{"_id":"68a7646084755f2a4e0f7174","slug":"fake-measurement-book-made-to-grab-money-for-hand-pump-reboring-sitapur-news-c-102-1-slko1052-138669-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: हैंडपंप रिबोर की धनराशि हड़पने के लिए बनाई फर्जी माप पुस्तिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: हैंडपंप रिबोर की धनराशि हड़पने के लिए बनाई फर्जी माप पुस्तिका
Thu, 21 Aug 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 21 Aug 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। हैंडपंप रिबोर की धनराशि हड़पने के लिए जिले में नया तरीका निकाला गया है। इस बार फर्जी माप पुस्तिका बनाकर इस हथकंडे को अंजाम दिया गया। परसेंडी ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव की मिलीभगत से हैंडपंप रिबोर के लिए धनराशि खर्च कर ली गई, लेकिन हैंडपंपों को सही नहीं कराया गया।
शिकायत होने पर जब प्रकरण की जांच हुई तो जेई के फर्जी हस्ताक्षर से एमबी (मेजरमेंट बुक) प्रस्तुत की गई। डीएम के आदेश पर जब संबंधित अवर अभिनेताओं से जवाब मांगा गया तो उनकी ओर से एमबी पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया गया है। तीन जेई ने इस संबंध में लिखित में जवाब दिया है। सभी ने कहा है कि माप पुस्तिका न मेरे द्वारा बनाई गई है और न ही हस्ताक्षर हैं।
परसेंडी ब्लॉक की रिखौना ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर और मरम्मत कार्य पर चार लाख 85 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके दुरुपयोग की शिकायत होने पर पर जांच अधिकारी ने एमबी को कूटरचित बताया। प्रकरण में लघु सिंचाई के तीन जेई से जवाब तलब किया गया।
विज्ञापन
सेवानिवृत्त जेई रामशंकर शुक्ला ने अपने जवाब में बताया कि माप पुस्तिका पर उत्तरदाता के हस्ताक्षर नहीं है। कथित हस्ताक्षर व मोहर फर्जी है। माप पुस्तिका मेरी हस्तलिपि में नही है, प्रधान और सचिव द्वारा फर्जी तैयार की गई है।
जेई अजय कुमार ने बताया कि परसेंडी की किसी भी ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर व मरम्म्त संबंधी कोई कार्य नहीं कराया है। न ही कोई मापांकन किया है। माप पुस्तिका की छायाप्रति पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। जेई हेमंत कुमार ने बताया कि माप पुस्तिका प्रार्थी की हस्तलिपि में नहीं हैं। माप पुस्तिका पर उनके हस्ताक्षर कूट रचित, स्कैन करके बनाया गया है। इस संबंध में सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने जिला पंचायत राज अधिकारी को अवर अभियंताओं की आख्या मूलरूप से भेजी है।
विज्ञापन
शिकायत होने पर जब प्रकरण की जांच हुई तो जेई के फर्जी हस्ताक्षर से एमबी (मेजरमेंट बुक) प्रस्तुत की गई। डीएम के आदेश पर जब संबंधित अवर अभिनेताओं से जवाब मांगा गया तो उनकी ओर से एमबी पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया गया है। तीन जेई ने इस संबंध में लिखित में जवाब दिया है। सभी ने कहा है कि माप पुस्तिका न मेरे द्वारा बनाई गई है और न ही हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
परसेंडी ब्लॉक की रिखौना ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर और मरम्मत कार्य पर चार लाख 85 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके दुरुपयोग की शिकायत होने पर पर जांच अधिकारी ने एमबी को कूटरचित बताया। प्रकरण में लघु सिंचाई के तीन जेई से जवाब तलब किया गया।
विज्ञापन
सेवानिवृत्त जेई रामशंकर शुक्ला ने अपने जवाब में बताया कि माप पुस्तिका पर उत्तरदाता के हस्ताक्षर नहीं है। कथित हस्ताक्षर व मोहर फर्जी है। माप पुस्तिका मेरी हस्तलिपि में नही है, प्रधान और सचिव द्वारा फर्जी तैयार की गई है।
जेई अजय कुमार ने बताया कि परसेंडी की किसी भी ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर व मरम्म्त संबंधी कोई कार्य नहीं कराया है। न ही कोई मापांकन किया है। माप पुस्तिका की छायाप्रति पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। जेई हेमंत कुमार ने बताया कि माप पुस्तिका प्रार्थी की हस्तलिपि में नहीं हैं। माप पुस्तिका पर उनके हस्ताक्षर कूट रचित, स्कैन करके बनाया गया है। इस संबंध में सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने जिला पंचायत राज अधिकारी को अवर अभियंताओं की आख्या मूलरूप से भेजी है।