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पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला, हत्यारोपी को छुड़ाया, दो पुलिसकर्मी जख्मी
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:17 AM IST
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बिसवां क्षेत्र के डिघिया गांव का मामला
सीतापुर/सांडा। बिसवां कोतवाली क्षेत्र में प्रधान की हत्या के मामले में वांछित चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से प्रहार करने के साथ पथराव भी किया। जिसकी वजह से दो पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
इसी बीच वांछित आरोपी मौके से निकल भागने में सफल रहा। पुलिस ने इस मामले में बिसवां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की है। जख्मी पुलिस कर्मियों का इलाज बिसवां सीएचसी में कराया गया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस के अधिकारी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बैठक कर रणनीति बना रहे थे।
बता दें कि गत 28 नवंबर 2017 को तालगांव कोतवाली क्षेत्र के मोहरैया कलां के प्रधान निर्मल सिंह की परसेंडी रेलवे स्टेशन के निकट गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही मनोज सिंह आदि के खिलाफ तालगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बावजूद इसके इस घटना का मुख्य आरोपी मनोज सिंह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली, कि मनोज सिंह बिसवां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बसईडीह गांव में राम सिंह के घर पर मौजूद है। सूचना मिलते ही तालगांव प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह, खैराबाद थानाध्यक्ष सचिन सिंह ने पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम के साथ बसईडीह गांव में छापेमारी की।
सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस कर्मी राम सिंह के घर पहुंच गए और मनोज सिंह को दबोच लिया। इसी बीच गृहस्वामी ने शोर मचा दिया। शोर सुनते ही गांव के तमाम लोग एकत्र हो गए, जिन्होंने लाठी-डंडों से हमला करने के साथ पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही पुलिस टीम में हड़कंप मच गया।
इसी बीच मनोज सिंह पुलिस के जवानों को धक्का देकर निकल भागा। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से भागकर वहां से जान बचाई। तब तक क्राइम ब्रांच का सिपाही सोनेंद्र गुर्जर व तालगांव थाने का सिपाही शशि मलिक घायल हो चुके थे।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक तालगांव ज्ञानेंद्र सिंह ने बिसवां कोतवाली में बसईडीह निवासी राम सिंह आदि के खिलाफ तहरीर दी। ज्ञानेंद्र ने बताया कि घटना की रिपोर्ट बिसवां कोतवाली में दर्ज करा दी गई है।
इधर घटना की जानकारी होने के बाद एसपी आनंद कुलकर्णी ने अधीनस्थों की बैठक बुलाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रणनीति बनाने लग गए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की थी। वहीं अधिकारी इस संबंध में बयान देने से बचते नजर आए।
नया नहीं है पुलिस टीम पर हमला
बिसवां में पुलिस टीम पर हमले की घटना जिले के लिए कोई नई नहीं है। बल्कि जब तब पुलिस टीमों पर इस तरह के हमले होते रहे हैं। हाल ही की बात है, गत 24 जनवरी को थानगांव थाना क्षेत्र में एक मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक एके श्रीवास्तव थाने के होमगार्ड रामपाल के साथ ग्राम धमौड़ा गए थे।
यहां पर गांव के संदीप व उसके परिवारीजनों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। दबंगों ने न सिर्फ उपनिरीक्षक व होमगार्ड की पिटाई की। बल्कि दरोगा का रिवॉल्वर व मोबाइल फोन भी लूट ले गए थे। हालांकि इस मामले में अगले ही दिन पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर रिवॉल्वर व मोबाइल फोन बरामद कर लिया था।
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सीतापुर/सांडा। बिसवां कोतवाली क्षेत्र में प्रधान की हत्या के मामले में वांछित चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से प्रहार करने के साथ पथराव भी किया। जिसकी वजह से दो पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
इसी बीच वांछित आरोपी मौके से निकल भागने में सफल रहा। पुलिस ने इस मामले में बिसवां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की है। जख्मी पुलिस कर्मियों का इलाज बिसवां सीएचसी में कराया गया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस के अधिकारी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बैठक कर रणनीति बना रहे थे।
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बता दें कि गत 28 नवंबर 2017 को तालगांव कोतवाली क्षेत्र के मोहरैया कलां के प्रधान निर्मल सिंह की परसेंडी रेलवे स्टेशन के निकट गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही मनोज सिंह आदि के खिलाफ तालगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बावजूद इसके इस घटना का मुख्य आरोपी मनोज सिंह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली, कि मनोज सिंह बिसवां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बसईडीह गांव में राम सिंह के घर पर मौजूद है। सूचना मिलते ही तालगांव प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह, खैराबाद थानाध्यक्ष सचिन सिंह ने पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम के साथ बसईडीह गांव में छापेमारी की।
सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस कर्मी राम सिंह के घर पहुंच गए और मनोज सिंह को दबोच लिया। इसी बीच गृहस्वामी ने शोर मचा दिया। शोर सुनते ही गांव के तमाम लोग एकत्र हो गए, जिन्होंने लाठी-डंडों से हमला करने के साथ पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही पुलिस टीम में हड़कंप मच गया।
इसी बीच मनोज सिंह पुलिस के जवानों को धक्का देकर निकल भागा। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से भागकर वहां से जान बचाई। तब तक क्राइम ब्रांच का सिपाही सोनेंद्र गुर्जर व तालगांव थाने का सिपाही शशि मलिक घायल हो चुके थे।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक तालगांव ज्ञानेंद्र सिंह ने बिसवां कोतवाली में बसईडीह निवासी राम सिंह आदि के खिलाफ तहरीर दी। ज्ञानेंद्र ने बताया कि घटना की रिपोर्ट बिसवां कोतवाली में दर्ज करा दी गई है।
इधर घटना की जानकारी होने के बाद एसपी आनंद कुलकर्णी ने अधीनस्थों की बैठक बुलाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रणनीति बनाने लग गए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की थी। वहीं अधिकारी इस संबंध में बयान देने से बचते नजर आए।
नया नहीं है पुलिस टीम पर हमला
बिसवां में पुलिस टीम पर हमले की घटना जिले के लिए कोई नई नहीं है। बल्कि जब तब पुलिस टीमों पर इस तरह के हमले होते रहे हैं। हाल ही की बात है, गत 24 जनवरी को थानगांव थाना क्षेत्र में एक मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक एके श्रीवास्तव थाने के होमगार्ड रामपाल के साथ ग्राम धमौड़ा गए थे।
यहां पर गांव के संदीप व उसके परिवारीजनों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। दबंगों ने न सिर्फ उपनिरीक्षक व होमगार्ड की पिटाई की। बल्कि दरोगा का रिवॉल्वर व मोबाइल फोन भी लूट ले गए थे। हालांकि इस मामले में अगले ही दिन पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर रिवॉल्वर व मोबाइल फोन बरामद कर लिया था।