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भाजपा सरकार में दलितों और ब्राह्मणों पर हो रहा अत्याचार : सतीश
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शहर के एक गेस्ट में बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र का माल्यार्पण करते कार्यकर्ता।
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। 2022 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण कार्ड से यूपी फतह करने की उम्मीद से मैदान में उतरी बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने गुरुवार को भाजपा और सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों और ब्राह्मणों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहा है।
सतीश मिश्रा शहर के एक गेेस्ट हाउस में बहुजन समाज पार्टी की ओर से आयोजित प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान, सुरक्षा और तरक्की के लिए विचार गोष्ठी में लखीमपुर से सीतापुर पहुंचे थे। मंत्रोच्चारण और शंखनाद से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव ने भाजपा पर हमलावर हुए। कहा कि इस सरकार में नौकरी मिली नहीं, चली गई है। पांच साल में प्रदेश के लोगों ने बहुत परेशानियां झेली हैं।
अगर इस बार दोबारा भाजपा सरकार बनी तो आपको घर, जिला ही नहीं प्रदेश को छोड़ने पर मजबूर किया जाएगा। बसपा की सरकार में एक भी दंगा-फसाद नहीं हुए। दंगा, फसाद होते नहीं हैं, कराए जाते हैं और यह काम भाजपा और सपा की सरकारें करती हैं। कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा उत्पीड़न और अत्याचार ब्राह्मण और दलितों का हुआ है। जितने भी एनकाउंटर किए गए, उनमें सबसे ज्यादा ब्राह्मण ही थे।
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लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों की हत्याएं की गई। सैकड़ों लोगों को मार दिया गया। भाजपा सरकार में यह होना ही था। महिलाएं, बच्चियां कोई भी सुरक्षित नहीं है। यूपी में हर दो घंटे में एक रेप की घटना हो रही है। ब्राह्मण समाज इस सरकार में डरा और भयभीत है। मायावती की सरकार में कानून का राज चलता था।
चुनाव का समय आने पर भाजपा सरकार झूठे वादे करके सत्ता में आ जाती है। इसके बाद उसे प्रदेश की जनता से कोई वास्ता नहीं रहता। मायावती की सरकार में अयोध्या से लेकर बनारस और वृंदावन तक विकास कार्य किए गए। आप लोग तुलना कर लीजिए, इस सरकार और बसपा की सरकार से।
उन्होंने कहा कि हम लोग भगवान परशुराम के अनुयायी हैं। ब्राह्मण समाज कभी डरा नहीं है। हम लोगों को एक होने की जरूरत है। अगर अपना खोया हुआ मान सम्मान वापस लाना है तो मायावती के हाथ मजबूत करने होंगे। मायावती को पांचवीं बार यूपी का मुख्यमंत्री बनाकर अमन-चैन की सरकार बनाएं। करीब पौन घंटे के भाषण में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के निशाने पर भाजपा ही रही।
सपा पर भी वह बीच-बीच में हमलावर होते रहे। इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष विकास राजवंशी, नकुल दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष राममूर्ति मधुकर से लेकर तमाम बसपाई और लखीमपुर, हरदोई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का नहीं लिया नाम
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने करीब 45 मिनट के भाषण में पूरे समय भाजपा और सपा पर हमलावर हुए, लेकिन कांग्रेस का नाम नहीं लिया। इस सवाल पर वह बोले कि ऐसी पार्टी का नाम लेने से क्या फायदा, जिसका यूपी में कोई नाम लेने वाला नहीं है। खुद कांग्रेस के लोग नाम लेने वाले नहीं है तो ऐसी पार्टी का नाम लेकर मैं अपना समय क्यों बर्बाद करूं।
बसपा सर्वसमाज की पार्टी है...
दलितों की पार्टी कही जाने वाली बसपा के इस बार ब्राह्मण कार्ड खेले जाने के उठाए गए सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने कहा कि कौन कहता है कि बसपा दलितों की पार्टी है। बसपा सर्वजमाज की पार्टी है। 2007 में बसपा का नारा था सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।
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सतीश मिश्रा शहर के एक गेेस्ट हाउस में बहुजन समाज पार्टी की ओर से आयोजित प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान, सुरक्षा और तरक्की के लिए विचार गोष्ठी में लखीमपुर से सीतापुर पहुंचे थे। मंत्रोच्चारण और शंखनाद से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव ने भाजपा पर हमलावर हुए। कहा कि इस सरकार में नौकरी मिली नहीं, चली गई है। पांच साल में प्रदेश के लोगों ने बहुत परेशानियां झेली हैं।
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अगर इस बार दोबारा भाजपा सरकार बनी तो आपको घर, जिला ही नहीं प्रदेश को छोड़ने पर मजबूर किया जाएगा। बसपा की सरकार में एक भी दंगा-फसाद नहीं हुए। दंगा, फसाद होते नहीं हैं, कराए जाते हैं और यह काम भाजपा और सपा की सरकारें करती हैं। कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा उत्पीड़न और अत्याचार ब्राह्मण और दलितों का हुआ है। जितने भी एनकाउंटर किए गए, उनमें सबसे ज्यादा ब्राह्मण ही थे।
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लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों की हत्याएं की गई। सैकड़ों लोगों को मार दिया गया। भाजपा सरकार में यह होना ही था। महिलाएं, बच्चियां कोई भी सुरक्षित नहीं है। यूपी में हर दो घंटे में एक रेप की घटना हो रही है। ब्राह्मण समाज इस सरकार में डरा और भयभीत है। मायावती की सरकार में कानून का राज चलता था।
चुनाव का समय आने पर भाजपा सरकार झूठे वादे करके सत्ता में आ जाती है। इसके बाद उसे प्रदेश की जनता से कोई वास्ता नहीं रहता। मायावती की सरकार में अयोध्या से लेकर बनारस और वृंदावन तक विकास कार्य किए गए। आप लोग तुलना कर लीजिए, इस सरकार और बसपा की सरकार से।
उन्होंने कहा कि हम लोग भगवान परशुराम के अनुयायी हैं। ब्राह्मण समाज कभी डरा नहीं है। हम लोगों को एक होने की जरूरत है। अगर अपना खोया हुआ मान सम्मान वापस लाना है तो मायावती के हाथ मजबूत करने होंगे। मायावती को पांचवीं बार यूपी का मुख्यमंत्री बनाकर अमन-चैन की सरकार बनाएं। करीब पौन घंटे के भाषण में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के निशाने पर भाजपा ही रही।
सपा पर भी वह बीच-बीच में हमलावर होते रहे। इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष विकास राजवंशी, नकुल दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष राममूर्ति मधुकर से लेकर तमाम बसपाई और लखीमपुर, हरदोई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का नहीं लिया नाम
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने करीब 45 मिनट के भाषण में पूरे समय भाजपा और सपा पर हमलावर हुए, लेकिन कांग्रेस का नाम नहीं लिया। इस सवाल पर वह बोले कि ऐसी पार्टी का नाम लेने से क्या फायदा, जिसका यूपी में कोई नाम लेने वाला नहीं है। खुद कांग्रेस के लोग नाम लेने वाले नहीं है तो ऐसी पार्टी का नाम लेकर मैं अपना समय क्यों बर्बाद करूं।
बसपा सर्वसमाज की पार्टी है...
दलितों की पार्टी कही जाने वाली बसपा के इस बार ब्राह्मण कार्ड खेले जाने के उठाए गए सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने कहा कि कौन कहता है कि बसपा दलितों की पार्टी है। बसपा सर्वजमाज की पार्टी है। 2007 में बसपा का नारा था सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।