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Sitapur News: अस्पताल ले जाते समय बुखार पीड़ित बच्ची की मौत
Sat, 15 Nov 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:02 AM IST
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खैराबाद। इलाके में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक मासूम की बुखार आने के बाद शुक्रवार को मौत हो गई। बद्रीपुर मंसूरपुर निवासी अर्जुन सिंह की तीन वर्षीय बेटी रिद्धि को परिजन इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता अर्जुन सिंह ने बताया कि बिटिया को तीन दिन से बुखार आ रहा था। उसका इलाज समीप के एक निजी अस्पताल से कराया जा रहा था। शुक्रवार सुबह हालत बिगडने पर उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के दौरान ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। रिद्धि जुड़वा बहनें थी। हाल ही में नगर के मेवाती टोला निवासी मोहम्मद शकील की आठ वर्षीय बेटी की भी बुखार आने के बाद से मौत हो गई थी। एक सप्ताह में बुखार से हुई दो मासूमों की मौत के बाद नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग सहमे हुए है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राहिल फरीद ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी।
बुखार आते ही सीएचसी में दिखाए मरीज
डॉ. राहिल फरीद ने बताया कि बुखार आते ही मरीज को निजी क्लीनिक की जगह सीधे सीएचसी पर लाकर उसका इलाज कराए। समय पर सही इलाज न मिल पाने से ही बुखार के बिगड़ जाने से वह जानलेवा हो जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। घर में भी साफ सफाई रखें।
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पिता अर्जुन सिंह ने बताया कि बिटिया को तीन दिन से बुखार आ रहा था। उसका इलाज समीप के एक निजी अस्पताल से कराया जा रहा था। शुक्रवार सुबह हालत बिगडने पर उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के दौरान ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। रिद्धि जुड़वा बहनें थी। हाल ही में नगर के मेवाती टोला निवासी मोहम्मद शकील की आठ वर्षीय बेटी की भी बुखार आने के बाद से मौत हो गई थी। एक सप्ताह में बुखार से हुई दो मासूमों की मौत के बाद नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग सहमे हुए है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राहिल फरीद ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी।
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बुखार आते ही सीएचसी में दिखाए मरीज
डॉ. राहिल फरीद ने बताया कि बुखार आते ही मरीज को निजी क्लीनिक की जगह सीधे सीएचसी पर लाकर उसका इलाज कराए। समय पर सही इलाज न मिल पाने से ही बुखार के बिगड़ जाने से वह जानलेवा हो जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें। घर में भी साफ सफाई रखें।
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