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फिर कटी लहरपुर नहर पटरी, सौ बीघा खेत डूबे
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Tue, 16 Feb 2016 10:57 PM IST
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सिंचाई विभाग की लापरवाही क्षेत्र के किसानों को बर्बाद करकेही मानेगी। सोमवार रात को एक बार फिर से लहरपुर नहर की पटरी कट गई। जिससे नहर के करीब सौ बीघा खेत पानी से लबालब हो गए हैं। एक सप्ताह पहले भी नहर कट जाने से उसका पानी फसलों को बर्बाद कर चुका है।
बता दें कि यह तीसरा मौका है, जब इस नहर की पटरी कटी है। अभी खेतों में भरा पानी सूखा भी नहीं था कि नहर की पटरी कट गई। इससे क्षेत्र का किसान कराह उठा है, जो भी फसल बची थी, वह पूरी तरह से बर्बाद होती नजर आ रही है। लहरपुर नहर मोहिद्दीनपुर गांव के करीब से होकर गुजरती है।
सोमवार की रात गांव के निकट नहर पटरी कट गई। इससे नहर का पानी करीब के खेतों में बहने लगा। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीणों की नींद खुली, तब लोगों को नहर की पटरी कटी नजर आई। तब तक इस क्षेत्र के करीब 100 बीघा खेतों में नहर का पानी भर चुका था।
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ग्रामीणों ने इसकी सूचना फिर से सिंचाई विभाग को दी, जिसके बाद दोपहर के समय अवर अभियंता अनूप राजवंशी टीम के साथ पहुंचे और नहर पटरी को दुरुस्त करने में जुट गए। मगर उस समय तक इस क्षेत्र के गुलरी पुरवा, मोहिद्दीनपुर, बरगदहा, मूड़ीखेरा, दर्जिनपुरवा आदि गांवों के 100 बीघा से अधिक खेत पानी से लबालब हो चुके थे और गेहूं, मटर, चना, मसूर फसल एक बार फिर से जलमगभन हो गई।
क्षेत्र के किसान क्षत्रपाल, अंबरीश, विनोद, सुशील, श्रीकेशन, हबीब आदि का कहना है कि अभी नौ फरवरी को नहर पटरी कटी थी, जिससे क्षेत्र के करीब 250 बीघा खेतों में पानी भर गया था। नहर पटरी को तीन दिन बाद दुरुस्त किया जा सका था।
अभी इन खेतों का पानी सूख भी नहीं पाया था कि सोमवार की रात फिर से नहर पटरी कट गई। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पटरी कट रही है। इससे चना, मटर, मसूर, मेंथा की फसल नष्ट हो चुुकी है। जबकि गेहूं की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है।
देर शाम तक सिंचाई विभाग ने ग्रामीणों की मदद से नहर पटरी को दुरुस्त कर लिया था। किसानों के दिल में फिर से नहर पटरी कटने का भय सता रहा है।
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बता दें कि यह तीसरा मौका है, जब इस नहर की पटरी कटी है। अभी खेतों में भरा पानी सूखा भी नहीं था कि नहर की पटरी कट गई। इससे क्षेत्र का किसान कराह उठा है, जो भी फसल बची थी, वह पूरी तरह से बर्बाद होती नजर आ रही है। लहरपुर नहर मोहिद्दीनपुर गांव के करीब से होकर गुजरती है।
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सोमवार की रात गांव के निकट नहर पटरी कट गई। इससे नहर का पानी करीब के खेतों में बहने लगा। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीणों की नींद खुली, तब लोगों को नहर की पटरी कटी नजर आई। तब तक इस क्षेत्र के करीब 100 बीघा खेतों में नहर का पानी भर चुका था।
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ग्रामीणों ने इसकी सूचना फिर से सिंचाई विभाग को दी, जिसके बाद दोपहर के समय अवर अभियंता अनूप राजवंशी टीम के साथ पहुंचे और नहर पटरी को दुरुस्त करने में जुट गए। मगर उस समय तक इस क्षेत्र के गुलरी पुरवा, मोहिद्दीनपुर, बरगदहा, मूड़ीखेरा, दर्जिनपुरवा आदि गांवों के 100 बीघा से अधिक खेत पानी से लबालब हो चुके थे और गेहूं, मटर, चना, मसूर फसल एक बार फिर से जलमगभन हो गई।
क्षेत्र के किसान क्षत्रपाल, अंबरीश, विनोद, सुशील, श्रीकेशन, हबीब आदि का कहना है कि अभी नौ फरवरी को नहर पटरी कटी थी, जिससे क्षेत्र के करीब 250 बीघा खेतों में पानी भर गया था। नहर पटरी को तीन दिन बाद दुरुस्त किया जा सका था।
अभी इन खेतों का पानी सूख भी नहीं पाया था कि सोमवार की रात फिर से नहर पटरी कट गई। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पटरी कट रही है। इससे चना, मटर, मसूर, मेंथा की फसल नष्ट हो चुुकी है। जबकि गेहूं की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है।
देर शाम तक सिंचाई विभाग ने ग्रामीणों की मदद से नहर पटरी को दुरुस्त कर लिया था। किसानों के दिल में फिर से नहर पटरी कटने का भय सता रहा है।