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बाढ़ संग बारिश से बढ़ी मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sun, 16 Aug 2015 11:28 PM IST
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बाढ़ का दंश झेल रहे लोगों के लिए बारिश दोहरी मार साबित हो रही है। बाढ़ के कारण लोग घरों को छोड़कर सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं।
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पर रविवार को हुई बारिश की वजह से पीड़ित दोहरी मार झेल रहे हैं। उधर, विभिन्न बैराजों से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गांजर के लोगों में दहशत बढ़ गई है।
बीते चार दिनों से घाघरा नदी उफान पर है। पानी हल्का पड़ते ही बैराजों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ दिया जाता है। इससे घाघरा के रौद्र रूप में कोई फर्क पड़ता नहीं नजर रहा है।
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रेउसा क्षेत्र के निर्मलपुरवा, रामलाल पुरवा,सोमवारी पुरवा, गोडिन पुरवा, सिसैया बाजार, कोनी आदि 16 गांव चार दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। नाले पानी से लबालब हैं। घाघरा नदी का पानी आबादी में पहुंच रहा है।
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बाढ़ के कारण इन गांवों के सैकड़ों परिवार पलायन कर क्षेत्र की सड़कों पर डेरा डाल रखा है। पर वहां भी मुसीबत उनका पीछा नहीं छोड़ रही है। रविवार की भोर हल्की बारिश हुई, जबकि रविवार दोपहर झमाझम बरसात हुई।
बारिश के पानी में खुले आसमान के नीचे गुजर कर रहे लोग दोहरी मार झेल रहे हैं। रविवार को शारदा, घाघरा व बनबसा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक के करीब पानी नदियों में छोड़ा गया है। इससे अभी इलाके में बाढ़ का खतरा टलता नजर नहीं आ रहा है।