फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Deprived of nine and a half thousand Kisan Samman Nidhi

साढ़े नौ हजार किसान सम्मान निधि से वंचित

Sun, 26 Dec 2021 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 11:45 PM IST
विज्ञापन
Deprived of nine and a half thousand Kisan Samman Nidhi
सीतापुर। जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या फिर सिस्टम की खामी... कुछ भी हो, लेकिन जिले के साढ़े नौ हजार किसान सम्मान निधि से वंचित हैं। काफी भागदौड़, अफसरों की चौखट पर अरदास लगाने के बाद भी उन्हें सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक आधार में गड़बड़ी की वजह से किसानों को निधि पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद तहसील स्तर से सत्यापन में देरी से भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ किसानों को मिलता नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन

पीएम किसान सम्मान निधि छोटी जोत के किसानों के लिए संजीवनी सरीखी है। उन्हें इससे समय से खेत की तैयारी व बोआई करने में सुविधा मिलने के साथ ही अनावश्यक उधारी आदि समस्याओं से छुटकारा मिलता है। 2019 में योजना की जब शुरुआत हुई थी तो आधार की बाध्यता नहीं थी। इसके बाद इसे आधार से जोड़ दिया गया। यहीं से किसानों की समस्या बढ़ गई। तमाम ऐसे किसान हैं, जिनके आधार में अंकित नाम व पता खतौनी में अंकित विवरण से मैच नहीं खाते हैं। इससे वह तकनीकी खामियां से ऑनलाइन व्यवस्था में फिट नहीं बैठते।
विज्ञापन

नतीजतन निधि बैंक खाते में नहीं पहुंचती। इस प्रकार के सर्वाधिक साढ़े पांच हजार आवेदन निस्तारण के लिए लटके हैं। जिनके आधार सही होने के साथ ही नाम आदि मेल नहीं खा रहे हैं। तहसील व कृषि विभाग की सत्यापन में भी दिक्कतें आ रही हैं। साढ़े तीन हजार किसानों का तहसील स्तर पर सत्यापन नहीं हो सका है। तकरीबन पांच सौ का सत्यापन कृषि विभाग से होना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खामियों को लेकर किसान जिम्मेदारों के पास चक्कर लगा रहे हैं। कसमंडा ब्लाक के ग्राम बम्हेरा निवासी विजय पाल सिंह ने एक साल पहले आवेदन ऑनलाइन कराया था। वह बताते हैं निधि नहीं मिल रही है। कई बार लेखपाल से संपर्क किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों से भी समस्या बताई है। इसी प्रकार किसान योजना के लाभ से वंचित हैं।
जिम्मेदारों के चक्कर लगाने को मजबूर
एलिया ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम हाजीपुरबेलगवां निवासी असलम खान को किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही है। वह बताते हैं कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन किस कारण से धनराशि नहीं आ रही है। इसकी जानकारी नहीं है। बैंक से संपर्क करने पर भी जानकारी नहीं हो रही है। कमलापुर क्षेत्र के ग्राम फूलपुर के रहने वाले प्रदीप कुमार सिंह सात महीने पूर्व ऑनलाइन आवेदन किया था।
तभी से वह जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। अभी तक किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। खैराबाद जाकर भी गुहार लगाने पर समाधान नहीं हो सका है। ब्लॉक गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत मुड़ियाकैल निवासी गोपाल सिंह का कहना है कि कई बार आवेदन कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक पैसा नहीं आया है। ग्राम पंचायत केसुवामऊ के मजरा झबरापुरवा निवासी रमेश भी कई बार ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर चुके हैं, वह बताते हैं सम्मान निधि नहीं मिल रही है।

जिले के छह लाख 52 हजार किसानों को 977 करोड़ से अधिक रुपये सम्मान निधि के रूप में दिए गए हैं। आधार संबंधी गलतियों को सही कराने के लिए ब्लॉकवार स्थित बीज गोदामों में शिविर लगाकर किसानों से दस्तावेज प्राप्त कर उनका समाधान किया जा रहा है। चार हजार शिकायतों का निस्तारण हो गया है। इसे भारत सरकार के स्तर से अनुमोदित होना है।
- अरविंद मोहन मिश्र, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed