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कटान में समाए आठ और घर, कट गई मुख्य सड़कें
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बिसवां तहसील क्षेत्र के दुर्गापुरवा गांव में कटान करती घाघरा नदी। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा/ तंबौर/ रामपुर मथुरा (सीतापुर)। तराई इलाके में खतरे के निशान के करीब बह रही नदियों ने कोहराम मचा रखा है। लहरपुर, बिसवां व महमूदाबाद तहसील के 50 से अधिक गांव बाढ़ के पानी में डूब गए है। दुर्गापुरवा में नदियों का कटान शुरू होने से आठ घर पानी में समा गए है। वहीं 25 घर नदी के मुहाने पर आ गए है। तंबौर में सड़कें कट जाने से 15 गांवों का संपर्क मार्ग कट गया है। इसकी वजह से बाढ़ पीड़ितों के सामने तमाम समस्याएं आ गई है।
उधर, थाना थानगांव इलाके में सोमवार को गांव के बाहर नित्यक्रिया के लिए गए एक बुुजुर्ग की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। शारदा व सरयू नदी इस समय अपने उफान पर चल रही है। मंगलवार को खतरे के निशान से थोड़ा जलस्तर कम हुआ है। इस समय नदियों का जलस्तर 118.50 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। जबकि 119 सेंटीमीटर पर खतरा बना हुआ है। बिसवां तहसील में ग्राम पंचायत गोलोक कोडर व म्योढ़ी छोलहा बाढ़ की चपेट में है। दुर्गापुरवा में नदियों का कटान भी काफी तेज हो गया है।
गांव के रामनरेश, देशराज, गुरुप्रसाद, कमलेश व विजयपाल के पक्के घर नदी में कट गए। रामखेलावन, बच्छराज व वीरेंद्र की झोपड़ी नदी में समा गई है। साबितराम, सिपाहीलाल, रोशन, सजीवन व रामसिंह समेत करीब 25 लोगों के घर कटान के मुहाने पर आ गए है। लोगों का कहना है जिला प्रशासन की तरफ से कोई नाव हमें नहीं मिली है। लोग अपनी रिश्तेदारी में पलायन करना शुरू कर चुके हैं। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि 2600 लोगों को लंच पैकेट बंटवाए गए हैं।
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लेखपालों की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई है। महमूदाबाद तहसील का अखरी गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां के घरों के अंदर पानी भरा हुआ है। गांव के सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए है। अखरी गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पा रही है। एसडीएम ने बताया कि 350 लोगों को राशन किट वितरित की गई है। लहरपुर तहसील की तलहटी में बसे कई गांवों में पानी कहर बरपा रहा है। शारदा नदी उफनाने के बाद रजनापुर, बरक्षता, बरेला, लीलापुरवा, हनुमानसिंह पुरवा गांवों में लोगों के घरों तक पानी भर गया है।
नदी के बीच धारा में बसे मीतमऊ, परेवा व नकहा गांव पानी में डूबे हुए हैं। इन गांवों की हालत यह है कि सभी संपर्क मार्गों पर पानी होने से आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। तंबौर से सुजावलपुर मार्ग पर पड़ने वाले रजनापुर, चटेला, बरेला, रमुआपुर, सुजावलपुर, खैरी पट्टी, बरसिंघवा, हनुमानसिंह पुरवा समेत 15 गांवों का संपर्क शिवपुर के पास पानी की तेज धार में सड़क कट जाने से आवागमन बंद हो गया है।
तहसीलदार लहरपुर मदनमोहन वर्मा ने बताया मीतमऊ परेवा में 200 परिवारों को बाढ़ राहत किट बांटी गई है । शेष प्रभावित गांवों में लेखपाल सूची तैयार करने के लिए भेजे गए है। जिन्हें जल्द ही राहत सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।
धरी रह गई तैयारी
महमूदाबाद तहसील के अखरी गांव के पास ठोकरें बनाई जानी थी। इस पर अफसरों ने यहां पर ईट व बोरियों का इंतजाम किया था। लेकिन अचानक आए पानी से तैयारियां धरी की धरी रह गई। ग्रामीणों का कहना है अगर समय से अफसर ध्यान देते तो यहां पर ठोकरें बन जाती। इससे आवागमन में सुविधा मिलती। लेकिन अब केवल ईंट दिखावे के लिए रखी हुई है।
