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हत्या में दो सगे भाईयों को उम्रकैद
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:18 PM IST
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हत्यारे भाइयों को उम्रकैद
कुत्ते को गाली देने से नाराज होकर पिटाई के बाद फेंक दिया था कुएं में
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश संजय शंकर पांडेय ने हत्यारे दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसी परिवार के तीन सदस्यों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने की। 19 अगस्त 2013 की रात नरेंद्र यादव की हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई जब वह सीतापुर से अपने गांव खैराबाद लौट रहा था। बताते हैं कि दोषियों के कुत्ते नरेंद्र पर भौंक रहे थे। इस पर उसने कुत्ते को गाली दे दी। नरेंद्र के भाई नरेश के मुताबिक कुत्ते को गाली देने से नाराज संकटा यादव अपने चार पुत्रों इंद्रपाल, गोविंद, सालिकराम व रघुनाथ के साथ लाठी-डंडा लेकर आ गए और नरेंद्र को पीटकर गांव के ही कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र प्रेषित किया। जिसमें कोर्ट ने घटना के लिए सिर्फ गोविंद व इंद्रपाल को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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कुत्ते को गाली देने से नाराज होकर पिटाई के बाद फेंक दिया था कुएं में
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश संजय शंकर पांडेय ने हत्यारे दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसी परिवार के तीन सदस्यों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने की। 19 अगस्त 2013 की रात नरेंद्र यादव की हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई जब वह सीतापुर से अपने गांव खैराबाद लौट रहा था। बताते हैं कि दोषियों के कुत्ते नरेंद्र पर भौंक रहे थे। इस पर उसने कुत्ते को गाली दे दी। नरेंद्र के भाई नरेश के मुताबिक कुत्ते को गाली देने से नाराज संकटा यादव अपने चार पुत्रों इंद्रपाल, गोविंद, सालिकराम व रघुनाथ के साथ लाठी-डंडा लेकर आ गए और नरेंद्र को पीटकर गांव के ही कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र प्रेषित किया। जिसमें कोर्ट ने घटना के लिए सिर्फ गोविंद व इंद्रपाल को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।