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गुजरात मॉडल पर खेती करें किसान : राज्यपाल
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अंबरपुर में प्रदशर्नी में लगे स्टॉलों का निरीक्षण करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। किसान भाई और बहन, आप लोग काफी अच्छा काम कर रहे हैं पर आपको कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि से जुड़े विभागों से मिलकर खेती-किसानी करने की जरूरत है। ऐसा करने आपको अच्छा लाभ मिलेगा। यह बात बुधवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहीं। वह अटरिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र अंबरपुर में किसानों से संवाद कर रहीं थीं। उन्होंने किसानों से गुजरात मॉडल पर खेती करने को प्रेरित किया।
राज्यपाल का काफिला तय समय से चार मिनट पहले 10:26 बजे कृषि विज्ञान केंद्र पहुंच गया था। केंद्र पर उन्होंने किसानों के उत्पादों की प्रदर्शनी देखी। इसके बाद वह मंच पर आकर किसानों से रू-ब-रू हुईं। राज्यपाल ने किसानों की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए गुजरात मॉडल पर खेती करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आम, प्याज, आलू आदि फसलों के प्रबंधन और निर्यात के लिए गुजरात मॉडल पर काम करने की जरूरत है। गुजरात मॉडल अपनाने से उचित लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र में केले के पौध उत्पादन के लिए टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इससे यहां के किसानों को समय पर उचित मूल्य पर अच्छे पौध मिल सकेंगे। आम प्रसंस्करण पर काम करने की जरूरत बताई। किसानों से कहा कि सभी लोग एफपीओ की सोच पर काम करें।
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कार्यक्रम का संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने किया। इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त किरन बाला चौधरी, डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह, सीडीओ अक्षत वर्मा, सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, बीएसए अजीत कुमार, एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ राजीव दीक्षित, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सिधौली रूचि वर्मा आदि मौजूद रहे। राज्यपाल तीनों कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद 1:50 बजे जिले से लखनऊ की सीमा में पहुंच गई थी। उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम थे।
किसानों से उत्पादों की ली जानकारी
राज्यपाल ने किसान सुधा पांडेय, उमेश चंद्र मिश्र, हरख चंद वर्मा, निमित कुमार सिंह, बसंत लाल, नीरज कुमार मिश्रा, सुरजीत सिंह के स्टालों पर जाकर अलग-अलग उत्पादों की जानकारी ली। इसके बाद केंद्र पर तकनीकी पार्क में स्थित पौधशाला इकाई, वर्मी कंपोस्ट इकाई, जीरो एनर्जी यूरिया शीरा खनिज ब्लॉक इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। राज्यपाल ने परिसर में हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) के पौधे लगाए।
गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार देकर की गोदभराई
कृषि विज्ञान केंद्र अंबरपुर के बाद राज्यपाल सिधौली ब्लॉक के अंबरपुर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची। दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद राज्यपाल ने बच्चों की पढ़ने की टेबल, दरी वितरित की। विद्यालय परिसर में आयोजित गोद भराई रस्म में गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार देकर गोदभराई भी की।
उन्होंने छह माह पूरा कर चुके बच्चों रितिक, वीनस आदि को खीर खिलाकर अन्नप्राशन किया। लाभार्थियों, गर्भवती महिलाओं से बात कर सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं और अन्य सहायता के बारे में जानकारी ली। संस्थागत प्रसव के लिए भी सभी को प्रेरित किया।
विद्याज्ञान में देखा स्टॉल, समूहों को दिया चेक
आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राज्यपाल सुरैंचा स्थित विद्याज्ञान स्कूल पहुंची। वहां पर उद्योग विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान कटिया, उद्यान विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, शिव नाडर फाउंडेशन के लगाए स्टालों का निरीक्षण किया। बीसी सखी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत की। इस दौरान राज्यपाल ने बीसी सखी को पीओएस मशीन दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल का चेक भी दिया।
टीबी के बच्चों को गोद लेने वाली संस्थाएं सम्मानित
राज्यपाल ने विद्याज्ञान स्कूल के कॉन्फ्रेंस हाल में 18 वर्ष तक की आयु वाले टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने वाली सस्थाओं विनोद बक्सी मेमोरियल चैरिटेबिल ट्रस्ट, गांधीनगर, सिधौली, रेडक्रास सोसाइटी, सीतापुर, राज एजुकेशनल एंड सोशल डवलपमेंट सोसायटी, सीतापुर एवं संजीवन संस्था, सीतापुर के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत जिले के चयनित उत्पाद दरी उद्योग के संचालकों के साथ भी बातचीत की। शिक्षा के क्षेत्र में शिव नाडर फाउंडेशन, विद्याज्ञान स्कूल की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
पांच प्रगतिशील किसानों से की चर्चा
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष अभय सिंह ने प्रतीक चिह्न, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर के निदेशक डॉ. अतर सिंह ने मसाले का पौधा, डीएम विशाल भारद्वाज, कृषि विज्ञान केंद्र के उपाध्यक्ष सशक्त सिंह ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंटकर राज्यपाल का स्वागत किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. सुरेश सिंह ने संचालित गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी।
