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एसपी सीतापुर मय केस डायरी हों हाजिर
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:18 PM IST
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एसपी केस डायरी समेत हाजिर हों
अपर सत्र न्यायाधीश ने 26 जुलाई को कोर्ट में किया तलब
चोरी के एक मामले में मुल्जिम के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बिफरे
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। चोरी के मामले में आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बार-बार मौका मांगने पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रहलाद टंडन बिफर गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को 26 जुलाई को मामले की केस डायरी समेत व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश सुना दिया। आदेश में कहा कि एसपी यदि न्यायालय में उपस्थित नहीं होते हैं तो कोर्ट पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों को एसपी के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करेगा।
बिसवां में चोरी की घटना में प्रहलाद नाम के मुल्जिम के जमानत प्रार्थना पत्र की अपर सत्र न्यायालय संख्या-6 में सुनवाई के दौरान आवश्यक प्रपत्रों को अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में लाना नियत था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान बिसवां थाने के पैरोकार ने जब स्थगन प्रार्थना पत्र दिया। तो न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पूर्व भी अभियोजन पक्ष कई बार मौका ले चुका है। मंगलवार को पैरोकार द्वारा दिए गए स्थगन पत्र में प्रभारी निरीक्षक द्वारा अग्रसारित होने की संस्तुति न होना, विवेचक की जीडी रवानगी का जिक्र स्थगन पत्र में न होने के आधार पर न्यायालय ने न्याय संगत नहीं माना। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने एसपी सीतापुर को आदेश दिया कि वे 26 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे मामले की केस डायरी समेत व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने कहा कि यदि एसपी न्यायालय में हाजिर नहीं होते हैं, तो ऐसी दशा में न्यायालय एसपी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई की अनुशंसा करेगा।
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अपर सत्र न्यायाधीश ने 26 जुलाई को कोर्ट में किया तलब
चोरी के एक मामले में मुल्जिम के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बिफरे
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। चोरी के मामले में आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बार-बार मौका मांगने पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रहलाद टंडन बिफर गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को 26 जुलाई को मामले की केस डायरी समेत व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश सुना दिया। आदेश में कहा कि एसपी यदि न्यायालय में उपस्थित नहीं होते हैं तो कोर्ट पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों को एसपी के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करेगा।
बिसवां में चोरी की घटना में प्रहलाद नाम के मुल्जिम के जमानत प्रार्थना पत्र की अपर सत्र न्यायालय संख्या-6 में सुनवाई के दौरान आवश्यक प्रपत्रों को अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में लाना नियत था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान बिसवां थाने के पैरोकार ने जब स्थगन प्रार्थना पत्र दिया। तो न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पूर्व भी अभियोजन पक्ष कई बार मौका ले चुका है। मंगलवार को पैरोकार द्वारा दिए गए स्थगन पत्र में प्रभारी निरीक्षक द्वारा अग्रसारित होने की संस्तुति न होना, विवेचक की जीडी रवानगी का जिक्र स्थगन पत्र में न होने के आधार पर न्यायालय ने न्याय संगत नहीं माना। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने एसपी सीतापुर को आदेश दिया कि वे 26 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे मामले की केस डायरी समेत व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने कहा कि यदि एसपी न्यायालय में हाजिर नहीं होते हैं, तो ऐसी दशा में न्यायालय एसपी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई की अनुशंसा करेगा।
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