का भ्रष्टाचार उजागर।
16 अक्तूबर 2025- प्रधान को 50 लाख रुपये के गबन में नोटिस जारी।
25 नवंबर 2025- कृष्ण कुमार दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने डीएम को तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने का निर्देश दिया।
27 नवंबर 2025- डीएम ने जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी न्यायालय से विधिक राय ली।
1 दिसंबर 2025 - डीएम को जिला शासकीय अधिवक्ता ने विधिक परामर्श दिया।
21 जनवरी 2026- डीएम ने प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए एफआईआर के आदेश दिये। सचिव पर भी एफआईआर के आदेश।
30 जनवरी 2026- एडीओ पंचायत की तहरीर पर प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज
भ्रष्टाचार पर जारी रहेगी कार्रवाई: डीएम
हिंडौरा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के मामले में प्रधान व सचिव प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए हैं। प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रधान व सचिव पर एफआईआर कराई गई है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
- डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
तालाब सौंदर्यीकरण में अनियमितता की होगी जांच
सकरन (सीतापुर)। ग्राम पंचायत महाराजनगर में बने 200 वर्ष पुराने तालाब के सौंदर्यीकरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने जांच के निर्देश दिए हैं।
महराजनगर निवासी शुभम रस्तोगी ने पक्के तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए आई धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत की थी। शुभम रस्तोगी के मुताबिक इसके बाद संस्था के सचिव आदित्य चौधरी ने अपने लेटर पैड पर इसको शासन तक पहुंचाया था। पत्र में बताया गया था कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 49.18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें कार्य नहीं कराया गया।
तालाब की वर्तमान स्थिति काफी बदहाल है। तालाब गंदगी, जलकुंभी तथा अव्यवस्था का शिकार है, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में है। तालाब से जुड़े प्राचीन राम जानकी और शिव मंदिर की संरचना भी जर्जर होती जा रही है। मामले का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने पर्यटन विभाग के अपर सचिव को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सकरन के बीडीओ श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले में शासन के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। तीन सदस्यीय कमेटी इसकी जांच कर रही है।
विज्ञापन
हिंडौरा निवासी छत्रपाल, कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी पर विकास कार्याें में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। तब कृष्ण कुमार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में रिट दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को गहनता से जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी और लघु सिंचाई अभियंता संदीप मौर्या ने जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा संयुक्त रूप से 93.56 लाख रुपये के भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए।
विज्ञापन
प्रधान को आरोप पत्र दिया गया। इसके बाद फिर कार्रवाई के नाम पर कागजों का आदान-प्रदान होता रहा। अमर उजाला लगातार इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा। डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने खबरों का संज्ञान लेते हुए दोषी प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिए। साथ ही डीएम ने बीडीओ गोंदलामऊ को प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। शुक्रवार को एडीओ पंचायत राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कब क्या हुआ
13 दिसंबर 2024- हिंडौरा के ग्रामीणों ने डीएम को शपथ पत्र देकर घोटाले की जांच की मांग की।
6 मार्च 2025 - हिंडीरा निवासी कृष्ण कुमार की रिट याचिका पर हाईकोर्ट ने डीएम को जांच के आदेश दिए।
3 सितंबर 2025- दो सदस्यीय कमेटी की जांच में 93.50 लाख का भ्रष्टाचार उजागर।
16 अक्तूबर 2025- प्रधान को 50 लाख रुपये के गबन में नोटिस जारी।
25 नवंबर 2025- कृष्ण कुमार दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने डीएम को तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने का निर्देश दिया।
27 नवंबर 2025- डीएम ने जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी न्यायालय से विधिक राय ली।
1 दिसंबर 2025 - डीएम को जिला शासकीय अधिवक्ता ने विधिक परामर्श दिया।
21 जनवरी 2026- डीएम ने प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए एफआईआर के आदेश दिये। सचिव पर भी एफआईआर के आदेश।
30 जनवरी 2026- एडीओ पंचायत की तहरीर पर प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज
भ्रष्टाचार पर जारी रहेगी कार्रवाई: डीएम
हिंडौरा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के मामले में प्रधान व सचिव प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए हैं। प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रधान व सचिव पर एफआईआर कराई गई है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
- डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
तालाब सौंदर्यीकरण में अनियमितता की होगी जांच
सकरन (सीतापुर)। ग्राम पंचायत महाराजनगर में बने 200 वर्ष पुराने तालाब के सौंदर्यीकरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने जांच के निर्देश दिए हैं।
महराजनगर निवासी शुभम रस्तोगी ने पक्के तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए आई धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत की थी। शुभम रस्तोगी के मुताबिक इसके बाद संस्था के सचिव आदित्य चौधरी ने अपने लेटर पैड पर इसको शासन तक पहुंचाया था। पत्र में बताया गया था कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 49.18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें कार्य नहीं कराया गया।
तालाब की वर्तमान स्थिति काफी बदहाल है। तालाब गंदगी, जलकुंभी तथा अव्यवस्था का शिकार है, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में है। तालाब से जुड़े प्राचीन राम जानकी और शिव मंदिर की संरचना भी जर्जर होती जा रही है। मामले का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने पर्यटन विभाग के अपर सचिव को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सकरन के बीडीओ श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले में शासन के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। तीन सदस्यीय कमेटी इसकी जांच कर रही है।

अमर उजाला में प्रकाशित गबन से जुड़ी खबर।

अमर उजाला में प्रकाशित गबन से जुड़ी खबर।

अमर उजाला में प्रकाशित गबन से जुड़ी खबर।

अमर उजाला में प्रकाशित गबन से जुड़ी खबर।