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Sitapur News: बाहर की दवाएं न लिखे और न ही कराएं जांच
Mon, 02 Jun 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:33 AM IST
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सीतापुर। जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार पांच दिन तक अभियान चलाया गया। इस अभियान को अफसरों ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ ने सभी अधीक्षकों को सख्त हिदायत दी कि मरीजों को न तो बाहर की जांच लिखें और न ही बाहर की दवाएं खरीदने को मजबूर करें। इस मामले में निरीक्षण होगा। पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
पांच दिन तक लगातार अभियान चलाकर जिला अस्पताल की हकीकत परखी गई। पड़ताल में सामने आया कि चिकित्सक अस्पताल में मौजूद दवाओं के बावजूद कमीशनखोरी के चक्कर में बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। साथ ही अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन व एक्सरे करवा रहे हैं। इस अभियान पर सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज करें। अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है तो जानकारी दें। जरूरत के अनुसार लोकल खरीद कर सकते है। जांच की मशीनें दुरुस्त रखें। अगर कोई खराबी आती है तो उसी दिन सूचित करें, जिससे मरीजों को परेशानी न हो।
जिला अस्पताल में भी सुधरेंगी व्यवस्था
जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाओं में सुधार होगा। सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि वह समय से ओपीडी में बैठे। फुल टाइम वर्क करें। ओपीडी के समय बिना बताएं कही न जाएं। अस्पताल में मौजूद दवाएं ही लिखें। अगर जरूरत पड़ती है तो अस्पताल में मौजूद जन औषधि केंद्र की सहायता ले सकते हैं।
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पांच दिन तक लगातार अभियान चलाकर जिला अस्पताल की हकीकत परखी गई। पड़ताल में सामने आया कि चिकित्सक अस्पताल में मौजूद दवाओं के बावजूद कमीशनखोरी के चक्कर में बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। साथ ही अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन व एक्सरे करवा रहे हैं। इस अभियान पर सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज करें। अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है तो जानकारी दें। जरूरत के अनुसार लोकल खरीद कर सकते है। जांच की मशीनें दुरुस्त रखें। अगर कोई खराबी आती है तो उसी दिन सूचित करें, जिससे मरीजों को परेशानी न हो।
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जिला अस्पताल में भी सुधरेंगी व्यवस्था
जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाओं में सुधार होगा। सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि वह समय से ओपीडी में बैठे। फुल टाइम वर्क करें। ओपीडी के समय बिना बताएं कही न जाएं। अस्पताल में मौजूद दवाएं ही लिखें। अगर जरूरत पड़ती है तो अस्पताल में मौजूद जन औषधि केंद्र की सहायता ले सकते हैं।
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