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बांध क्षतिग्रस्त, छह घर नदी में समाए
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तंबौर/रेउसा (सीतापुुर)। तराई इलाके में नदियों के जलस्तर में काफी उतर-चढ़ाव देखा जा रहा है। कई गांवों में जलस्तर घट रहा है तो कई गांवों में बढ़ भी रहा है। जलस्तर घटने से अब कटान तेज हो गया है। कम्हरिया शेखूपुर में पानी की चपेट में आकर बंधा क्षतिग्रस्त हो गया।
एक पक्का घर कटान में समा गया। इससे गांव के करीब 100 घरों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। सिंचाई विभाग के अफसर तत्काल बंधे की मरम्मत करने में जुट गए। वहीं रेउसा के फौजदारपुरवा में जलस्तर कम होने के बाद पांच परिवारों की झोपड़ी कट गई है। हालांकि ये लोग पहले ही पलायन कर चुके थे।
तंबौर इलाके के गांवों में शारदा नदी का पानी कम हो रहा है। शुक्रवार को पानी की तेज धार की वजह से कम्हरिया शेखूपुर में बाढ़ परियोजना के तहत बना बंधा अधिक दबाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गांवों की तरफ पानी बढ़ने लगा है। गांव के उमाशंकर का पक्का मकान कटान में समा गया। अचानक कटान होने से उमाशंकर घबरा गए।
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ग्रामीणों की मदद से तत्काल घर का सामान निकालकर खुले मैदान में रखवाया। अफसरों को जानकारी मिलने पर बालू की बोरियां डालकर मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। गांव के करीब 100 घरों पर अब कटान का खतरा मंडराने लगा है।
गांव के सुनील कुमार का कहना है कि यदि कटान रुका नहीं तो इसके बाद उसके मकान का नंबर आएगा। मिश्रीलाल पांडेय, मोनू, जुगलकिशोर, ब्रजकिशोर, जमुना प्रसाद, राकेश, विनोद अवस्थी, अशोक व दयाशंकर सहित सभी ग्रामवासियों ने बताया कि 27 अगस्त 2020 को जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस आई थीं।
उसके बाद मार्च में जिलाधिकारी के भ्रमण के दौरान कटान की आशंका जताई गई थी। बंधा की मरम्मत की मांग की थी लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसे हल्के में लिया। अगर सही समय पर मरम्मत कर दी होती तो आज इस गांव में कटान नहीं होता।
वहीं फौजदारपुरवा में दिनेश, रामानंद, देशराज, हीरालाल व संतोष की झोपड़ी गांव के किनारे बनी हुई थी जो कटान में बह गई। हालांकि यह पहले ही बाढ़ की आशंका के चलते गांव से पलायन कर गए थे।
बिसवां के एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि अब तक 48 घर कटान में समा गए हैं। इसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। राहत व बचाव के कार्य बराबर जारी हैं। जलस्तर पर नजर बनाए रखी जा रही है।
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एक पक्का घर कटान में समा गया। इससे गांव के करीब 100 घरों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। सिंचाई विभाग के अफसर तत्काल बंधे की मरम्मत करने में जुट गए। वहीं रेउसा के फौजदारपुरवा में जलस्तर कम होने के बाद पांच परिवारों की झोपड़ी कट गई है। हालांकि ये लोग पहले ही पलायन कर चुके थे।
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तंबौर इलाके के गांवों में शारदा नदी का पानी कम हो रहा है। शुक्रवार को पानी की तेज धार की वजह से कम्हरिया शेखूपुर में बाढ़ परियोजना के तहत बना बंधा अधिक दबाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गांवों की तरफ पानी बढ़ने लगा है। गांव के उमाशंकर का पक्का मकान कटान में समा गया। अचानक कटान होने से उमाशंकर घबरा गए।
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ग्रामीणों की मदद से तत्काल घर का सामान निकालकर खुले मैदान में रखवाया। अफसरों को जानकारी मिलने पर बालू की बोरियां डालकर मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। गांव के करीब 100 घरों पर अब कटान का खतरा मंडराने लगा है।
गांव के सुनील कुमार का कहना है कि यदि कटान रुका नहीं तो इसके बाद उसके मकान का नंबर आएगा। मिश्रीलाल पांडेय, मोनू, जुगलकिशोर, ब्रजकिशोर, जमुना प्रसाद, राकेश, विनोद अवस्थी, अशोक व दयाशंकर सहित सभी ग्रामवासियों ने बताया कि 27 अगस्त 2020 को जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस आई थीं।
उसके बाद मार्च में जिलाधिकारी के भ्रमण के दौरान कटान की आशंका जताई गई थी। बंधा की मरम्मत की मांग की थी लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसे हल्के में लिया। अगर सही समय पर मरम्मत कर दी होती तो आज इस गांव में कटान नहीं होता।
वहीं फौजदारपुरवा में दिनेश, रामानंद, देशराज, हीरालाल व संतोष की झोपड़ी गांव के किनारे बनी हुई थी जो कटान में बह गई। हालांकि यह पहले ही बाढ़ की आशंका के चलते गांव से पलायन कर गए थे।
बिसवां के एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि अब तक 48 घर कटान में समा गए हैं। इसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। राहत व बचाव के कार्य बराबर जारी हैं। जलस्तर पर नजर बनाए रखी जा रही है।