गांव में हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। महमूदाबाद तहसील का प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय अखरी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इस विद्यालय परिसर में चारों तरफ पानी भर गया है। इससे यहां पर पठन पाठन बंद कर दिया गया है। इसी प्रकार रेउसा विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय चहलारी भी पानी की गिरफ्त में आ गया है। इस विद्यालय में पानी भरा होने से बुधवार से संचालन नहीं हो पाएगा।
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उधर, थाना थानगांव इलाके में सोमवार को गांव के बाहर नित्यक्रिया के लिए गए एक बुुजुर्ग की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। शारदा व सरयू नदी इस समय अपने उफान पर चल रही है। मंगलवार को खतरे के निशान से थोड़ा जलस्तर कम हुआ है। इस समय नदियों का जलस्तर 118.50 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। जबकि 119 सेंटीमीटर पर खतरा बना हुआ है। बिसवां तहसील में ग्राम पंचायत गोलोक कोडर व म्योढ़ी छोलहा बाढ़ की चपेट में है। दुर्गापुरवा में नदियों का कटान भी काफी तेज हो गया है।
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गांव के रामनरेश, देशराज, गुरुप्रसाद, कमलेश व विजयपाल के पक्के घर नदी में कट गए। रामखेलावन, बच्छराज व वीरेंद्र की झोपड़ी नदी में समा गई है। साबितराम, सिपाहीलाल, रोशन, सजीवन व रामसिंह समेत करीब 25 लोगों के घर कटान के मुहाने पर आ गए है। लोगों का कहना है जिला प्रशासन की तरफ से कोई नाव हमें नहीं मिली है। लोग अपनी रिश्तेदारी में पलायन करना शुरू कर चुके हैं। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि 2600 लोगों को लंच पैकेट बंटवाए गए हैं।
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लेखपालों की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई है। महमूदाबाद तहसील का अखरी गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां के घरों के अंदर पानी भरा हुआ है। गांव के सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए है। अखरी गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पा रही है। एसडीएम ने बताया कि 350 लोगों को राशन किट वितरित की गई है। लहरपुर तहसील की तलहटी में बसे कई गांवों में पानी कहर बरपा रहा है। शारदा नदी उफनाने के बाद रजनापुर, बरक्षता, बरेला, लीलापुरवा, हनुमानसिंह पुरवा गांवों में लोगों के घरों तक पानी भर गया है।
नदी के बीच धारा में बसे मीतमऊ, परेवा व नकहा गांव पानी में डूबे हुए हैं। इन गांवों की हालत यह है कि सभी संपर्क मार्गों पर पानी होने से आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। तंबौर से सुजावलपुर मार्ग पर पड़ने वाले रजनापुर, चटेला, बरेला, रमुआपुर, सुजावलपुर, खैरी पट्टी, बरसिंघवा, हनुमानसिंह पुरवा समेत 15 गांवों का संपर्क शिवपुर के पास पानी की तेज धार में सड़क कट जाने से आवागमन बंद हो गया है।
तहसीलदार लहरपुर मदनमोहन वर्मा ने बताया मीतमऊ परेवा में 200 परिवारों को बाढ़ राहत किट बांटी गई है । शेष प्रभावित गांवों में लेखपाल सूची तैयार करने के लिए भेजे गए है। जिन्हें जल्द ही राहत सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।
धरी रह गई तैयारी
महमूदाबाद तहसील के अखरी गांव के पास ठोकरें बनाई जानी थी। इस पर अफसरों ने यहां पर ईट व बोरियों का इंतजाम किया था। लेकिन अचानक आए पानी से तैयारियां धरी की धरी रह गई। ग्रामीणों का कहना है अगर समय से अफसर ध्यान देते तो यहां पर ठोकरें बन जाती। इससे आवागमन में सुविधा मिलती। लेकिन अब केवल ईंट दिखावे के लिए रखी हुई है।
गांव में हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। महमूदाबाद तहसील का प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय अखरी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इस विद्यालय परिसर में चारों तरफ पानी भर गया है। इससे यहां पर पठन पाठन बंद कर दिया गया है। इसी प्रकार रेउसा विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय चहलारी भी पानी की गिरफ्त में आ गया है। इस विद्यालय में पानी भरा होने से बुधवार से संचालन नहीं हो पाएगा।