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अनियमितताओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष निलंबित
Amarujala Bureau
Updated Fri, 05 May 2017 11:02 PM IST
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विकास कार्यों के टेंडरों में बरती गई अनियमितताओं के चलते शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव को निलंबित कर दिया है। उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार भी सीज कर दिए गए हैं।
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साथ ही जिला पंचायत के कार्यों के संचालन को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज निपटाएगी। वहीं इस पूरे मामले की जांच लखनऊ मंडलायुक्त अनिल गर्ग करेंगे।
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पूर्व विधायक रामपाल यादव ने सपा से बगावत कर अपने पुत्र जितेंद्र यादव को जिला पंचायत का अध्यक्ष बनवाया था। हालांकि ओहदा संभालने के बाद से ही अध्यक्ष पर समय-समय पर गड़बड़ी के आरोप लगने लगे थे।
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कभी सदस्यों ने उन पर कमेटियों के गठन में तो कभी विकास कार्यों के टेंडरों में मनमानी के आरोप जड़े। शिकायतों पर शासन ने जांच बैठाई थी। डीएम स्तर से गठित टीम ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन कार्रवाई होने से पहले ही आचार संहिता लग गई थी।
इस वजह से यह फाइल ठंडे बस्ते में चल गई थी। अब योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए समितियों के गठन व विकास कार्यों के टेंडरों में हुई अनियमितताओं के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव को निलंबित कर दिया।
उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार भी तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए गए हैं। वहीं इस पूरे मामले की जांच लखनऊ मंडलायुक्त को सौंपी गई है। आयुक्त प्रकरण की जांच कर अपनी फाइनल रिपोर्ट देंगे।
उधर, शासन ने जिला पंचायत कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में तंबौर के सज्जन, एलिया के दिनेश वर्मा एवं मिश्रिख की रूबी रावत हैं। यह कमेटी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन करेगी।
हाईकोर्ट भी कर चुका तल्ख टिप्पणी
सीतापुर। जिला पंचायत में समितियों के गठन व टेंडर अनियमितताओं पर हाईकोर्ट ने भी तल्ख टिप्पणी कर चुका है। उसने जिला पंचायत द्वारा मनमाने तरीके से विकास कार्यों के लिए पास हुए तकरीबन 24 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर दिए थे। रामपुर मथुरा ब्लॉक के वार्ड-71 की जिला पंचायत सदस्य सरोजनी देवी द्वारा न्यायालय में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया था।