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प्रिंटेड पेपर में नहीं बिकेंगे खाद्य पदार्थ
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:50 AM IST
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अखबारों की स्याही से कम हो रही रोग प्रतिरोधक क्षमता
विशेषज्ञ बोले, समाचारपत्रों में लिपटे खाद्य पदार्थों का न करें प्रयोग
शासन ने प्रिन्टेड पेपर में सामान बिक्री पर लगाया प्रतिबंध
सीतापुर। अब व्यापारी किसी भी खाद्य पदार्थ को अखबारों में लपेटकर नहीं बेच सकेंगे। इन अखबारों के छापने में प्रयोग होने वाली स्याही में मिले केमिकल का असर खाद्य पदार्थों पर भी पड़ता है। यह केमिकल मानवजीवन के लिए हानिकारक होता है। इस पर शासन ने प्रिन्टेड पेपर में खाद्य सामग्री लपेट कर बेचने पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
मालूम हो कि ज्यादातर व्यापारी या ठेले वाले खाद्य पदार्थों को अखबारों या किसी प्रिंटेड कागज पर लपेटकर बेचते हैं। यही नहीं इन्हीं अखबारों और प्रिंटेड कागजों पर वे खाद्य पदार्थो का भंडारण व पैकेजिंग भी कर करते हैं। शासन का मानना है कि अखबार की छपाई में जिस केमिकल का प्रयोग होता है। वह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। अखबरों में लिपटे खाद्य पदार्थों के खाने का असर शरीर पर भी पड़ता है। इससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। इस बाबत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त कामिनी चौहान रतन ने जिले के अभिहित अधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में अखबारों में लपेट कर खाद्य पदार्थ बेचने पर तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया गया है कि इस दौरान अगर कोई व्यापारी अखबारों या छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों बेचते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पत्र में छपे कागजों से पैकेजिंग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
शासन ने एक बरस साल के लिए अखबारों में लपेटकर खाद्य पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको लेकर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद कुमार यादव, अभिहित अधिकारी
विशेषज्ञ बोले, समाचारपत्रों में लिपटे खाद्य पदार्थों का न करें प्रयोग
शासन ने प्रिन्टेड पेपर में सामान बिक्री पर लगाया प्रतिबंध
सीतापुर। अब व्यापारी किसी भी खाद्य पदार्थ को अखबारों में लपेटकर नहीं बेच सकेंगे। इन अखबारों के छापने में प्रयोग होने वाली स्याही में मिले केमिकल का असर खाद्य पदार्थों पर भी पड़ता है। यह केमिकल मानवजीवन के लिए हानिकारक होता है। इस पर शासन ने प्रिन्टेड पेपर में खाद्य सामग्री लपेट कर बेचने पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
मालूम हो कि ज्यादातर व्यापारी या ठेले वाले खाद्य पदार्थों को अखबारों या किसी प्रिंटेड कागज पर लपेटकर बेचते हैं। यही नहीं इन्हीं अखबारों और प्रिंटेड कागजों पर वे खाद्य पदार्थो का भंडारण व पैकेजिंग भी कर करते हैं। शासन का मानना है कि अखबार की छपाई में जिस केमिकल का प्रयोग होता है। वह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। अखबरों में लिपटे खाद्य पदार्थों के खाने का असर शरीर पर भी पड़ता है। इससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। इस बाबत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त कामिनी चौहान रतन ने जिले के अभिहित अधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में अखबारों में लपेट कर खाद्य पदार्थ बेचने पर तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया गया है कि इस दौरान अगर कोई व्यापारी अखबारों या छपे कागजों पर खाद्य पदार्थों बेचते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पत्र में छपे कागजों से पैकेजिंग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
शासन ने एक बरस साल के लिए अखबारों में लपेटकर खाद्य पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको लेकर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद कुमार यादव, अभिहित अधिकारी