पांच प्रगतिशील किसान सुधा पांडेय गौ पालन, वर्मी उत्पादन, मोटे अनाज, निमित कुमार सिंह ने मौन पालन, विभिन्न मौन उत्पादों, आरपी सिंह ने फलों, सब्जियों की खेती, उमेश चंद्र मिश्र ने औषधीय फसलों की खेती, आनंद कुमार कौशल ने मछली पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन पर राज्यपाल से चर्चा की।
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राज्यपाल का काफिला तय समय से चार मिनट पहले 10:26 बजे कृषि विज्ञान केंद्र पहुंच गया था। केंद्र पर उन्होंने किसानों के उत्पादों की प्रदर्शनी देखी। इसके बाद वह मंच पर आकर किसानों से रू-ब-रू हुईं। राज्यपाल ने किसानों की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए गुजरात मॉडल पर खेती करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आम, प्याज, आलू आदि फसलों के प्रबंधन और निर्यात के लिए गुजरात मॉडल पर काम करने की जरूरत है। गुजरात मॉडल अपनाने से उचित लाभ मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र में केले के पौध उत्पादन के लिए टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इससे यहां के किसानों को समय पर उचित मूल्य पर अच्छे पौध मिल सकेंगे। आम प्रसंस्करण पर काम करने की जरूरत बताई। किसानों से कहा कि सभी लोग एफपीओ की सोच पर काम करें।
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कार्यक्रम का संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने किया। इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त किरन बाला चौधरी, डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह, सीडीओ अक्षत वर्मा, सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, बीएसए अजीत कुमार, एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ राजीव दीक्षित, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सिधौली रूचि वर्मा आदि मौजूद रहे। राज्यपाल तीनों कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद 1:50 बजे जिले से लखनऊ की सीमा में पहुंच गई थी। उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम थे।
किसानों से उत्पादों की ली जानकारी
राज्यपाल ने किसान सुधा पांडेय, उमेश चंद्र मिश्र, हरख चंद वर्मा, निमित कुमार सिंह, बसंत लाल, नीरज कुमार मिश्रा, सुरजीत सिंह के स्टालों पर जाकर अलग-अलग उत्पादों की जानकारी ली। इसके बाद केंद्र पर तकनीकी पार्क में स्थित पौधशाला इकाई, वर्मी कंपोस्ट इकाई, जीरो एनर्जी यूरिया शीरा खनिज ब्लॉक इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। राज्यपाल ने परिसर में हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) के पौधे लगाए।
गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार देकर की गोदभराई
कृषि विज्ञान केंद्र अंबरपुर के बाद राज्यपाल सिधौली ब्लॉक के अंबरपुर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची। दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद राज्यपाल ने बच्चों की पढ़ने की टेबल, दरी वितरित की। विद्यालय परिसर में आयोजित गोद भराई रस्म में गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार देकर गोदभराई भी की।
उन्होंने छह माह पूरा कर चुके बच्चों रितिक, वीनस आदि को खीर खिलाकर अन्नप्राशन किया। लाभार्थियों, गर्भवती महिलाओं से बात कर सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं और अन्य सहायता के बारे में जानकारी ली। संस्थागत प्रसव के लिए भी सभी को प्रेरित किया।
विद्याज्ञान में देखा स्टॉल, समूहों को दिया चेक
आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राज्यपाल सुरैंचा स्थित विद्याज्ञान स्कूल पहुंची। वहां पर उद्योग विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान कटिया, उद्यान विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, शिव नाडर फाउंडेशन के लगाए स्टालों का निरीक्षण किया। बीसी सखी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत की। इस दौरान राज्यपाल ने बीसी सखी को पीओएस मशीन दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल का चेक भी दिया।
टीबी के बच्चों को गोद लेने वाली संस्थाएं सम्मानित
राज्यपाल ने विद्याज्ञान स्कूल के कॉन्फ्रेंस हाल में 18 वर्ष तक की आयु वाले टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने वाली सस्थाओं विनोद बक्सी मेमोरियल चैरिटेबिल ट्रस्ट, गांधीनगर, सिधौली, रेडक्रास सोसाइटी, सीतापुर, राज एजुकेशनल एंड सोशल डवलपमेंट सोसायटी, सीतापुर एवं संजीवन संस्था, सीतापुर के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत जिले के चयनित उत्पाद दरी उद्योग के संचालकों के साथ भी बातचीत की। शिक्षा के क्षेत्र में शिव नाडर फाउंडेशन, विद्याज्ञान स्कूल की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
पांच प्रगतिशील किसानों से की चर्चा
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष अभय सिंह ने प्रतीक चिह्न, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर के निदेशक डॉ. अतर सिंह ने मसाले का पौधा, डीएम विशाल भारद्वाज, कृषि विज्ञान केंद्र के उपाध्यक्ष सशक्त सिंह ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंटकर राज्यपाल का स्वागत किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. सुरेश सिंह ने संचालित गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी।
पांच प्रगतिशील किसान सुधा पांडेय गौ पालन, वर्मी उत्पादन, मोटे अनाज, निमित कुमार सिंह ने मौन पालन, विभिन्न मौन उत्पादों, आरपी सिंह ने फलों, सब्जियों की खेती, उमेश चंद्र मिश्र ने औषधीय फसलों की खेती, आनंद कुमार कौशल ने मछली पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन पर राज्यपाल से चर्चा की।