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नदियों को प्रदूषण मुक्त करेगी जिला गंगा समिति
सीतापुर
Updated Mon, 22 May 2017 11:21 PM IST
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नदी
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जिला गंगा समिति की देखरेख में नदियों को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। सफाई कर नदियों को उनका मूल स्वरूप देने का काम भी यह समिति करेगी। डीएम की अध्यक्षता वाली यह समिति चार सदस्यीय बनाई जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने सदस्य चयन करने को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
जिले में सरायन, गोन, घाघरा, शारदा समेत छोटी-बड़ी कुल एक दर्जन नदियां हैं। प्रदूषण व अतिक्रमण की वजह से जीवनदायिनी इन नदियों के अस्तित्व पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। नदियों का स्वरूप लगातार मिटता जा रहा है।
इसको लेकर शासन ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। शासन की ओर से नदियों को प्रदूषण व अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ उनकी सफाई कराकर अस्तित्व बचाने के लिए जिलों में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला गंगा समिति नामक इस समिति के अध्यक्ष डीएम होंगे।
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लोक निर्माण विभाग व जल निगम के अधिशासी अभियंता को सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरणविद् और स्थानीय उद्योग संघ से भी एक-एक सदस्य नामित किया जाएगा। सदस्यों के चयन की जिम्मेदारी समिति अध्यक्ष की होगी। सिटी मजिस्ट्रेट जेपी गुप्ता ने बताया कि पर्यावरणविद् और स्थानीय उद्योग संघ से सदस्य चुने जाने को लेकर प्रस्ताव आंमत्रित किए गए हैं।
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जिले में सरायन, गोन, घाघरा, शारदा समेत छोटी-बड़ी कुल एक दर्जन नदियां हैं। प्रदूषण व अतिक्रमण की वजह से जीवनदायिनी इन नदियों के अस्तित्व पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। नदियों का स्वरूप लगातार मिटता जा रहा है।
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इसको लेकर शासन ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। शासन की ओर से नदियों को प्रदूषण व अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ उनकी सफाई कराकर अस्तित्व बचाने के लिए जिलों में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला गंगा समिति नामक इस समिति के अध्यक्ष डीएम होंगे।
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लोक निर्माण विभाग व जल निगम के अधिशासी अभियंता को सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरणविद् और स्थानीय उद्योग संघ से भी एक-एक सदस्य नामित किया जाएगा। सदस्यों के चयन की जिम्मेदारी समिति अध्यक्ष की होगी। सिटी मजिस्ट्रेट जेपी गुप्ता ने बताया कि पर्यावरणविद् और स्थानीय उद्योग संघ से सदस्य चुने जाने को लेकर प्रस्ताव आंमत्रित किए गए हैं।