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जिला अस्पताल में बेड फुल, मरीज बेहाल
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जिला अस्पताल के मेडिकल बी वार्ड में भर्ती मरीज। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। मरीजों को ओपीडी व इमरजेंसी में दवाएं देकर लौटाया जा रहा है। गंभीर मरीज भी भर्ती न हो पाने के कारण भटकने के लिए मजबूर हैं।
जिला अस्पताल की क्षमता 220 बेड की है। इस समय अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती है। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों की रियलटी परखी तो हर तरफ मरीज ही मरीज दिखाई दिए। जिला अस्पताल का महिला वार्ड फुल दिखाई दिया। मेडिकल-बी वार्ड में भी मरीज भर्ती नजर आए। यहां पर एक भी बेड खाली नहीं था।
हर ओर मरीज ही मरीज दिखाई दे रहे थे। कुछ मरीजों ने बताया कि बहुत मुश्किल से बेड मिल पाया था। जब अस्पताल के बेड फुल हो गए है तो अन्य मरीजों को भर्ती होने में समस्या आ रही है। इससे उनको भर्ती करके इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है।
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‘नहीं किया भर्ती, दवा देकर लौटाया’
पुराने सीतापुर के निवासी शाद दिल की समस्या से परेशान हैं। वे जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे। उनकी हालात गंभीर हो रही थी। शाद ने बताया कि इमरजेंसी में चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सकता है।
अस्पताल के बेड फुल हैं। खैराबाद की रूसखाना का पेट में दर्द हो रहा था। इमरजेंसी में कुछ दवाइयां और इंजेक्शन दिया गया। इससे रूसखाना को कुछ फायदा मिला। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड के लिए कहा। इस पर रूसखाना ने भर्ती करने की बात की। चिकित्सकों ने बेड न होने की बात कहकर इससे इंकार कर दिया।
खिड़कियां खुलीं, सर्द हवा कर रही परेशान
हड्डी वार्ड के मरीजों को ठंड से बचना मुश्किल हो रहा है। इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। इससे वार्ड की अधिकांश खिड़कियां खुली हुई है। शाम के समय ठंडी हवा चलने से मरीजों को ठंड से बचना मुश्किल हो रहा है। इस पर उनके परिजन खिड़कियों में चादर ढककर हवा रोकने का प्रयास कर रहे है। फिर भी मरीज ठंड से परेशान हैं। उनके साथ रूकने वाले तीमारदार भी ठंड से बचने का प्रयास कर रहे है।
दिल, पेट दर्द व कोल्ड डायरिया के अधिक मरीज
जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इस समय दिल व सांस की बीमारी के अधिक मरीज आ रहे है। बच्चों में कोल्ड डायरिया भी हो रहा है। फीवर के भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। इसकी वजह से अस्पताल के बेड फुल हो रहे है। जिससे मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतें आ रही है।
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जिला अस्पताल की क्षमता 220 बेड की है। इस समय अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती है। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों की रियलटी परखी तो हर तरफ मरीज ही मरीज दिखाई दिए। जिला अस्पताल का महिला वार्ड फुल दिखाई दिया। मेडिकल-बी वार्ड में भी मरीज भर्ती नजर आए। यहां पर एक भी बेड खाली नहीं था।
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हर ओर मरीज ही मरीज दिखाई दे रहे थे। कुछ मरीजों ने बताया कि बहुत मुश्किल से बेड मिल पाया था। जब अस्पताल के बेड फुल हो गए है तो अन्य मरीजों को भर्ती होने में समस्या आ रही है। इससे उनको भर्ती करके इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है।
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‘नहीं किया भर्ती, दवा देकर लौटाया’
पुराने सीतापुर के निवासी शाद दिल की समस्या से परेशान हैं। वे जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे। उनकी हालात गंभीर हो रही थी। शाद ने बताया कि इमरजेंसी में चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सकता है।
अस्पताल के बेड फुल हैं। खैराबाद की रूसखाना का पेट में दर्द हो रहा था। इमरजेंसी में कुछ दवाइयां और इंजेक्शन दिया गया। इससे रूसखाना को कुछ फायदा मिला। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड के लिए कहा। इस पर रूसखाना ने भर्ती करने की बात की। चिकित्सकों ने बेड न होने की बात कहकर इससे इंकार कर दिया।
खिड़कियां खुलीं, सर्द हवा कर रही परेशान
हड्डी वार्ड के मरीजों को ठंड से बचना मुश्किल हो रहा है। इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। इससे वार्ड की अधिकांश खिड़कियां खुली हुई है। शाम के समय ठंडी हवा चलने से मरीजों को ठंड से बचना मुश्किल हो रहा है। इस पर उनके परिजन खिड़कियों में चादर ढककर हवा रोकने का प्रयास कर रहे है। फिर भी मरीज ठंड से परेशान हैं। उनके साथ रूकने वाले तीमारदार भी ठंड से बचने का प्रयास कर रहे है।
दिल, पेट दर्द व कोल्ड डायरिया के अधिक मरीज
जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इस समय दिल व सांस की बीमारी के अधिक मरीज आ रहे है। बच्चों में कोल्ड डायरिया भी हो रहा है। फीवर के भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। इसकी वजह से अस्पताल के बेड फुल हो रहे है। जिससे मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतें आ रही है।