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साढ़े चार लाख बच्चे स्वच्छता का पढ़ेंगे पाठ
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालय के साढ़े चार लाख बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाएगा। उनमेें स्वच्छता की आदत स्कूल से ही डाली जाएगी। इसके लिए बच्चों को हैंडवॉस के तौर तरीके बताएं जाएंगे। विद्यालयों में हैंडवॉस सिस्टम विकसित होगा। इस सिस्टम के तहत स्कूलों में बोरिंग कराकर पानी की टंकियां लगाई जाएंगी। हैंडवॉस के लिए वॉस बेसिन लगेगी। इसमें नौनिहाल खाना खाने के पहले व बाद में हाथ धुल सकेंगे। यह काम पंचायती राज विभाग से होंगे।
जिले में 3015 प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब तीन लाख नौनिहाल पढ़ रहे हैं। 1156 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में डेढ़ लाख नौनिहाल अध्ययनरत हैं। जनपद के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हैंडवॉस सिस्टम बनाया जाएगा। इसका फायदा यहां पर पढ़ने वाले करीब साढ़े चार लाख नौनिहालों को इसका फायदा मिलेगा। ग्राम पंचायत अपने गांव के स्कूलों में निर्माण कार्य कराएंगे।
केंद्र सरकार स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन चला रही है। इसके तहत लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इसकी शुरुआत विद्यालयों से होगी। शासन का मानना है कि अगर बच्चों में स्वच्छता की शुरुआत से ही आदत डाल दी जाए तो स्वच्छता उनकी दिनचर्या में शामिल हो जाएगी। इसके तहत अब विद्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाएगा। बच्चों को पहले सुरक्षित हैंडवॉस के तौर तरीके बताए जाएंगे।
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उनको हैंडवॉस के लिए स्कूल में बेहतर माहौल दिया जाएगा। प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में हैंडवॉस सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में समरसेबल बोरिंग कराई जाएगी। विद्यालयों में पानी की टंकियां लगाई जाएंगी। यह विकास कार्य पंचायती राज विभाग से कराए जाएंगे। ग्राम प्रधान अपनी निधि से विद्यालयों में कायाकल्प कराएंगे।
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जिले में 3015 प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब तीन लाख नौनिहाल पढ़ रहे हैं। 1156 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में डेढ़ लाख नौनिहाल अध्ययनरत हैं। जनपद के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हैंडवॉस सिस्टम बनाया जाएगा। इसका फायदा यहां पर पढ़ने वाले करीब साढ़े चार लाख नौनिहालों को इसका फायदा मिलेगा। ग्राम पंचायत अपने गांव के स्कूलों में निर्माण कार्य कराएंगे।
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केंद्र सरकार स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन चला रही है। इसके तहत लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इसकी शुरुआत विद्यालयों से होगी। शासन का मानना है कि अगर बच्चों में स्वच्छता की शुरुआत से ही आदत डाल दी जाए तो स्वच्छता उनकी दिनचर्या में शामिल हो जाएगी। इसके तहत अब विद्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाएगा। बच्चों को पहले सुरक्षित हैंडवॉस के तौर तरीके बताए जाएंगे।
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उनको हैंडवॉस के लिए स्कूल में बेहतर माहौल दिया जाएगा। प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में हैंडवॉस सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में समरसेबल बोरिंग कराई जाएगी। विद्यालयों में पानी की टंकियां लगाई जाएंगी। यह विकास कार्य पंचायती राज विभाग से कराए जाएंगे। ग्राम प्रधान अपनी निधि से विद्यालयों में कायाकल्प कराएंगे।